पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन पर वसुंधरा राजे बोलीं — मोदी जो शुरू करते हैं, वो पूरा करते हैं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 4 जुलाई 2026 को पचपदरा में एशिया की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि वह जो काम शुरू करते हैं, उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। इस उद्घाटन के साथ राजस्थान को ₹1.05 लाख करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात मिली।
वसुंधरा राजे का बयान
मीडिया से बातचीत में वसुंधरा राजे ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ कि उन्होंने राजस्थान को आज एक नहीं, बल्कि दो बड़े तोहफे दिए हैं।' उन्होंने स्मरण कराया कि जनवरी 2016 में बाड़मेर में एक बड़ी रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने इस रिफाइनरी की आधारशिला रखी थी। राजे के अनुसार, मोदी की यह खास विशेषता है कि जब भी वह कोई परियोजना शुरू करते हैं, तो उसे पूर्णता तक पहुँचाना सुनिश्चित करते हैं।
डिप्टी सीएम दीया कुमारी की प्रतिक्रिया
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इस अवसर को 'ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि' करार दिया। उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी और जयपुर मेट्रो फेज-2 सहित ₹1.05 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण विकसित राजस्थान के संकल्प को समर्पित है। दीया कुमारी ने समस्त प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री का आभार जताया।
रोज़गार और आर्थिक प्रभाव
मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि एशिया की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड रिफाइनरी से लगभग 35,000 लोगों को प्रत्यक्ष और करीब 1 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोज़गार मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में हज़ारों युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए। एक लाभार्थी युवा ने कहा कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा और राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था अच्छी प्रगति कर रही है।
विकास की व्यापक तस्वीर
दीया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी एवं विकासोन्मुख मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान आधुनिक आधारभूत संरचना, औद्योगिक प्रगति और रोज़गार सृजन के नए आयाम स्थापित कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार 'विकसित राजस्थान' के लक्ष्य को केंद्र में रखकर नीतियाँ बना रही है। गौरतलब है कि पचपदरा रिफाइनरी परियोजना एक दशक से अधिक समय से विभिन्न प्रशासनों के दौर से गुज़री और अब इसका उद्घाटन राज्य के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
आगे क्या
इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। रिफाइनरी से जुड़े रोज़गार के आँकड़े और जयपुर मेट्रो फेज-2 की समयसीमा आने वाले महीनों में स्पष्ट होगी।