रामलक्ष्मण: 'मैंने प्यार किया' से 'हम आपके हैं कौन' तक, जिनकी धुनों का दीवाना था पूरा हिंदुस्तान
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज संगीतकार रामलक्ष्मण — जिनका असली नाम विजय काशीनाथ पाटिल था — ने हिंदी सिनेमा को वे धुनें दीं जो आज भी शादियों और पार्टियों में गूंजती हैं। 22 मई 2021 को 79 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ, लेकिन 'मैंने प्यार किया', 'हम आपके हैं कौन..!' और 'हम साथ-साथ हैं' जैसी फिल्मों में रचा उनका संगीत अमर है। हिंदी, भोजपुरी और मराठी मिलाकर 150 से अधिक फिल्मों में संगीत देने वाले रामलक्ष्मण राजश्री प्रोडक्शन के सबसे विश्वसनीय संगीतकार बने।
रामलक्ष्मण: एक जोड़ी की कहानी
रामलक्ष्मण दरअसल एक संगीतकार जोड़ी का नाम था। इस जोड़ी के 'राम' थे सुरेंद्र, और 'लक्ष्मण' थे विजय पाटिल। 16 सितंबर 1942 को नागपुर में जन्मे विजय पाटिल ने बचपन से ही संगीत को अपना जीवन बना लिया था। उन्होंने पियानो, अकॉर्डियन और ड्रम्स जैसे वाद्ययंत्रों में पारंपरिक प्रशिक्षण लिया।
मराठी फिल्मों में उनकी शुरुआत दादा कोंडके की बदौलत हुई, जिन्होंने इस प्रतिभाशाली जोड़ी को पहला मंच दिया। बाद में रामलक्ष्मण ने दादा कोंडके की कई हिंदी फिल्मों में भी संगीत दिया।
हिंदी सिनेमा में सफर और 'मैंने प्यार किया' की धमाकेदार एंट्री
1977 में फिल्म 'एजेंट विनोद' से इस जोड़ी ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। हालाँकि जल्द ही जोड़ी के 'राम' यानी सुरेंद्र का निधन हो गया। विजय पाटिल ने अकेले दम पर रामलक्ष्मण ब्रांड को जीवित रखा और आगे बढ़ते रहे।
1989 में निर्देशक सूरज बड़जात्या की फिल्म 'मैंने प्यार किया' ने रामलक्ष्मण को रातोंरात स्टार बना दिया। सलमान खान और भाग्यश्री अभिनीत इस फिल्म के सभी 11 गाने सुपरहिट रहे। 'दिल दीवाना', 'कबूतर जा जा जा', 'आजा शाम होने आई' और 'मैंने प्यार किया' जैसे गाने युवा पीढ़ी की जुबान पर चढ़ गए और आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं।
राजश्री के साथ यादगार साझेदारी
1994 में आई 'हम आपके हैं कौन..!' ने रामलक्ष्मण की पहचान को और ऊँचाई दी। 'दीदी तेरा देवर दीवाना', 'मई नी मई', 'जूते दो पैसा लो', 'हम आपके हैं कौन' और 'वाह वाह राम जी' जैसे गाने पूरे देश में छा गए। यह फिल्म पारिवारिक मनोरंजन की मिसाल बन गई।
1999 में 'हम साथ-साथ हैं' ने एक बार फिर साबित किया कि रामलक्ष्मण और राजश्री प्रोडक्शन की जुगलबंदी दर्शकों के दिलों तक सीधे पहुँचती है। इसके अलावा '100 डेज', 'पत्थर के फूल', 'पुलिस पब्लिक' और 'मुस्कुराहट' जैसी फिल्मों में भी उनके संगीत ने खूब वाहवाही बटोरी।
दिग्गज गायकों के साथ काम
रामलक्ष्मण ने अपने करियर में लता मंगेशकर, आशा भोसले, किशोर कुमार, उदित नारायण, अलका याग्निक और कुमार सानू जैसे दिग्गज गायकों के साथ काम किया। उनकी धुनों में एक ऐसी सरलता थी जो हर वर्ग के श्रोता को अपनी लगती थी — यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी।
विरासत और अंतिम विदाई
विजय पाटिल कम चर्चा में रहना पसंद करते थे। वे हमेशा मानते थे कि उनका संगीत ही उनकी असली पहचान है। 22 मई 2021 को 79 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम साँस ली। उनके जाने से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसा संगीतकार खोया जिसने 80-90 के दशक की रोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों को एक अलग पहचान दी। उनकी धुनें आने वाली पीढ़ियों को भी उतनी ही प्रिय रहेंगी।