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पचपदरा रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित: PM मोदी ने किया लोकार्पण, 50 हजार प्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद

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पचपदरा रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित: PM मोदी ने किया लोकार्पण, 50 हजार प्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद

सारांश

पचपदरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण पश्चिमी राजस्थान के लिए महज एक उद्घाटन नहीं — यह उस सीमावर्ती इलाके के लिए औद्योगिक पुनर्जन्म का वादा है जो दशकों से बड़े निवेश की प्रतीक्षा में था।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने बालोतरा जिले के पचपदरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण किया।
परियोजना से 50 हजार प्रत्यक्ष और एक लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना।
रिफाइनरी के साथ नए पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन भी शुरू होगा।
राजस्थान मंत्री के.के.
विश्नोई ने इसे पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक बताया।
सामाजिक कार्यकर्ता रूमा देवी सहित स्थानीय नागरिकों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं के विकास की उम्मीद जताई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जुलाई 2025 को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित किया। स्थानीय निवासियों ने इस अवसर को पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक इतिहास में एक निर्णायक मोड़ बताया और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में 50 हजार प्रत्यक्ष तथा एक लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्य घटनाक्रम

पचपदरा में आयोजित लोकार्पण समारोह में हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को मारवाड़ क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास से जोड़ते हुए राष्ट्र को समर्पित किया। यह परियोजना देश की सबसे आधुनिक और बड़ी रिफाइनरियों में से एक बताई जा रही है, जिसमें पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन भी शामिल है।

गौरतलब है कि यह रिफाइनरी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है, जिससे न केवल औद्योगिक विकास बल्कि बुनियादी ढाँचे और सुरक्षा व्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासी कल्याण सिंह ने कहा कि रिफाइनरी और जोधपुर एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएँ पूरे क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उनके अनुसार उद्योगों के आने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, व्यापार बढ़ेगा और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

सामाजिक कार्यकर्ता रूमा देवी ने कहा कि लंबे समय से लोग इस परियोजना के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। उनके अनुसार किसी भी बड़े उद्योग के आने से आसपास के क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और व्यापार जैसी सुविधाओं का भी विकास होता है।

राधा विश्नोई ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लगातार विकास परियोजनाएँ शुरू किए जाने से आम लोगों में भरोसा बढ़ा है और सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।

महिलाओं पर असर

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने भी इस परियोजना का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। एक महिला ने कहा कि यह केवल एक रिफाइनरी नहीं, बल्कि राजस्थान के युवाओं के भविष्य की नई उड़ान है। उनके अनुसार इस परियोजना से इंजीनियरों, तकनीशियनों, ट्रक चालकों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय कामगारों सहित विभिन्न वर्गों को रोजगार मिलेगा।

एक अन्य महिला ने उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण जैसी केंद्रीय योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रिफाइनरी शुरू होने के बाद महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सरकार की प्रतिक्रिया

राजस्थान सरकार में मंत्री के.के. विश्नोई ने इस अवसर को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लंबे समय से इस परियोजना को गति देने का प्रयास किया जा रहा था और अब यह सपना साकार हो रहा है। उनके अनुसार यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूरे पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।

क्या होगा आगे

रिफाइनरी के चालू होने के साथ ही नए पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन भी शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि इससे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा और सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। आने वाले वर्षों में इस औद्योगिक केंद्र के इर्द-गिर्द छोटे उद्योग, परिवहन, होटल और सेवा क्षेत्र के तेजी से विस्तार की संभावना जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि रोजगार के ये आँकड़े — 50 हजार प्रत्यक्ष और एक लाख अप्रत्यक्ष — कितने वर्षों में और किस सत्यापन-योग्य ढाँचे के तहत पूरे होंगे। भारत में बड़े औद्योगिक परिसरों के इतिहास में अक्सर उद्घाटन की चमक और जमीनी रोजगार के बीच लंबा अंतराल रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के नाते पचपदरा की भौगोलिक स्थिति एक अतिरिक्त जटिलता जोड़ती है — कुशल कार्यबल की उपलब्धता और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती इस परियोजना की दीर्घकालिक सफलता की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पचपदरा रिफाइनरी क्या है और यह क्यों खास है?
पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित देश का पहला ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है। यह भारत की सबसे आधुनिक रिफाइनरियों में से एक बताई जा रही है जिसमें पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन भी एकीकृत रूप से होगा।
इस रिफाइनरी से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा?
स्थानीय निवासियों के अनुसार इस परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से लगभग 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक लोगों को काम मिल सकता है। इसमें इंजीनियर, तकनीशियन, ट्रक चालक और छोटे व्यापारी सभी शामिल होंगे।
पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण किसने और कब किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जुलाई 2025 को पचपदरा, बालोतरा में इस रिफाइनरी को राष्ट्र को समर्पित किया। यह कार्यक्रम पचपदरा में आयोजित एक बड़े समारोह में संपन्न हुआ।
इस परियोजना से पश्चिमी राजस्थान को क्या फायदा होगा?
राजस्थान सरकार के मंत्री के.के. विश्नोई के अनुसार यह परियोजना पूरे पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण बेहतर बुनियादी ढाँचे का लाभ सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मिलेगा।
क्या इस रिफाइनरी से महिलाओं को भी रोजगार मिलेगा?
स्थानीय महिलाओं ने उम्मीद जताई कि रिफाइनरी शुरू होने के बाद महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बड़े उद्योग के आसपास विकसित होने वाले सेवा क्षेत्र — जैसे होटल, व्यापार और परिवहन — में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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