कर्नाटक एमएलसी चुनाव: कांग्रेस को मिले अतिरिक्त 11 वोट, प्रियांक खड़गे बोले — BJP-JD(S) गठबंधन में दरार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों के बाद 19 जून को कर्नाटक सरकार के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवारों को मिले अतिरिक्त 11 वोट भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)] के गठबंधन के भीतर गहरे असंतोष की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह परिणाम विपक्षी खेमे में नेतृत्व संकट का स्पष्ट प्रमाण है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रियांक खड़गे ने कहा कि यदि BJP और JD(S) के 11 विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया है, तो यह दोनों दलों के गठबंधन की आंतरिक कमज़ोरी को उजागर करता है। उनके अनुसार, इस परिणाम ने साबित कर दिया है कि विपक्षी नेताओं की अपने विधायकों पर पकड़ कमज़ोर पड़ चुकी है।
खड़गे ने विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मतदान परिणाम उनके और BJP नेतृत्व के लिए एक अस्वीकृति की तरह है। उन्होंने इसे कांग्रेस की जन-हितैषी नीतियों में जनता और जनप्रतिनिधियों के बढ़ते विश्वास का संकेत भी बताया।
लोकतांत्रिक बहस पर कांग्रेस का रुख
गो-हत्या, धर्मांतरण-रोधी कानून और अन्य विवादास्पद विधेयकों पर पूछे गए सवालों के जवाब में खड़गे ने कहा कि किसी भी कानून पर निर्णय बंद कमरों में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मुद्दों को विधानसभा में लाकर खुली बहस का हिस्सा बनाया जाना चाहिए और विपक्ष की राय भी सुनी जानी चाहिए।
खड़गे ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार विपक्ष को बाहर रखकर विधेयक पारित करने की पक्षधर नहीं है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में असहमति और बहस दोनों अनिवार्य हैं।
मेकेदातु परियोजना पर प्रतिक्रिया
तमिलनाडु विधानसभा द्वारा मेकेदातु परियोजना के खिलाफ पारित प्रस्ताव पर खड़गे ने कहा कि प्रत्येक राज्य को अपने नागरिकों के हित में प्रस्ताव पारित करने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि जहाँ तमिलनाडु सरकार अपने लोगों के हित में काम कर रही है, वहीं कर्नाटक सरकार कन्नड़ लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विपक्ष पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब BJP और JD(S) का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) कर्नाटक में अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि एमएलसी चुनाव में क्रॉस-वोटिंग की यह कथित घटना गठबंधन के भीतर आपसी समन्वय को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
आने वाले दिनों में BJP और JD(S) नेतृत्व की इस पर प्रतिक्रिया और आंतरिक अनुशासन की कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।