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पंजाब पुलिस ASI का कारनामा CCTV में कैद: छापे से पहले पुजारी के घर गद्दे के नीचे रखी हेरोइन

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पंजाब पुलिस ASI का कारनामा CCTV में कैद: छापे से पहले पुजारी के घर गद्दे के नीचे रखी हेरोइन

सारांश

पंजाब के खन्ना में एक गुप्त कैमरे ने वो कैद कर लिया जो पुलिस छुपाना चाहती थी — ASI सुखदेव सिंह को छापे से पहले पुजारी के घर हेरोइन रखते दिखाया। अब ASI निलंबित है, महंत बरी हो चुके हैं और SIT जाँच शुरू हो गई है।

मुख्य बातें

ASI सुखदेव सिंह को खन्ना पुलिस के SSP दर्पण अहलूवालिया ने 2 नवंबर 2026 को निलंबित किया।
गुप्त कैमरे की फुटेज में ASI को छापे से पहले महंत कश्मीर गिरी के आवास में गद्दे के नीचे कथित तौर पर हेरोइन का पैकेट रखते दिखाया गया।
तलाशी में पुलिस ने ठीक उसी स्थान से लगभग 30 ग्राम हेरोइन बरामद होने का दावा किया था।
मामले में गिरफ्तार महंत कश्मीर गिरी को बरी कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में SIT का गठन कर वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और बरामदगी की परिस्थितियों की जाँच शुरू।
शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने AAP सरकार पर हमला बोलते हुए पंजाब पुलिस के कामकाज पर सवाल उठाए।

पंजाब के लुधियाना जिले में एक चौंकाने वाले मामले में, खन्ना पुलिस के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) सुखदेव सिंह को 2 नवंबर 2026 को निलंबित कर दिया गया, जब परिवार के गुप्त कैमरे में रिकॉर्ड हुई फुटेज ने कथित तौर पर उन्हें पुलिस छापेमारी से ठीक पहले धार्मिक नेता महंत कश्मीर गिरी के आवास के बिस्तर के गद्दे के नीचे हेरोइन का पैकेट रखते हुए दिखाया। इस प्रकरण ने पंजाब पुलिस की कार्यशैली और मादक पदार्थ मामलों में फर्जी बरामदगी की आशंका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

खन्ना कस्बे में यह प्रकरण तब शुरू हुआ जब पुलिस ने महंत कश्मीर गिरी के ड्राइवर गुरजंत सिंह उर्फ जनता को कथित तौर पर 7.5 ग्राम हेरोइन रखने के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि ड्राइवर से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर वे महंत कश्मीर गिरी तक पहुँचे और उनके आवास पर तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने दावा किया कि बिस्तर के गद्दे के नीचे से लगभग 30 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसके आधार पर महंत कश्मीर गिरी को कथित मादक पदार्थ तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। हालाँकि, परिवार द्वारा पहले से लगाए गए गुप्त कैमरे की फुटेज ने इस पूरी कार्रवाई की परिस्थितियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए।

वायरल वीडियो में क्या दिखा

सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुए वीडियो में कथित तौर पर ASI सुखदेव सिंह को सादे कपड़ों में पुलिस टीम के पहुँचने से पहले कमरे में प्रवेश करते और बिस्तर के गद्दे के नीचे एक पैकेट रखते हुए देखा गया है। कुछ ही देर बाद एक अन्य पुलिसकर्मी महंत के साथ उसी कमरे में दाखिल हुआ और तलाशी के दौरान ठीक उसी स्थान से हेरोइन 'बरामद' होने का दावा किया गया।

गौरतलब है कि यह फुटेज परिवार के स्वयं स्थापित गुप्त कैमरे से प्राप्त हुई, जो पुलिस द्वारा लगाए किसी उपकरण से नहीं थी। इस वीडियो की प्रामाणिकता की जाँच अभी जारी है।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

खन्ना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दर्पण अहलूवालिया ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ASI सुखदेव सिंह को निलंबित कर दिया और उन्हें जाँच प्रक्रिया से अलग करने का आदेश दिया। ASI अपराध जाँच एजेंसी (CIA) के स्टाफ में तैनात थे।

इसके साथ ही, मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार महंत कश्मीर गिरी को इस मामले से बरी कर दिया गया है। मामले की व्यापक जाँच के लिए पुलिस अधीक्षक रैंक के एक अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

SIT को तीन प्रमुख कार्य सौंपे गए हैं — वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की जाँच करना, निलंबित ASI की कथित भूमिका का पता लगाना और उन परिस्थितियों की पड़ताल करना जिनके तहत कथित हेरोइन बरामद की गई थी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वीडियो प्रामाणिक सिद्ध होता है तो यह पुलिस उत्पीड़न (police planting) का गंभीर मामला बनेगा।

राजनीतिक विवाद

इस घटनाक्रम ने पंजाब में तीखे राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने वीडियो वायरल होने के बाद भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। बादल ने कहा, 'आप के 'कानून और व्यवस्था' मॉडल में आपका स्वागत है! खन्ना पुलिस का एक ASI सीसीटीवी में किसी के घर में गद्दे के नीचे चुपके से ड्रग्स का पैकेट रखते हुए पकड़ा गया।'

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब सरकार नशा-तस्करी के खिलाफ अपने अभियान को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाती रही है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकरण ने मादक पदार्थ मामलों में पुलिस की कथित फर्जी बरामदगी के पुराने आरोपों को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। SIT की जाँच के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इस बार आरोप किसी बयान तक सीमित नहीं बल्कि कैमरे में दर्ज है। AAP सरकार नशे के खिलाफ सख्ती को अपनी राजनीतिक पहचान से जोड़ती रही है — यह प्रकरण उसी कथा को सीधे चुनौती देता है। असली परीक्षा SIT की जाँच की स्वतंत्रता और पारदर्शिता की होगी; यदि वीडियो प्रामाणिक निकला तो यह अकेले एक ASI का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पूरे CIA स्टाफ की निगरानी प्रणाली पर सवाल उठेगा। राज्य में ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं जहाँ मादक पदार्थ फर्जी तरीके से रखने के आरोप लगे, लेकिन जवाबदेही कम रही — इस बार कैमरे का साक्ष्य उस परंपरा को तोड़ने का अवसर भी है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब पुलिस ASI सुखदेव सिंह पर क्या आरोप है?
ASI सुखदेव सिंह पर आरोप है कि उन्होंने खन्ना में महंत कश्मीर गिरी के आवास पर पुलिस छापे से ठीक पहले गद्दे के नीचे हेरोइन का पैकेट रखा, जो परिवार के गुप्त कैमरे में कथित तौर पर रिकॉर्ड हो गया। इस फुटेज के वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
महंत कश्मीर गिरी कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया था?
महंत कश्मीर गिरी खन्ना कस्बे के एक हिंदू धार्मिक नेता हैं। पुलिस ने उनके ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद उनके आवास पर छापेमारी कर कथित तौर पर 30 ग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा करते हुए उन्हें मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। वायरल वीडियो सामने आने के बाद उन्हें इस मामले से बरी कर दिया गया है।
SIT की जाँच में क्या-क्या देखा जाएगा?
पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित SIT को तीन काम सौंपे गए हैं — वायरल वीडियो की प्रामाणिकता जाँचना, निलंबित ASI की कथित भूमिका का पता लगाना और उन परिस्थितियों की जाँच करना जिनमें कथित हेरोइन बरामद की गई थी।
इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया कैसी रही?
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने वीडियो वायरल होने के बाद AAP सरकार पर तीखा हमला बोला और पंजाब पुलिस के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह AAP के 'कानून और व्यवस्था' मॉडल की असलियत है।
ASI के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई क्या हुई?
खन्ना के SSP दर्पण अहलूवालिया ने ASI सुखदेव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उन्हें जाँच प्रक्रिया से अलग करने का आदेश दिया गया है। वे CIA स्टाफ में तैनात थे।
राष्ट्र प्रेस
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