मंत्रिपरिषद बैठक के बाद PM मोदी बोले — 'विकसित भारत' के लिए सुधारों पर हुई सार्थक चर्चा

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मंत्रिपरिषद बैठक के बाद PM मोदी बोले — 'विकसित भारत' के लिए सुधारों पर हुई सार्थक चर्चा

सारांश

करीब साढ़े ग्यारह महीने बाद हुई पहली पूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक में PM मोदी ने 'विकसित भारत' के लिए सुधारों पर मंथन किया — और यह बैठक अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच बढ़ती महंगाई व ईंधन संकट की पृष्ठभूमि में हुई, जो इसकी अहमियत को और बढ़ा देती है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 21 मई 2026 को सेवा तीर्थ, नई दिल्ली में मंत्रिपरिषद की अध्यक्षता की — यह इस साल की पहली पूर्ण बैठक थी।
बैठक में 'ईज ऑफ लिविंग' , 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'विकसित भारत' के लिए सुधारों पर विस्तृत चर्चा हुई।
इससे पहले ऐसी पूर्ण बैठक 4 जून 2025 को हुई थी — करीब साढ़े ग्यारह महीने का अंतराल।
बैठक अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट और बढ़ती महंगाई की पृष्ठभूमि में आयोजित हुई।
PM मोदी ने नागरिकों से ईंधन बचत , वर्क फ्रॉम होम , सोना न खरीदने और विदेश यात्रा से परहेज़ की अपील की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि नई दिल्ली में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक 'सार्थक' रही और उसमें 'ईज ऑफ लिविंग' तथा 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के साथ-साथ 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार करने हेतु सुधारों को आगे बढ़ाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक विदेश दौरों से लौटने के बाद गुरुवार, 21 मई को शाम 5 बजे 'सेवा तीर्थ' में आयोजित की गई थी।

बैठक का स्वरूप और उपस्थिति

इस मंत्रिपरिषद बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि यह इस साल की पहली पूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक थी। इससे पहले ऐसी पूर्ण बैठक 4 जून 2025 को आयोजित की गई थी — यानी करीब साढ़े ग्यारह महीने के अंतराल के बाद यह बैठक हुई।

PM मोदी का एक्स पर बयान

बैठक के अगले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा: 'कल मंत्रिपरिषद की एक सार्थक बैठक हुई। हमने 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने से जुड़े विचारों और बेहतरीन तौर-तरीकों का आदान-प्रदान किया। इस बात पर चर्चा की कि 'विकसित भारत' के हमारे साझे सपने को साकार करने के लिए सुधारों को और आगे कैसे बढ़ाया जाए।' गौरतलब है कि बैठक के दिन, यानी गुरुवार को, आधिकारिक तौर पर निर्णयों का कोई विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया था।

वैश्विक तनाव की पृष्ठभूमि

यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में भारी उथल-पुथल मची है। सरकार ईंधन आपूर्ति में संभावित रुकावटों, बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की ऊँची कीमतों पर लगातार नज़र रख रही है। विश्लेषकों के अनुसार, इस भू-राजनीतिक संकट के बीच घरेलू आर्थिक सुधारों की गति और प्राथमिकताएँ तय करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।

ईंधन बचत की अपील

बीते दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की थी। उन्होंने 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाने, आमने-सामने की बैठकों की जगह ऑनलाइन बैठकें करने, कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने और विदेश यात्रा से परहेज़ करने जैसे उपायों का सुझाव दिया था। यह अपील वैश्विक संकट के बीच घरेलू संसाधनों के संरक्षण की दिशा में सरकार के सतर्क रुख को दर्शाती है।

आगे की राह

मंत्रिपरिषद की इस बैठक में हुई चर्चाओं के आधार पर नीतिगत निर्णयों और सुधार-एजेंडे की औपचारिक घोषणा आने वाले दिनों में अपेक्षित है। 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को ज़मीन पर उतारने के लिए सरकार किन ठोस कदमों की ओर बढ़ती है, यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी असर अभी भी असमान है। अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ईंधन बचत की अपील ज़रूरी है, पर यह भी पूछा जाना चाहिए कि आयात विविधीकरण और रणनीतिक भंडार पर सरकार की दीर्घकालिक रणनीति क्या है — वह चर्चा अभी सार्वजनिक दायरे में नहीं आई।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंत्रिपरिषद की यह बैठक कब और कहाँ हुई?
यह बैठक 21 मई 2026 को शाम 5 बजे नई दिल्ली के 'सेवा तीर्थ' में हुई। इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री शामिल हुए।
बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
बैठक में 'ईज ऑफ लिविंग', 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने और 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। PM मोदी ने स्वयं एक्स पर इसकी जानकारी दी।
इससे पहले पूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक कब हुई थी?
इससे पहले ऐसी पूर्ण बैठक 4 जून 2025 को हुई थी। यानी 21 मई 2026 की बैठक करीब साढ़े ग्यारह महीने के अंतराल के बाद आयोजित हुई।
अमेरिका-ईरान युद्ध का इस बैठक से क्या संबंध है?
यह बैठक अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट की पृष्ठभूमि में हुई। सरकार ईंधन आपूर्ति में रुकावटों, बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की ऊँची कीमतों पर नज़र रख रही है।
PM मोदी ने नागरिकों से क्या अपील की है?
PM मोदी ने देशवासियों से ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने, ऑनलाइन बैठकें करने, कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने और विदेश यात्रा से परहेज़ करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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