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बालोतरा में PM मोदी: ऊर्जा संकट पर भारत की इच्छाशक्ति भारी पड़ी, LPG सिलेंडर ₹950 से कम में

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बालोतरा में PM मोदी: ऊर्जा संकट पर भारत की इच्छाशक्ति भारी पड़ी, LPG सिलेंडर ₹950 से कम में

सारांश

पश्चिमी एशिया युद्ध से उपजे ऊर्जा संकट में जब खाड़ी से LPG आपूर्ति ठप हुई, भारत ने सात दिनों में उत्पादन 35,000 से 54,000 मीट्रिक टन तक बढ़ाया। मोदी ने बालोतरा में यह पूरी कहानी सुनाई — और विपक्ष पर 'अफवाह फैलाने' का आरोप भी लगाया।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 4 जुलाई को राजस्थान के बालोतरा में ऊर्जा संकट प्रबंधन पर विस्तृत संबोधन दिया।
पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण 90% LPG की आपूर्ति करने वाला होर्मुज मार्ग बाधित हुआ; 7 दिनों में घरेलू उत्पादन 35,000 से 54,000 मीट्रिक टन तक बढ़ाया गया।
संकट के बावजूद घरेलू LPG सिलेंडर ₹950 से कम और उज्जवला सिलेंडर ₹650 से कम में उपलब्ध।
बहुत कम समय में 11 लाख से अधिक घरों को PNG कनेक्शन से जोड़ा गया।
बालोतरा में ₹1.06 लाख करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन — पेट्रोकेमिकल्स, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा समेत।
मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि संकट के दौरान कुछ ताकतें 'अफवाह और आशंका फैलाने' में व्यस्त थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को राजस्थान के बालोतरा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर नए भारत की इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास भारी पड़े हैं। इस अवसर पर उन्होंने विपक्षी दलों पर भी तीखा प्रहार किया और देश के ऊर्जा प्रबंधन की विस्तृत तस्वीर पेश की।

ऊर्जा संकट और भारत की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पश्चिमी एशिया में युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया है। बड़े-बड़े देश आज ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर 21वीं सदी के नए भारत की इच्छा शक्ति और भारत के प्रयास भारी पड़े हैं।" उन्होंने बताया कि भारत ने सही समय पर सटीक आकलन किया, प्रभावी रणनीति बनाई, संसाधनों का संतुलित उपयोग किया और कूटनीतिक शक्ति का सकारात्मक इस्तेमाल कर संकट से उबरने में सफलता पाई।

LPG आपूर्ति का संकट और समाधान

मोदी ने खुलासा किया कि भारत की करीब 60 प्रतिशत LPG आयात पर निर्भर है, जिसमें से 90 प्रतिशत खाड़ी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती थी। युद्ध के हालात बनते ही यह आपूर्ति लगभग बंद हो गई। उन्होंने कहा, "आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हमारे देश में कितना बड़ा हाहाकार मचने जा रहा था।"

संकट से निपटने के लिए सरकार ने रिफाइनरियों का रुख बदला — औद्योगिक गैस उत्पादन करने वाली रिफाइनरियों को LPG उत्पादन के लिए तैयार किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि सात दिनों के भीतर देश में LPG उत्पादन 35,000 मीट्रिक टन से बढ़कर 54,000 मीट्रिक टन तक पहुँच गया। जिन रिफाइनरियों ने पहले कभी LPG नहीं बनाई थी, उन्हें भी इस कार्य के लिए तैयार किया गया।

PNG कनेक्शन अभियान और उपभोक्ताओं को राहत

रसोई गैस की मांग का पूरा बोझ LPG पर न पड़े, इसके लिए सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अभियान चलाया। मोदी के अनुसार, बहुत कम समय में 11 लाख से अधिक घरों को PNG कनेक्शन से जोड़ा गया। इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं पर कीमतों का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया गया।

उन्होंने कहा कि बाज़ार विशेषज्ञों का अनुमान था कि संकट की स्थिति में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹2,000 तक पहुँच सकती थी। इसके बावजूद सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर ₹950 से कम में और उज्जवला योजना के लाभार्थियों को ₹650 से कम में उपलब्ध कराया। इसके अतिरिक्त, दो दिन पहले ही सरकार ने कमर्शियल गैस की कीमतों में भी उल्लेखनीय कटौती की है।

विपक्ष पर तीखा प्रहार

मोदी ने इशारों में विपक्ष को निशाना बनाते हुए कहा, "सार्वजनिक तौर पर कुछ ताकतें अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थीं।" उन्होंने यह भी कहा कि संकट के दौरान नीतिगत और कूटनीतिक स्तर पर उठाए गए एक-एक संवेदनशील कदम "कभी न कभी इतिहास लिखेंगे" और यह सब "अभूतपूर्व" है।

बालोतरा में ₹1.06 लाख करोड़ की परियोजनाएँ

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने बालोतरा में लगभग ₹1.06 लाख करोड़ की लागत वाली अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में पेट्रोकेमिकल्स, शहरी परिवहन, रेलवे, सड़कें, नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली ट्रांसमिशन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह निवेश राजस्थान के औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र को दीर्घकालिक मज़बूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें कई महत्वपूर्ण प्रश्न अनुत्तरित हैं — जैसे कि वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश कब और कहाँ से हुई, और क्या यह दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा नीति का हिस्सा है या संकट-प्रबंधन मात्र। 60% LPG आयात-निर्भरता और एक ही जलमार्ग पर 90% निर्भरता — यह भेद्यता नई नहीं है; सवाल यह है कि इसे संकट से पहले क्यों नहीं संबोधित किया गया। ₹1.06 लाख करोड़ की परियोजनाओं में नवीकरणीय ऊर्जा का समावेश सकारात्मक है, पर जब तक घरेलू उत्पादन क्षमता को संरचनात्मक रूप से नहीं बढ़ाया जाता, अगला होर्मुज संकट फिर उसी दबाव में डालेगा।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने बालोतरा में ऊर्जा संकट पर क्या कहा?
PM मोदी ने कहा कि पश्चिमी एशिया के युद्ध से उपजे 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर नए भारत की इच्छाशक्ति और प्रयास भारी पड़े हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने सटीक आकलन, प्रभावी रणनीति और कूटनीतिक शक्ति के बल पर संकट से उबरने में सफलता पाई।
भारत में LPG संकट कैसे आया और इसे कैसे सुलझाया गया?
भारत की 60% LPG आयात पर निर्भर है, जिसमें 90% खाड़ी देशों से होर्मुज मार्ग से आती थी। युद्ध के कारण यह आपूर्ति बाधित होते ही सरकार ने रिफाइनरियों को LPG उत्पादन के लिए पुनर्गठित किया और सात दिनों में उत्पादन 35,000 से 54,000 मीट्रिक टन तक बढ़ाया।
संकट के दौरान घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत क्या रही?
बाज़ार विशेषज्ञों का अनुमान था कि संकट में सिलेंडर ₹2,000 तक पहुँच सकता था, लेकिन सरकार ने इसे ₹950 से कम पर बनाए रखा। उज्जवला योजना के लाभार्थियों को सिलेंडर ₹650 से भी कम में मिल रहा है।
बालोतरा में मोदी ने कितने रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने बालोतरा में लगभग ₹1.06 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें पेट्रोकेमिकल्स, शहरी परिवहन, रेलवे, सड़कें, नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली ट्रांसमिशन क्षेत्र शामिल हैं।
मोदी ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
PM मोदी ने इशारों में कहा कि संकट के दौरान 'कुछ ताकतें सार्वजनिक तौर पर अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थीं।' उन्होंने कहा कि नीतिगत और कूटनीतिक स्तर पर उठाए गए कदम 'कभी न कभी इतिहास लिखेंगे' और यह सब 'अभूतपूर्व' है।
राष्ट्र प्रेस
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