8 अगस्त 2026
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कर्नाटक एमएलसी चुनाव: कांग्रेस को मिले अतिरिक्त 11 वोट, प्रियांक खड़गे बोले — BJP-JD(S) गठबंधन में दरार

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कर्नाटक एमएलसी चुनाव: कांग्रेस को मिले अतिरिक्त 11 वोट, प्रियांक खड़गे बोले — BJP-JD(S) गठबंधन में दरार

सारांश

कर्नाटक एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को मिले अतिरिक्त 11 वोटों ने BJP-JD(S) गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने इसे विपक्षी नेतृत्व की विफलता और कांग्रेस की नीतियों में बढ़ते जन-विश्वास का प्रमाण बताया।

मुख्य बातें

कर्नाटक एमएलसी चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों को अपेक्षा से 11 अतिरिक्त वोट मिले, जिन्हें BJP-JD(S) विधायकों के क्रॉस-वोटिंग से जोड़ा जा रहा है।
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने 19 जून को कहा कि यह परिणाम विपक्षी गठबंधन में नेतृत्व संकट का संकेत है।
खड़गे ने पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी के नेतृत्व को इस मतदान द्वारा 'अस्वीकृत' करार दिया।
गो-हत्या और धर्मांतरण-रोधी जैसे विवादास्पद विधेयकों पर खड़गे ने विधानसभा में खुली बहस की वकालत की।
मेकेदातु परियोजना पर तमिलनाडु के प्रस्ताव को खड़गे ने सामान्य बताया, कहा — कर्नाटक कन्नड़ हितों की रक्षा करेगा।

कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों के बाद 19 जून को कर्नाटक सरकार के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवारों को मिले अतिरिक्त 11 वोट भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)] के गठबंधन के भीतर गहरे असंतोष की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह परिणाम विपक्षी खेमे में नेतृत्व संकट का स्पष्ट प्रमाण है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रियांक खड़गे ने कहा कि यदि BJP और JD(S) के 11 विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया है, तो यह दोनों दलों के गठबंधन की आंतरिक कमज़ोरी को उजागर करता है। उनके अनुसार, इस परिणाम ने साबित कर दिया है कि विपक्षी नेताओं की अपने विधायकों पर पकड़ कमज़ोर पड़ चुकी है।

खड़गे ने विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मतदान परिणाम उनके और BJP नेतृत्व के लिए एक अस्वीकृति की तरह है। उन्होंने इसे कांग्रेस की जन-हितैषी नीतियों में जनता और जनप्रतिनिधियों के बढ़ते विश्वास का संकेत भी बताया।

लोकतांत्रिक बहस पर कांग्रेस का रुख

गो-हत्या, धर्मांतरण-रोधी कानून और अन्य विवादास्पद विधेयकों पर पूछे गए सवालों के जवाब में खड़गे ने कहा कि किसी भी कानून पर निर्णय बंद कमरों में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मुद्दों को विधानसभा में लाकर खुली बहस का हिस्सा बनाया जाना चाहिए और विपक्ष की राय भी सुनी जानी चाहिए।

खड़गे ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार विपक्ष को बाहर रखकर विधेयक पारित करने की पक्षधर नहीं है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में असहमति और बहस दोनों अनिवार्य हैं।

मेकेदातु परियोजना पर प्रतिक्रिया

तमिलनाडु विधानसभा द्वारा मेकेदातु परियोजना के खिलाफ पारित प्रस्ताव पर खड़गे ने कहा कि प्रत्येक राज्य को अपने नागरिकों के हित में प्रस्ताव पारित करने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि जहाँ तमिलनाडु सरकार अपने लोगों के हित में काम कर रही है, वहीं कर्नाटक सरकार कन्नड़ लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विपक्ष पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब BJP और JD(S) का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) कर्नाटक में अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि एमएलसी चुनाव में क्रॉस-वोटिंग की यह कथित घटना गठबंधन के भीतर आपसी समन्वय को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आने वाले दिनों में BJP और JD(S) नेतृत्व की इस पर प्रतिक्रिया और आंतरिक अनुशासन की कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे सत्यापित करना कठिन है — एमएलसी चुनाव में मतदान गुप्त नहीं होता, फिर भी क्रॉस-वोटिंग की पुष्टि के लिए आधिकारिक आँकड़ों का विश्लेषण ज़रूरी है। BJP-JD(S) गठबंधन की आंतरिक दरारें नई नहीं हैं — 2023 के विधानसभा चुनाव में भी दोनों दलों के बीच सीट-बँटवारे पर तनाव सामने आया था। असली सवाल यह है कि क्या ये 'अतिरिक्त वोट' वास्तव में वैचारिक असंतोष हैं या महज़ व्यक्तिगत समीकरणों का नतीजा — और कांग्रेस इस अंतर को चुनावी लाभ में बदल पाएगी या नहीं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को अतिरिक्त वोट कैसे मिले?
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के अनुसार, BJP और JD(S) के कथित तौर पर 11 विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया, जिससे कांग्रेस को अपेक्षित संख्या से अधिक वोट मिले। खड़गे ने इसे विपक्षी गठबंधन में आंतरिक असंतोष का प्रमाण बताया है।
प्रियांक खड़गे ने एच.डी. कुमारस्वामी पर क्या आरोप लगाए?
खड़गे ने कहा कि एमएलसी चुनाव के नतीजे पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के नेतृत्व को 'खारिज' करने जैसे हैं। उनका तर्क था कि JD(S) नेतृत्व अपने विधायकों को एकजुट रखने में विफल रहा है।
कर्नाटक सरकार विवादास्पद विधेयकों पर क्या रुख रखती है?
गृह मंत्री खड़गे ने स्पष्ट किया कि गो-हत्या और धर्मांतरण-रोधी जैसे विधेयकों पर फैसला बंद कमरों में नहीं, बल्कि विधानसभा में खुली लोकतांत्रिक बहस के ज़रिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार विपक्ष की राय को भी महत्व देती है।
मेकेदातु परियोजना पर कर्नाटक का क्या रुख है?
खड़गे ने कहा कि तमिलनाडु को अपने हित में प्रस्ताव पारित करने का अधिकार है, लेकिन कर्नाटक सरकार कन्नड़ लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे दो राज्यों के बीच सामान्य नीतिगत मतभेद बताया।
BJP-JD(S) गठबंधन के लिए इस चुनाव परिणाम का क्या मतलब है?
कांग्रेस के दावों के अनुसार, यह परिणाम NDA गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी को उजागर करता है। हालाँकि, BJP और JD(S) ने अभी तक इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, और क्रॉस-वोटिंग की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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