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पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन: ऊर्जा संकट में 40+ देशों से ईंधन लाई भारत की कूटनीति — PM मोदी

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पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन: ऊर्जा संकट में 40+ देशों से ईंधन लाई भारत की कूटनीति — PM मोदी

सारांश

पश्चिमी एशिया के युद्ध ने 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट खड़ा किया — लेकिन भारत ने 25-26 देशों की जगह 40 से ज़्यादा देशों से ईंधन जुटाकर दुनिया को चौंका दिया। पचपदरा में पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी के उद्घाटन पर PM मोदी ने इसे कूटनीतिक जीत बताया।

मुख्य बातें

PM मोदी ने राजस्थान के पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर का उद्घाटन किया।
पश्चिमी एशिया युद्ध से उपजे ऊर्जा संकट के दौरान भारत ने 25-26 की जगह 40 से अधिक देशों से ईंधन आयात किया।
PM मोदी ने इसे भारत की कूटनीतिक शक्ति और बहुपक्षीय संबंधों की सफलता बताया।
विपक्ष पर संकट के दौरान अफवाहें फैलाने और राजनीतिक खेल खेलने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने संकट में अस्थिरता की साजिशें नाकाम कीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जुलाई 2025 को राजस्थान के पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध से उपजे वैश्विक ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सुदृढ़ कूटनीति और बहुपक्षीय संबंधों ने देश को इस संकट से उबारने में निर्णायक भूमिका निभाई।

ऊर्जा संकट और भारत की कूटनीतिक सफलता

प्रधानमंत्री मोदी ने पचपदरा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 'सही फैसले, सटीक आकलन, प्रभावी रणनीति और कूटनीतिक शक्ति का सकारात्मक इस्तेमाल करके भारत इस संकट से उबर पाया है।'

गौरतलब है कि संकट से पहले भारत केवल 25-26 देशों से ईंधन का आयात करता था। संकट के दौरान यह संख्या बढ़कर 40 से अधिक देशों तक पहुँच गई — जो भारत की विदेश नीति की व्यापकता और लचीलेपन का प्रमाण है।

राष्ट्रहित सर्वोपरि: मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्धकाल में भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि 'हमारे लिए राष्ट्रहित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वोपरि है।' उन्होंने यह भी कहा कि नीतिगत और कूटनीतिक स्तर पर उठाए गए संवेदनशील कदम 'कभी न कभी इतिहास लिखेंगे।'

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में अस्थिरता के कारण कई देश गंभीर आपूर्ति संकट में फँसे हुए हैं। भारत का 40 से अधिक देशों से ईंधन सुनिश्चित करना ऊर्जा विविधीकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है।

विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर ऊर्जा संकट के दौरान अफवाहें फैलाने और राजनीतिक खेल खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'बहुत अफवाएँ फैलाई गईं, लोगों को डराया गया, भड़काया गया, राजनीति के खेल खेले गए। लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वे सफल नहीं हो पाए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दूर-दराज के इलाकों में भी ईंधन आपूर्ति में कोई बड़ी चुनौती नहीं आई।

140 करोड़ देशवासियों का आभार

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'जिस तरह वे इस मुश्किल समय में देश के साथ मजबूती से खड़े रहे, जिस तरह देशवासियों ने अफवाह, डर व भ्रम फैलाने वालों का सामना किया और देश में अस्थिरता फैलाने की साजिशों को नाकाम किया, देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया है।'

पचपदरा रिफाइनरी: एक ऐतिहासिक परियोजना

पचपदरा में स्थापित यह रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर भारत का पहला ग्रीनफील्ड एकीकृत संयंत्र है। यह परियोजना राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ती है और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में यह परिसर क्षेत्रीय रोज़गार और औद्योगिक विकास में भी योगदान देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि यह विविधीकरण संकटकालीन अस्थायी व्यवस्था थी या दीर्घकालिक नीतिगत बदलाव। भारत की ऊर्जा आयात निर्भरता दशकों से एक संरचनात्मक कमज़ोरी रही है — 40 देशों का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन यह तब तक अधूरा है जब तक घरेलू उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा में समानांतर निवेश न हो। पचपदरा जैसी रिफाइनरियाँ सही दिशा में कदम हैं, पर आत्मनिर्भरता के दावे को परखने के लिए आयात-निर्भरता के ठोस आँकड़े सार्वजनिक होने चाहिए।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पचपदरा रिफाइनरी क्या है और इसका उद्घाटन कब हुआ?
पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान में स्थित भारत का पहला ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन 5 जुलाई 2025 को किया।
ऊर्जा संकट के दौरान भारत ने कितने देशों से ईंधन आयात किया?
PM मोदी के अनुसार, संकट से पहले भारत 25-26 देशों से ईंधन आयात करता था, लेकिन पश्चिमी एशिया युद्ध के दौरान यह संख्या बढ़कर 40 से अधिक देशों तक पहुँच गई। इसे भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में रेखांकित किया गया।
PM मोदी ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
PM मोदी ने विपक्ष पर ऊर्जा संकट के दौरान अफवाहें फैलाने, लोगों को डराने और राजनीतिक खेल खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के बावजूद ईंधन आपूर्ति में कोई बड़ी चुनौती नहीं आई।
पश्चिमी एशिया युद्ध से भारत पर क्या असर पड़ा?
PM मोदी के अनुसार, पश्चिमी एशिया युद्ध ने 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट पैदा किया। भारत ने सही नीतिगत और कूटनीतिक कदमों से इस संकट को प्रबंधित किया और आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखा।
पचपदरा रिफाइनरी का राजस्थान और भारत के लिए क्या महत्व है?
यह भारत का पहला ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर है, जो देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह राजस्थान में रोज़गार और आर्थिक विकास को भी गति देगा।
राष्ट्र प्रेस
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