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कर्नाटक पेपर लीक पर राहुल गांधी माफी मांगें, बचकाना राजनीति छोड़ें: भाजपा सांसद दिनेश शर्मा

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कर्नाटक पेपर लीक पर राहुल गांधी माफी मांगें, बचकाना राजनीति छोड़ें: भाजपा सांसद दिनेश शर्मा

सारांश

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने राहुल गांधी पर 'बचकाना व्यवहार' का आरोप लगाते हुए कर्नाटक पेपर लीक पर सार्वजनिक माफी की माँग की। साथ ही नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को 'कुशल प्रशासक' बताया और ओवैसी के 'युवा PM' बयान पर भी पलटवार किया।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 26 जुलाई को राहुल गांधी से कर्नाटक पेपर लीक पर सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की।
शर्मा ने राहुल गांधी के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र को 'टकराव वाली रणनीति' करार दिया।
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल को 'सुधारों वाला' बताया; नए मंत्री प्रह्लाद जोशी को 'अनुभवी और कुशल' कहा।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के 'युवा प्रधानमंत्री' वाले बयान पर भाजपा सांसद ने तीखा पलटवार किया।
शर्मा ने चेतावनी दी कि 'अमर्यादित व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए बहुत खतरनाक है।'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद दिनेश शर्मा ने 26 जुलाई को नई दिल्ली में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और मांग की कि वे कर्नाटक पेपर लीक के मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। शर्मा ने यह प्रतिक्रिया तब दी जब राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को छात्र विरोध और शिक्षा व्यवस्था को लेकर पत्र लिखा था।

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल पर भाजपा का बचाव

दिनेश शर्मा ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कहा, 'भारत की शिक्षा प्रणाली में बुनियादी बदलाव का दौर धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल के दौरान आया। अगर किसी व्यक्ति या संस्था की ओर से कोई कमी रही भी, तो उसे दूर किया गया।' उन्होंने प्रधान के कार्यकाल को 'सुधारों वाला' बताया।

नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के बारे में शर्मा ने कहा कि वे 'एक अनुभवी, परिपक्व राजनेता और कुशल प्रशासक हैं' और उन्होंने 'जहाँ भी रहे हैं, अपनी उपयोगिता को सिद्ध किया है।' उनके अनुसार जोशी शिक्षा विभाग में भी उतने ही सफल रहेंगे।

राहुल गांधी पर सीधा हमला

राहुल गांधी के गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखने पर भाजपा सांसद ने कहा, 'राहुल गांधी बेसब्र हैं और उन्होंने टकराव वाली रणनीति अपनाने का फैसला किया है।' शर्मा ने राहुल की उम्र का हवाला देते हुए कहा, 'वे अब लगभग 58-60 साल के हैं, इसलिए उन्हें बचकाना व्यवहार छोड़ देना चाहिए।'

शर्मा ने आगे कहा कि यदि राहुल गांधी दूसरों पर 'बेमतलब कीचड़ उछाल रहे हैं', तो उन्हें कर्नाटक पेपर लीक के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए और राज्य के शिक्षा मंत्री को हटाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि 'अमर्यादित व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए बहुत खतरनाक हो गया है।'

ओवैसी के 'युवा प्रधानमंत्री' बयान पर पलटवार

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि अगला प्रधानमंत्री 80 साल का नहीं, बल्कि कोई युवा व्यक्ति होना चाहिए। इस पर दिनेश शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'वे अब ऐसी उम्र में हैं जब उन्हें यह मान लेना चाहिए कि हमारे प्रधानमंत्री जितना काम करते हैं, उसका एक-चौथाई काम करने की क्षमता भी उनमें नहीं है।'

शर्मा ने कहा कि 'किसी व्यक्ति की क्षमता, योग्यता, अनुभव और भारत के प्रति समर्पण ही एक प्रशासक के सबसे बड़े गुण होते हैं' और इन सभी मानदंडों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे आगे हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। गौरतलब है कि कर्नाटक में भी पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिन पर कांग्रेस-शासित राज्य सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर लगातार दबाव बनाए हुए है।

आने वाले दिनों में शिक्षा और परीक्षा सुधार को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच राजनीतिक तनाव और गहरा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो कर्नाटक पेपर लीक को ढाल बनाओ। लेकिन यह रणनीति तब तक ही काम करती है जब तक दोनों मुद्दों को अलग-अलग तराजू पर तौला जाता रहे। असली सवाल यह है कि केंद्र और राज्य — दोनों स्तरों पर परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही के लिए कोई ठोस तंत्र क्यों नहीं बना? राजनीतिक दोषारोपण की इस होड़ में छात्रों का भविष्य दाँव पर लगा है, और मुख्यधारा की कवरेज इस बुनियादी सवाल को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने राहुल गांधी से क्या माँग की?
दिनेश शर्मा ने माँग की कि राहुल गांधी कर्नाटक पेपर लीक के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें और राज्य के शिक्षा मंत्री को हटाएँ। उन्होंने राहुल के व्यवहार को 'बचकाना' बताते हुए 'अमर्यादित व्यवहार' को लोकतंत्र के लिए खतरनाक कहा।
राहुल गांधी ने अमित शाह को पत्र क्यों लिखा?
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को छात्र विरोध प्रदर्शनों और शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर पत्र लिखा था। भाजपा ने इसे 'टकराव वाली रणनीति' करार दिया।
प्रह्लाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री क्यों बनाया गया?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद संभाला। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने उन्हें 'अनुभवी, परिपक्व राजनेता और कुशल प्रशासक' बताया और कहा कि वे इस विभाग में भी सफल रहेंगे।
असदुद्दीन ओवैसी के 'युवा प्रधानमंत्री' वाले बयान पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया रही?
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि अगला प्रधानमंत्री 80 साल का नहीं बल्कि युवा होना चाहिए। इस पर दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की क्षमता, योग्यता, अनुभव और भारत के प्रति समर्पण सर्वोपरि है और इन सभी मानदंडों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे आगे हैं।
कर्नाटक पेपर लीक विवाद क्या है?
कर्नाटक में कथित तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएँ सामने आई हैं, जिसके लिए भाजपा कांग्रेस-शासित राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है। यह विवाद तब और गहरा हो गया जब केंद्र पर NEET परीक्षा अनियमितताओं के आरोप लगे और विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू किया।
राष्ट्र प्रेस
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