मंत्रिपरिषद बैठक के बाद PM मोदी बोले — 'विकसित भारत' के लिए सुधारों पर हुई सार्थक चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि नई दिल्ली में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक 'सार्थक' रही और उसमें 'ईज ऑफ लिविंग' तथा 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के साथ-साथ 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार करने हेतु सुधारों को आगे बढ़ाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक विदेश दौरों से लौटने के बाद गुरुवार, 21 मई को शाम 5 बजे 'सेवा तीर्थ' में आयोजित की गई थी।
बैठक का स्वरूप और उपस्थिति
इस मंत्रिपरिषद बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि यह इस साल की पहली पूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक थी। इससे पहले ऐसी पूर्ण बैठक 4 जून 2025 को आयोजित की गई थी — यानी करीब साढ़े ग्यारह महीने के अंतराल के बाद यह बैठक हुई।
PM मोदी का एक्स पर बयान
बैठक के अगले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा: 'कल मंत्रिपरिषद की एक सार्थक बैठक हुई। हमने 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने से जुड़े विचारों और बेहतरीन तौर-तरीकों का आदान-प्रदान किया। इस बात पर चर्चा की कि 'विकसित भारत' के हमारे साझे सपने को साकार करने के लिए सुधारों को और आगे कैसे बढ़ाया जाए।' गौरतलब है कि बैठक के दिन, यानी गुरुवार को, आधिकारिक तौर पर निर्णयों का कोई विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया था।
वैश्विक तनाव की पृष्ठभूमि
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में भारी उथल-पुथल मची है। सरकार ईंधन आपूर्ति में संभावित रुकावटों, बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की ऊँची कीमतों पर लगातार नज़र रख रही है। विश्लेषकों के अनुसार, इस भू-राजनीतिक संकट के बीच घरेलू आर्थिक सुधारों की गति और प्राथमिकताएँ तय करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।
ईंधन बचत की अपील
बीते दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की थी। उन्होंने 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाने, आमने-सामने की बैठकों की जगह ऑनलाइन बैठकें करने, कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने और विदेश यात्रा से परहेज़ करने जैसे उपायों का सुझाव दिया था। यह अपील वैश्विक संकट के बीच घरेलू संसाधनों के संरक्षण की दिशा में सरकार के सतर्क रुख को दर्शाती है।
आगे की राह
मंत्रिपरिषद की इस बैठक में हुई चर्चाओं के आधार पर नीतिगत निर्णयों और सुधार-एजेंडे की औपचारिक घोषणा आने वाले दिनों में अपेक्षित है। 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को ज़मीन पर उतारने के लिए सरकार किन ठोस कदमों की ओर बढ़ती है, यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा।