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प्रह्लाद जोशी का राहुल गांधी पर पलटवार: 'अपनी हार का ठीकरा मोदी पर क्यों?'

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प्रह्लाद जोशी का राहुल गांधी पर पलटवार: 'अपनी हार का ठीकरा मोदी पर क्यों?'

सारांश

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी के 'मोदी क्यों नहीं हारते' सवाल को 'अजीब' बताकर पलटवार किया। साथ ही कर्नाटक सरकार पर सूखा प्रबंधन में लापरवाही, SDRF राशि के दुरुपयोग, राजनीतिक आधार पर सूखा-प्रभावित क्षेत्रों की पहचान और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 25 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में राहुल गांधी के 'मोदी क्यों नहीं हारते' सवाल को 'अजीब' करार दिया।
जोशी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार ने SDRF की राशि खर्च कर दी और अब NDRF सहायता के लिए केंद्र पर दबाव बना रही है।
सूखा प्रभावित तालुकों की पहचान में राजनीतिक पक्षपात का आरोप — इस्तीफे की धमकी देने वाले विधायकों के क्षेत्रों को प्राथमिकता दिए जाने का दावा।
जोशी ने ₹50 लाख की कथित माँग का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
केंद्र ने स्पष्ट किया कि NDRF सहायता केंद्रीय टीम के आकलन के बाद ही दी जाएगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 25 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस सवाल पर तीखा पलटवार किया, जिसमें गांधी ने पूछा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव क्यों नहीं हारते। जोशी ने इस सवाल को 'अजीब' करार देते हुए कांग्रेस पर अपनी चुनावी विफलताओं की जिम्मेदारी दूसरों पर डालने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी के सवाल पर जोशी का जवाब

जोशी ने कहा, 'पीएम मोदी क्यों नहीं हारे? राहुल गांधी यह सवाल पूछते हैं। यह कैसा अजीब सवाल है? आप अपनी हार का ठीकरा उन पर क्यों फोड़ रहे हैं?' उन्होंने विभिन्न राज्यों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि कर्नाटक, तमिलनाडु, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस या उसके सहयोगियों की जीत के लिए मोदी को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया जाता।

कर्नाटक सरकार पर सूखा प्रबंधन को लेकर आरोप

जोशी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर सूखे की स्थिति से निपटने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से सहायता माँगने से पहले राज्य को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से राशि जारी करनी चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों बीएस येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई की सरकारों का हवाला देते हुए कहा कि तब पहले SDRF से राशि जारी की जाती थी और उसके बाद ही केंद्र से संपर्क किया जाता था। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को 'पुराने रिकॉर्ड देखने' की सलाह दी।

वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोप

जोशी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए निर्धारित SDRF की राशि खर्च कर दी है और अब अपनी वित्तीय परेशानियों को छिपाने के लिए केंद्र पर दोषारोपण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य के वित्त विभाग ने स्वयं स्वीकार किया है कि योजनाओं के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है। जोशी ने आरोप लगाया कि सरकार में महत्वपूर्ण पदों की 'नीलामी' हो रही है और भ्रष्टाचार व्यापक स्तर पर फैला हुआ है। उन्होंने एक विशेष मामले का उल्लेख करते हुए दावा किया कि जमीन के रिकॉर्ड में सुधार के लिए एक तहसीलदार ने कथित तौर पर ₹50 लाख की माँग की थी।

सूखा प्रभावित क्षेत्रों की पहचान पर सवाल

जोशी ने यह भी आरोप लगाया कि सूखा प्रभावित तालुकों की पहचान राजनीतिक आधार पर की जा रही है। उनके अनुसार, जिन विधायकों ने इस्तीफे की धमकी दी, उन्हीं के विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित इलाकों की सूची में शामिल किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार NDRF के तहत सहायता तभी देगी, जब केंद्रीय टीम द्वारा सूखे का आकलन पूरा हो जाएगा।

कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और किसान कर्ज माफी

कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के मुद्दे पर जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार पर्यावरण संबंधी अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद ही इस विषय में निर्णय लेगी। किसानों की कर्ज माफी की माँग पर उन्होंने कहा कि केंद्र कर्नाटक के लोगों के हित में उचित कदम उठाएगा। यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब केंद्र और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के बीच कई मुद्दों पर खींचतान जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल संदेश कर्नाटक को निशाने पर लेना है — सूखा राहत, SDRF प्रबंधन और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर। गौरतलब है कि केंद्र और राज्य के बीच आपदा कोष को लेकर यह टकराव नया नहीं है, लेकिन भाजपा अब इसे भ्रष्टाचार के कथा-सूत्र से जोड़ रही है — जो 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा हो सकता है। जोशी ने जो आरोप लगाए हैं — ₹50 लाख की तहसीलदार माँग और पदों की 'नीलामी' — वे गंभीर हैं, परंतु स्वतंत्र सत्यापन के अभाव में ये राजनीतिक बयानबाजी की सीमा में हैं।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी के किस सवाल पर पलटवार किया?
राहुल गांधी ने पूछा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव क्यों नहीं हारते। जोशी ने इसे 'अजीब सवाल' बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी हार की जिम्मेदारी मोदी पर क्यों डाल रही है।
जोशी ने कर्नाटक सरकार पर सूखे को लेकर क्या आरोप लगाए?
जोशी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने SDRF की राशि पहले ही खर्च कर दी और अब NDRF से मदद माँग रही है। उनका कहना था कि पूर्ववर्ती सरकारें पहले SDRF से राशि जारी करती थीं और उसके बाद केंद्र से संपर्क करती थीं।
सूखा प्रभावित तालुकों की पहचान को लेकर जोशी ने क्या कहा?
जोशी ने आरोप लगाया कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों की पहचान राजनीतिक आधार पर हो रही है। जिन विधायकों ने इस्तीफे की धमकी दी, उनके विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित सूची में शामिल किया गया।
केंद्र सरकार NDRF सहायता कब देगी?
जोशी ने स्पष्ट किया कि NDRF के तहत सहायता केंद्रीय टीम द्वारा सूखे की स्थिति का आकलन पूरा होने के बाद ही दी जाएगी।
कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर जोशी का क्या रुख है?
जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार पर्यावरण से जुड़े अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद इस मामले में फैसला करेगी। उन्होंने इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर जिम्मेदारी केंद्र पर डालने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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