क्या नेपाल के पूर्व पीएम प्रचंड नई दिल्ली आ रहे हैं, अपने समर्थकों को संबोधित करेंगे?

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क्या नेपाल के पूर्व पीएम प्रचंड नई दिल्ली आ रहे हैं, अपने समर्थकों को संबोधित करेंगे?

सारांश

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ आगामी सोमवार को नई दिल्ली में नेपाली प्रवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आ रहे हैं। यह यात्रा 2026 के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स चुनाव के पहले महत्वपूर्ण है। जानिए उनके इस दौरे का उद्देश्य क्या है।

Key Takeaways

  • प्रचंड का नई दिल्ली दौरा महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश लेकर आया है।
  • नेपाली प्रवासी समुदाय का समर्थन जुटाना लक्ष्य है।
  • 2026 के चुनावों की तैयारी के लिए यह यात्रा आवश्यक है।
  • कम्युनिस्ट पार्टी की एकता का संदेश देने का प्रयास।
  • सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य।

काठमांडू, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ भारत में आ रहे हैं। वे सोमवार को नई दिल्ली में नेपाली प्रवासी समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए यात्रा करेंगे। उनके सचिवालय ने रविवार को इस बात की पुष्टि की।

पुष्प कमल दहल नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सहयोजक भी हैं। यह पार्टी पहले की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर), सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) और अन्य वामपंथी दलों के विलय से बनी थी। दहल सोमवार को नई दिल्ली के लाजपत भवन ऑडिटोरियम में नेपाली सोसायटी, इंडिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

उनका यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब नेपाल में 5 मार्च 2026 को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव होने वाला है। इस दौरान बड़ी संख्या में विदेश में रहने वाले नेपालियों के घर लौटने की संभावना है।

नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हरिबोल गजुरेल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया, “इस दौरे का मुख्य उद्देश्य नेपाली समुदाय, खासकर हमारी पार्टी के समर्थकों को संबोधित करना है, ताकि नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के तहत कम्युनिस्ट ताकतों की एकता का संदेश दिया जा सके। हम देश के अंदर एकता का संदेश देने के लिए बड़ी बैठक आयोजित कर रहे हैं, और यह नई दिल्ली में इसी तरह की एक मीटिंग का हिस्सा है।”

पिछले साल नवंबर में, सीपीएन (माओइस्ट सेंटर), सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) और एक दर्जन से अधिक छोटे वामपंथी दलों ने मिलकर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी का गठन किया। आगामी चुनाव से पहले नेपाल में राजनीतिक ताकतें अपने को मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं।

पिछले साल सितंबर 2025 में जेन-जी आंदोलन के बाद पारंपरिक राजनीतिक दलों, जिसमें प्रचंड की पार्टी भी शामिल है, को अपनी नाकामियों को लेकर बढ़ती आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। गजुरेल ने यह भी कहा कि भारतीय नेताओं के साथ एक अनौपचारिक बैठक हो सकती है। हालांकि, अभी तक ऐसी किसी बैठक की पुष्टि नहीं हुई है। दहल इससे पहले मई 2023 में नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में नई दिल्ली आए थे, जब दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए थे।

प्रचंड के सचिवालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि नई दिल्ली में हो रही इस मीटिंग का उद्देश्य नेपाली समुदाय के बीच आपसी तालमेल, सहयोग और समान भविष्य के लिए प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। सचिवालय ने कहा, “इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत में रहने वाले नेपाली भाइयों और बहनों को एकजुट करना और सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता बढ़ाना है।”

Point of View

बल्कि नेपाल में आगामी चुनावों के लिए पार्टी की ताकत को मजबूत करने का एक प्रयास है। यह समय नेपाल के राजनीतिक परिदृश्य में एकता और समर्पण का संदेश देने का है।
NationPress
05/01/2026

Frequently Asked Questions

प्रचंड का नई दिल्ली आना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह यात्रा आगामी चुनावों के लिए पार्टी की ताकत को मजबूत करने का एक प्रयास है।
प्रचंड किस पार्टी के सहयोजक हैं?
वह नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सहयोजक हैं।
नई दिल्ली में प्रचंड किस कार्यक्रम में भाग लेंगे?
वे नेपाली प्रवासी समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे।
प्रचंड की इस यात्रा का उद्देश्य क्या है?
उनका उद्देश्य समर्थकों को संबोधित करना और राजनीतिक एकता का संदेश देना है।
प्रचंड की यह यात्रा कब हो रही है?
यह यात्रा 4 जनवरी को होने वाली है।
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