29 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक एमएलसी चुनाव: एनडीए की चारों सीटों पर जीत, कुमारस्वामी का कांग्रेस पर क्रॉस-वोटिंग पर तीखा प्रहार

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कर्नाटक एमएलसी चुनाव: एनडीए की चारों सीटों पर जीत, कुमारस्वामी का कांग्रेस पर क्रॉस-वोटिंग पर तीखा प्रहार

सारांश

कर्नाटक एमएलसी चुनाव में एनडीए की चारों सीटों पर जीत कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने क्रॉस-वोटिंग पर सीधा निशाना साधा और चेतावनी दी कि जिम्मेदारों को परिणाम भुगतने होंगे। विपक्ष नेता आर. अशोक ने इसे आगामी विधानसभा चुनावों की 'झलक' बताया।

मुख्य बातें

23 अक्टूबर 2026 को हुए कर्नाटक एमएलसी चुनावों में एनडीए ने चारों सीटें जीतीं — BJP को 3 और जेडी(एस) को 1 सीट मिली।
सत्तारूढ़ कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस पर क्रॉस-वोटिंग को लेकर निशाना साधा और जिम्मेदारों को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
अशोक ने दावा किया कि एनडीए 224 सदस्यीय विधानसभा में 160 से अधिक सीटें जीत सकता है।
कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार पुट्टन्ना की हार को CM डीके शिवकुमार के लिए बड़ा झटका बताया गया।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 29 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों की चारों सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत का जश्न मनाते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस पर क्रॉस-वोटिंग को लेकर कड़ा प्रहार किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीन और जनता दल (सेक्युलर) [जेडी(एस)] ने एक सीट जीती, जबकि कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।

मुख्य चुनाव परिणाम

23 अक्टूबर 2026 को हुए इन विधान परिषद चुनावों में BJP ने उत्तर-पूर्वी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, दक्षिण-पूर्वी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और पश्चिमी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर जीत दर्ज की। गठबंधन सहयोगी जेडी(एस) ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की।

इन चुनावों को BJP-जेडी(एस) गठबंधन के आंतरिक समन्वय की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था, साथ ही शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच कांग्रेस के आधार का आकलन भी इससे किया जाना था। परिणामों ने स्पष्ट रूप से एनडीए के पक्ष में संदेश दिया।

कुमारस्वामी की प्रतिक्रिया और कांग्रेस पर निशाना

कुमारस्वामी ने परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हमारे चारों विजेता उन उम्मीदवारों में शामिल नहीं हैं, जिन्हें क्रॉस-वोटिंग का लाभ मिला। क्रॉस-वोटिंग करने वालों के लिए अब आत्मनिरीक्षण का समय है।' उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि क्रॉस-वोटिंग के लिए जिम्मेदार लोगों को उसके परिणाम भुगतने होंगे।

उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जहाँ सत्तारूढ़ दल ने अतीत में राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग के ज़रिए जीत हासिल की थी, वहीं इस बार एमएलसी चुनावों में भाजपा और जेडी(एस) के उम्मीदवारों ने सीधे और साफ जीत दर्ज की।

विपक्ष के नेता का बयान

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि चारों सीटों पर एनडीए की यह जीत आगामी विधानसभा चुनावों में गठबंधन की संभावनाओं का संकेत देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि BJP-जेडी(एस) गठबंधन एकजुट होकर काम करे तो 224 सदस्यीय विधानसभा में 160 से अधिक सीटें जीती जा सकती हैं।

अशोक ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एपी रंगनाथ की जीत को दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय का परिणाम बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार पुट्टन्ना की हार मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका है।

राजनीतिक प्रभाव और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार आंतरिक तनाव और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रही है। गौरतलब है कि ये विधान परिषद चुनाव विधायकों के मतों पर आधारित होते हैं, इसलिए इनके नतीजे सीधे तौर पर विधायक दल की मनोदशा को भी प्रतिबिंबित करते हैं।

एनडीए की इस जीत के बाद BJP और जेडी(एस) दोनों दलों में उत्साह है और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी को लेकर गठबंधन की एकजुटता को बल मिला है। कांग्रेस के लिए यह परिणाम आत्मनिरीक्षण की माँग करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि शिक्षक और स्नातक मतदाता परंपरागत रूप से उसके करीब माने जाते रहे हैं। क्रॉस-वोटिंग का मुद्दा कांग्रेस के आंतरिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए यह परिणाम उनकी पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि की ओर इशारा कर सकता है, जिसे नज़रअंदाज़ करना उनके लिए महँगा पड़ सकता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक एमएलसी चुनाव 2026 में कौन जीता?
कर्नाटक एमएलसी चुनाव 2026 में एनडीए ने चारों सीटें जीतीं — BJP को 3 और जेडी(एस) को 1 सीट मिली। कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।
कुमारस्वामी ने क्रॉस-वोटिंग पर कांग्रेस को क्यों घेरा?
कुमारस्वामी ने कहा कि अतीत में कांग्रेस ने राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग के ज़रिए जीत हासिल की थी, इसलिए एमएलसी चुनावों में उनकी हार उनके लिए आत्मनिरीक्षण का अवसर है। उन्होंने क्रॉस-वोटिंग के लिए जिम्मेदार लोगों को परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।
कर्नाटक एमएलसी चुनाव कब हुए और कितनी सीटें थीं?
ये चुनाव 23 अक्टूबर 2026 को हुए और इनमें कुल 4 विधान परिषद सीटें थीं — दो शिक्षक और दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र। इन सभी चारों पर एनडीए ने जीत दर्ज की।
कर्नाटक एमएलसी नतीजे का राज्य की राजनीति पर क्या असर होगा?
विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इसे आगामी विधानसभा चुनावों में एनडीए की मज़बूत संभावनाओं का संकेत बताया और दावा किया कि गठबंधन 224 सदस्यीय विधानसभा में 160 से अधिक सीटें जीत सकता है। कांग्रेस के लिए यह नतीजा पार्टी अनुशासन और आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े करता है।
बेंगलुरु शिक्षक सीट पर किसने जीत दर्ज की?
बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जेडी(एस) उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने जीत हासिल की। कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार पुट्टन्ना की इस सीट पर हार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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