16 जुलाई 2026
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जनसुराज का भविष्य दांव पर: जदयू नेता राजीव रंजन का प्रशांत किशोर पर सीधा हमला

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जनसुराज का भविष्य दांव पर: जदयू नेता राजीव रंजन का प्रशांत किशोर पर सीधा हमला

सारांश

जदयू नेता राजीव रंजन ने एक साथ कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरा — प्रशांत किशोर की जनसुराज में टूट, 'इंडिया गठबंधन' के आंतरिक मतभेद, पंजाब कांग्रेस की कलह और TMC में उत्तराधिकार का संकट। उनका कहना है कि NDA की जीत तय है।

मुख्य बातें

जदयू नेता राजीव रंजन ने 16 जुलाई 2026 को पटना में कहा कि प्रशांत किशोर ने उपचुनाव में जनसुराज के भविष्य को दांव पर लगाया।
जनसुराज छोड़कर BJP में शामिल हुए नेताओं में बांकीपुर क्षेत्र के दो उम्मीदवार शामिल हैं।
राजीव रंजन ने कहा कि 'इंडिया गठबंधन' नेतृत्व और अहम मुद्दों — दोनों पर बंटा हुआ है।
पंजाब में राहुल गांधी को चरणजीत सिंह चन्नी और मौजूदा राज्य नेतृत्व के बीच मतभेद सुलझाने की नसीहत दी।
ममता बनर्जी के अभिषेक बनर्जी को उत्तराधिकारी बनाने की जिद से TMC में और टूट की आशंका।

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन ने 16 जुलाई 2026 को पटना में कहा कि प्रशांत किशोर ने आगामी उपचुनाव में अपनी पार्टी जनसुराज के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। यह बयान उस समय आया जब जनसुराज के कई नेता पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए।

जनसुराज में टूट और उपचुनाव की चुनौती

राजीव रंजन ने कहा कि जनसुराज छोड़कर जाने वाले नेताओं में से दो उम्मीदवार बांकीपुर के आसपास के निर्वाचन क्षेत्रों से थे। उनके अनुसार, इन नेताओं को यह एहसास हो गया कि प्रशांत किशोर 'जबरन फैसले थोपने के आदी' हो चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का भारी मतों से जीतना तय है।

'इंडिया गठबंधन' में आंतरिक मतभेद

आर्टिकल 370 पर कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव रंजन ने कहा कि 'इंडिया गठबंधन' केवल नेतृत्व के सवाल पर नहीं, बल्कि अहम मुद्दों पर भी बंटा हुआ है। उन्होंने स्वीकार किया कि जनता दल (यूनाइटेड) शुरू में आर्टिकल 370 हटाने के खिलाफ थी, लेकिन उनका कहना है कि NDA सरकार की विकास रणनीति लागू होने के बाद जम्मू-कश्मीर में उल्लेखनीय प्रगति हुई है — पर्यटन से लेकर पारंपरिक शिल्प क्षेत्र तक।

पटना एनकाउंटर पर जदयू का रुख

पटना एनकाउंटर मामले पर राजीव रंजन ने कहा कि संबंधित व्यक्ति आपराधिक पृष्ठभूमि का था और पुलिस उसे बंटी यादव हत्याकांड में मुख्य आरोपी मानती थी। उन्होंने कहा, 'अगर अपराधी पुलिस के अधिकार को चुनौती देने की कोशिश करते हैं या ड्यूटी के दौरान उन्हें सीमा पार करने के लिए मजबूर करते हैं, तो ऐसी स्थितियां पैदा होना स्वाभाविक हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि उस घटना के बाद कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी।

पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह

पंजाब में कांग्रेस के आंतरिक विवाद पर राजीव रंजन ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 'अक्सर तब जागते हैं जब नुकसान हो चुका होता है।' उन्होंने कहा कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं में काफी लोकप्रिय हैं, और राहुल गांधी को इन मतभेदों को सुलझाने में व्यक्तिगत रुचि लेनी चाहिए। भूपेश बघेल की पंजाब में बार-बार की कोशिशों को भी कई लोगों ने स्वीकार नहीं किया है।

तृणमूल कांग्रेस में उत्तराधिकार का संकट

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी पर टिप्पणी करते हुए राजीव रंजन ने कहा कि यदि वे अभिषेक बनर्जी को राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाने पर अड़ी रहती हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनतीं, तो और भी नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मदन मित्रा समेत कई नेता पहले भी पार्टी से दूर हो चुके हैं और संसदीय दल में बड़ी फूट पड़ चुकी है। आगे भी पार्टी में स्थिरता की कोई गारंटी नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'इंडिया गठबंधन', कांग्रेस और TMC को एक साथ घेरने की कोशिश। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि जदयू खुद आर्टिकल 370 पर अपना रुख बदल चुकी है, जिसे वे अब 'विकास' के तर्क से उचित ठहरा रहे हैं — यह राजनीतिक अवसरवाद और वैचारिक बदलाव के बीच की महीन रेखा है। प्रशांत किशोर पर 'जबरन फैसले थोपने' का आरोप तब और गहरा हो जाता है जब उनकी पार्टी के उम्मीदवार ही उन्हें छोड़ रहे हों — यह संगठनात्मक कमज़ोरी का संकेत है जिसे NDA अपने फायदे के लिए भुनाना चाहती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव रंजन ने प्रशांत किशोर पर क्या आरोप लगाए?
जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा कि प्रशांत किशोर 'जबरन फैसले थोपने के आदी' हो चुके हैं और उन्होंने उपचुनाव में जनसुराज के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। उनके अनुसार, पार्टी छोड़कर BJP में शामिल होने वाले नेताओं को यह एहसास हो गया था।
जनसुराज के कितने नेता BJP में शामिल हुए?
राजीव रंजन के अनुसार, जनसुराज छोड़कर आए नेताओं में से कम से कम दो लोग बांकीपुर के आसपास के निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार थे। कुल संख्या का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया।
'इंडिया गठबंधन' में किन मुद्दों पर मतभेद हैं?
राजीव रंजन ने कहा कि 'इंडिया गठबंधन' केवल नेतृत्व के सवाल पर नहीं, बल्कि आर्टिकल 370 जैसे अहम मुद्दों पर भी बंटा हुआ है। कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज के बयान को उन्होंने गठबंधन की आंतरिक बेचैनी का प्रमाण बताया।
TMC में उत्तराधिकार विवाद क्या है?
राजीव रंजन ने कहा कि यदि ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी को राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाने पर अड़ी रहती हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं की नहीं सुनतीं, तो और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। मदन मित्रा जैसे नेता पहले ही पार्टी से दूर हो चुके हैं।
पंजाब कांग्रेस विवाद में राहुल गांधी की भूमिका पर क्या कहा गया?
राजीव रंजन ने कहा कि राहुल गांधी 'अक्सर तब जागते हैं जब नुकसान हो चुका होता है।' उन्होंने सुझाव दिया कि राहुल गांधी को चरणजीत सिंह चन्नी और मौजूदा पंजाब कांग्रेस नेतृत्व के बीच मतभेद सुलझाने में व्यक्तिगत रुचि लेनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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