कर्नाटक एमएलसी चुनाव: प्रह्लाद जोशी का दावा — कांग्रेस विरोधी लहर से एनडीए जीतेगा सभी 4 सीटें
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 16 अक्टूबर 2026 को हुबली-धारवाड़ में दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार कर्नाटक विधान परिषद की सभी चार सीटों पर जीत दर्ज करेंगे, जिनमें कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल है। जोशी के अनुसार, राज्य में कांग्रेस सरकार के प्रति जनता का असंतोष चरम पर है और यही एनडीए की जीत की गारंटी बनेगा।
मुख्य घटनाक्रम
जोशी हुबली-धारवाड़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार संकानूर के समर्थन में चुनाव प्रचार करने के बाद पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कर्नाटक सरकार की कार्यप्रणाली पर कई मोर्चों पर हमला बोला — बिजली कटौती, सूखा राहत की कथित विफलता, बढ़ती कीमतें और हाल के स्टिंग ऑपरेशन विवाद को लेकर।
उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार संकानूर स्नातकों और अन्य मतदाताओं के व्यापक समर्थन के बल पर आसानी से विजयी होंगे। जोशी ने यह भी कहा कि ये विधान परिषद चुनाव भविष्य के चुनावों की राजनीतिक दिशा का संकेत देंगे।
बिजली और सूखे पर आरोप
जोशी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक, जो पूर्व में पर्याप्त बिजली उत्पादन में सक्षम था, आज गंभीर बिजली कटौती से जूझ रहा है, जिससे किसान और ग्रामीण क्षेत्र के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस सरकार सही खरीद और प्रबंधन के जरिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही है।
सूखा राहत के मुद्दे पर उन्होंने दावा किया कि पूर्व भाजपा सरकार ने भारी बारिश के दौरान ₹8,000 प्रति हेक्टेयर, सूखी भूमि के लिए ₹13,000 और सिंचित भूमि के लिए ₹25,000 प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया था। इसके विपरीत, उनके आरोप के मुताबिक मौजूदा सरकार ने प्रति किसान परिवार मात्र ₹2,500 की घोषणा की है, जिसे उन्होंने 'नाकाफी' करार दिया।
स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर माँग
कर्नाटक में राजनीतिक बहस को केंद्र में ले आए स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर जोशी ने एक व्यापक और निष्पक्ष जाँच की माँग की। उन्होंने कहा, 'जाँच से यह सामने आना चाहिए कि स्टिंग ऑपरेशन मामले में किसने गलत काम किया है। सच्चाई सामने आनी चाहिए।'
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को या तो विशेष जाँच दल (SIT) गठित करना चाहिए या अदालत की निगरानी में जाँच करवानी चाहिए। जोशी ने यह भी कहा कि चर्चा असल मुद्दे — आरोपों की जाँच — के बजाय स्टिंग किसने रिकॉर्ड किया, इस पर केंद्रित हो गई है, जो उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी व्यक्ति का राजनीतिक संबंध चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
बढ़ती कीमतें और सार्वजनिक परिवहन
जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में दूध, डीजल, परिवहन सेवाओं और विभिन्न प्रमाणपत्रों की लागत बढ़ी है। उन्होंने कहा, 'सरकार वित्तीय सहायता के रूप में जो लाभ देने का दावा करती है, उसकी भरपाई वह कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए लोगों से ही कर रही है।' उन्होंने राज्य परिवहन निगम की बसों के रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स की कमी पर भी चिंता जताते हुए सरकार से सार्वजनिक परिवहन पर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया।
गन्ना किसानों और राष्ट्रीय राजनीति पर रुख
गन्ना किसानों के मुद्दे पर जोशी ने बताया कि प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो गन्ने की कीमतें, वजन में विसंगतियाँ और रिकवरी दरों की जाँच करेगी। उन्होंने केंद्र की इथेनॉल-ब्लेंडिंग नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसानों और चीनी उद्योग दोनों को लाभ हुआ है।
राष्ट्रीय राजनीति पर उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार में क्षेत्रीय पार्टियों के उभार से कांग्रेस का जनाधार लगातार खिसका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
ये एमएलसी चुनाव कर्नाटक में आगामी चुनावी मुकाबले की आहट के रूप में देखे जा रहे हैं — और अगले कुछ सप्ताहों में मतगणना यह तय करेगी कि जनता का रुझान किसके पक्ष में झुका है।