पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन: ऊर्जा संकट में 40+ देशों से ईंधन लाई भारत की कूटनीति — PM मोदी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जुलाई 2025 को राजस्थान के पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध से उपजे वैश्विक ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सुदृढ़ कूटनीति और बहुपक्षीय संबंधों ने देश को इस संकट से उबारने में निर्णायक भूमिका निभाई।
ऊर्जा संकट और भारत की कूटनीतिक सफलता
प्रधानमंत्री मोदी ने पचपदरा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 'सही फैसले, सटीक आकलन, प्रभावी रणनीति और कूटनीतिक शक्ति का सकारात्मक इस्तेमाल करके भारत इस संकट से उबर पाया है।'
गौरतलब है कि संकट से पहले भारत केवल 25-26 देशों से ईंधन का आयात करता था। संकट के दौरान यह संख्या बढ़कर 40 से अधिक देशों तक पहुँच गई — जो भारत की विदेश नीति की व्यापकता और लचीलेपन का प्रमाण है।
राष्ट्रहित सर्वोपरि: मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्धकाल में भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि 'हमारे लिए राष्ट्रहित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वोपरि है।' उन्होंने यह भी कहा कि नीतिगत और कूटनीतिक स्तर पर उठाए गए संवेदनशील कदम 'कभी न कभी इतिहास लिखेंगे।'
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में अस्थिरता के कारण कई देश गंभीर आपूर्ति संकट में फँसे हुए हैं। भारत का 40 से अधिक देशों से ईंधन सुनिश्चित करना ऊर्जा विविधीकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है।
विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर ऊर्जा संकट के दौरान अफवाहें फैलाने और राजनीतिक खेल खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'बहुत अफवाएँ फैलाई गईं, लोगों को डराया गया, भड़काया गया, राजनीति के खेल खेले गए। लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वे सफल नहीं हो पाए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दूर-दराज के इलाकों में भी ईंधन आपूर्ति में कोई बड़ी चुनौती नहीं आई।
140 करोड़ देशवासियों का आभार
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'जिस तरह वे इस मुश्किल समय में देश के साथ मजबूती से खड़े रहे, जिस तरह देशवासियों ने अफवाह, डर व भ्रम फैलाने वालों का सामना किया और देश में अस्थिरता फैलाने की साजिशों को नाकाम किया, देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया है।'
पचपदरा रिफाइनरी: एक ऐतिहासिक परियोजना
पचपदरा में स्थापित यह रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर भारत का पहला ग्रीनफील्ड एकीकृत संयंत्र है। यह परियोजना राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ती है और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में यह परिसर क्षेत्रीय रोज़गार और औद्योगिक विकास में भी योगदान देगा।