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पुणे गणेश उत्सव: 134 साल पुरानी परंपरा को राज्य उत्सव का दर्जा, मोहोल ने पुणेकरों को दिया धन्यवाद

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पुणे गणेश उत्सव: 134 साल पुरानी परंपरा को राज्य उत्सव का दर्जा, मोहोल ने पुणेकरों को दिया धन्यवाद

सारांश

पुणे का 134 साल पुराना गणेश उत्सव इस बार केवल आस्था का पर्व नहीं था — यह सरकारी मान्यता का पल भी था। मुख्यमंत्री फडणवीस सरकार द्वारा राज्य उत्सव का दर्जा मिलने के बाद यह आयोजन ऐतिहासिक महत्व का हो गया है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 24 सितंबर 2026 को पुणे के 134 साल पुराने गणेश उत्सव के सफल आयोजन पर पुणेकरों का आभार जताया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के गणेश उत्सव को राज्य उत्सव का दर्जा प्रदान किया।
विधायक हेमंत रासने ने राज्य उत्सव दर्जे के लिए प्रयास किए; आयोजन स्थल पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई।
उत्सव 10 दिनों तक भक्तिमय और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ; देश-विदेश से श्रद्धालु पुणे पहुँचे।
महाराष्ट्र के कई जिलों में सूखे से प्रभावित किसानों के लिए उत्सव के दौरान प्रार्थना की गई।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 24 सितंबर 2026 को पुणे के 134 साल पुराने गणेश उत्सव के भक्तिमय और शांतिपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न होने पर पुणेकरों और गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पुणे का गणेश उत्सव केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस उत्सव में भाग लेने पुणे पहुँचते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मोहोल ने कहा, 'गणेश उत्सव पुणे की संस्कृति और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। यह हमारी 134 साल पुरानी परंपरा है।' उन्होंने एक गणेश मंडल के कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि के रूप में पुणे की जनता और सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, पिछले 10 दिनों में उत्सव अत्यंत भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।

यह ऐसे समय में आया है जब पुणे के गणेश उत्सव को महाराष्ट्र सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से राज्य उत्सव का दर्जा दिया जा चुका है — जो कि इस उत्सव के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को संस्थागत मान्यता देने का एक बड़ा कदम है।

राज्य उत्सव का दर्जा: एक ऐतिहासिक उपलब्धि

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के गणेश उत्सव को राज्य उत्सव का दर्जा प्रदान किया है। मोहोल ने बताया कि इस दिशा में पुणे के विधायक हेमंत रासने ने सक्रिय प्रयास किए थे। उन्होंने इसे पुणे की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

गौरतलब है कि गणेश उत्सव की शुरुआत लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना जगाने के उद्देश्य से की थी। राज्य उत्सव का दर्जा मिलने से इस परंपरा को सरकारी समर्थन और संस्थागत पहचान दोनों प्राप्त होती है।

विसर्जन परंपरा और सामाजिक सहभागिता

मोहोल ने गणेश विसर्जन की ऐतिहासिक परंपरा का भी उल्लेख किया और कहा कि विसर्जन के दौरान शहर में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अपना विशेष महत्व है। उन्होंने इस परंपरा और उत्सव के प्रतीक के रूप में आयोजन स्थल पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित किए जाने का उल्लेख किया तथा विधायक हेमंत रासने की इस पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि पुणे की जनता की व्यापक भागीदारी ही इस उत्सव की सबसे बड़ी शक्ति है और इसी सहभागिता के कारण गणेश उत्सव की परंपरा लगातार समृद्ध होती आ रही है।

किसानों के लिए प्रार्थना

मोहोल ने बताया कि महाराष्ट्र के कई जिलों में सूखे की स्थिति के कारण किसान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान पुणे की जनता की ओर से विघ्नहर्ता भगवान गणेश से प्रार्थना की गई कि किसानों की परेशानियाँ दूर हों और उन्हें संकट से राहत मिले। यह पहलू उत्सव के व्यापक सामाजिक आयाम को रेखांकित करता है — आस्था का यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, सामूहिक संवेदना का भी प्रतीक बना।

आगे की राह

मोहोल ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे भविष्य में भी इसी उत्साह और भक्तिभाव के साथ गणेश उत्सव की परंपरा को आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने कहा कि पुणे का गणेश उत्सव आस्था, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक है। राज्य उत्सव का दर्जा मिलने के बाद अब इस आयोजन को और अधिक संसाधन और व्यापक मान्यता मिलने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इससे व्यावहारिक धरातल पर क्या बदलेगा — क्या इस दर्जे के साथ आधारभूत सुविधाएँ, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे? तिलक की विरासत से शुरू हुआ यह उत्सव आज लाखों श्रद्धालुओं को एकजुट करता है, पर हर साल नदियों में विसर्जन से उत्पन्न प्रदूषण की चुनौती भी उतनी ही पुरानी है। राज्य उत्सव का दर्जा तब सार्थक होगा जब इसके साथ दीर्घकालिक पर्यावरण और लॉजिस्टिक्स योजना भी आए।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे के गणेश उत्सव को राज्य उत्सव का दर्जा कब और किसने दिया?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के गणेश उत्सव को राज्य उत्सव का दर्जा दिया। इस दिशा में पुणे के विधायक हेमंत रासने ने विशेष प्रयास किए थे।
पुणे का गणेश उत्सव कितने साल पुराना है?
पुणे का गणेश उत्सव 134 साल पुरानी परंपरा है। इसकी शुरुआत लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना के उद्देश्य से की थी।
मुरलीधर मोहोल ने गणेश उत्सव के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि गणेश उत्सव पुणे की संस्कृति और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने 10 दिनों के भक्तिमय और शांतिपूर्ण उत्सव के लिए पुणेकरों और गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
क्या इस वर्ष गणेश उत्सव में किसानों के लिए कोई विशेष पहल हुई?
मोहोल के अनुसार, महाराष्ट्र के कई जिलों में सूखे की स्थिति के मद्देनज़र उत्सव के दौरान पुणे की जनता ने भगवान गणेश से किसानों की परेशानियाँ दूर करने की प्रार्थना की। यह उत्सव के सामाजिक और मानवीय आयाम को दर्शाता है।
पुणे के गणेश उत्सव में कौन-कौन भाग लेता है?
पुणे के गणेश उत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। स्थानीय गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं की भूमिका केंद्रीय होती है और पुणे की जनता की व्यापक भागीदारी इसे विश्वस्तरीय उत्सव बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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