पचपदरा रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित: PM मोदी ने किया उद्घाटन, ₹79,450 करोड़ का ऐतिहासिक निवेश
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया। ₹79,450 करोड़ से अधिक के निवेश से निर्मित यह परिसर देश के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में एक निर्णायक मील का पत्थर है। इसी कार्यक्रम में उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी रखी।
पचपदरा रिफाइनरी: मुख्य विशेषताएँ
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित इस रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है। इसमें शोधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन की सुविधाएँ एकीकृत की गई हैं, जिसकी पेट्रोकेमिकल क्षमता 2.4 MMTPA है।
इस परिसर का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है और पेट्रोकेमिकल उत्पादन 26 प्रतिशत से अधिक है, जो दक्षता और स्थिरता के वैश्विक मानकों के अनुरूप है। यह भारत का पहला ऐसा ग्रीनफील्ड परिसर है जो शोधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन को एक ही स्थान पर एकीकृत करता है।
प्रधानमंत्री का दौरा और कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी दोपहर करीब 12 बजे पचपदरा पहुँचे, जहाँ उन्होंने रिफाइनरी के अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और इंजीनियरों व तकनीकी विशेषज्ञों से कच्चे तेल के शोधन की प्रक्रिया को समझा। राष्ट्र को समर्पित करने से पहले उन्होंने परियोजना के विकास पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री देखी और परिसर में एक पौधा भी लगाया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी परिसर में लगभग दो घंटे बिताए। मुख्यमंत्री शर्मा ने उनका स्वागत किया और सम्मान स्वरूप सजावटी 'झरोखा' भेंट किया। रिफाइनरी परिसर के भीतर विशेष रूप से निर्मित गुंबद में लगभग 5,000 लोगों की क्षमता वाली जनसभा आयोजित की गई।
जयपुर मेट्रो फेज-2: ₹13,000 करोड़ का कॉरिडोर
इसी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल माध्यम से जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला रखी, जिसकी कुल अनुमानित लागत ₹13,000 करोड़ से अधिक है। इस चरण के अंतर्गत प्रह्लादपुरा से तोड़ी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
यह कॉरिडोर 36 स्टेशनों के माध्यम से सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (VKI), जयपुर हवाई अड्डा, टोंक रोड, SMS अस्पताल, SMS स्टेडियम, अंबाबारी और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगा। गौरतलब है कि पहले चरण में 11 स्टेशनों वाला 11.64 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर पहले से ही संचालन में है।
जोधपुर एयरपोर्ट और 'उड़ान' योजना
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब 10:40 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुँचे, जहाँ उन्होंने नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया और आधुनिक यात्री टर्मिनल का दौरा किया। उन्होंने देशभर में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी विस्तार के उद्देश्य से संशोधित 'उड़ान' योजना की भी शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू उपस्थित थे।
राजस्थान के विकास पर असर
पचपदरा रिफाइनरी और जयपुर मेट्रो फेज-2 — दोनों परियोजनाएँ राजस्थान के औद्योगिक और शहरी बुनियादी ढाँचे को नई दिशा देने की क्षमता रखती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने और रोज़गार सृजन पर ज़ोर दे रही है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर किस हद तक पड़ता है, यह देखना शेष है।