1 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी का बालाघाट दौरा: मलेरिया से मृत आदिवासी बच्चों के परिजनों से मिलेंगे, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी का बालाघाट दौरा: मलेरिया से मृत आदिवासी बच्चों के परिजनों से मिलेंगे, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

सारांश

राहुल गांधी का बालाघाट दौरा महज संवेदना यात्रा नहीं — यह मध्य प्रदेश में कांग्रेस की आदिवासी राजनीति की बड़ी वापसी है। 15 दिनों में दूसरी बार प्रदेश में पहुँचे राहुल ने BJP पर मलेरिया मौतों, केन-बेतवा विस्थापन और आरक्षण में धाँधली के तीखे आरोप लगाए हैं।

मुख्य बातें

राहुल गांधी 1 अक्टूबर 2026 को बालाघाट पहुँचे — मलेरिया समेत अन्य बीमारियों से मृत आदिवासी बच्चों के परिजनों से मिलने।
यह 15 दिनों के भीतर मध्य प्रदेश का उनका दूसरा दौरा है; इससे पहले 19 सितंबर को इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
राहुल गांधी ने BJP सरकार पर आदिवासियों की 'उपेक्षा, प्रताड़ना और दमन' का आरोप लगाया।
केन-बेतवा परियोजना से विस्थापित आदिवासियों को पुनर्वास व मुआवजा न मिलने का मुद्दा भी उठाया।
आदिवासी छात्रों ने कथित तौर पर आरक्षण में धाँधली , बदहाल कॉलेज और हॉस्टल की शिकायतें दर्ज कराईं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के दौरे पर पहुँचे, जहाँ वह उन आदिवासी परिवारों से मुलाकात करेंगे जिन्होंने मलेरिया समेत अन्य बीमारियों के कारण अपने बच्चों को खोया है। यह 15 दिनों के भीतर मध्य प्रदेश का उनका दूसरा दौरा है, और इसे कांग्रेस की आदिवासी समुदायों तक सीधी पहुँच की बड़ी राजनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

एक्स पर पोस्ट कर जताई संवेदना

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दौरे से पूर्व लिखा, 'मैं आज बालाघाट आ रहा हूँ — उन आदिवासी परिवारों से मिलने, जिन्होंने बीमारी और भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण अपने मासूम बच्चों को खोया है।' उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिजनों को यह एहसास दिलाना चाहते हैं कि 'इस दुख में वो अकेले नहीं हैं।' उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व वे केन-बेतवा आंदोलन से जुड़े आदिवासी समुदायों से भी मिले थे।

केन-बेतवा परियोजना और आदिवासी विस्थापन

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में केन-बेतवा परियोजना का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि परियोजना के कारण आदिवासियों के गाँव डूब रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से 'न पुनर्वास मिला, न मुआवजा — मिला है तो प्रताड़ना, सरकारी दमन और हिंसा।' ये गंभीर आरोप हैं जिन पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आदिवासी शिक्षा और आरक्षण पर चिंताएँ

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का हवाला भी दिया, जहाँ आदिवासी छात्रों ने कथित तौर पर उन्हें बताया कि स्कूल नदारद हैं, कॉलेज बदहाल हैं, हॉस्टल और खाने की व्यवस्था अत्यंत खराब है, परीक्षाओं में धाँधली हो रही है और आरक्षण के अधिकार से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने इन तकलीफों को BJP-RSS की उस सोच से जोड़ा जो आदिवासियों को 'भारत के पहले मालिक नहीं, वनवासी मानती है।'

सरकार पर आरोप और कांग्रेस का रुख

राहुल गांधी ने आदिवासी समुदायों को आश्वस्त करते हुए कहा, 'मैं आपके साथ हर संघर्ष में खड़ा हूँ, आपकी आवाज बुलंद करना मेरी जिम्मेदारी है और मैं इस बहरी सरकार को वो पूरी शक्ति के साथ सुनाऊँगा।' यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में आदिवासी समुदायों के स्वास्थ्य, शिक्षा और विस्थापन से जुड़े मुद्दे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में भारी आदिवासी आबादी है और राज्य की कुल लोकसभा सीटों में से कई अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। कांग्रेस का यह आक्रामक दौरा BJP-शासित राज्य में आदिवासी समर्थन को पुनः एकजुट करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद में भी गूँज सुनाई दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये दौरे ज़मीनी नीतिगत बदलाव की माँग में तब्दील होंगे या केवल भावनात्मक एकजुटता के प्रदर्शन तक सीमित रहेंगे। मलेरिया से बच्चों की मौत और केन-बेतवा विस्थापन दोनों ही ऐसे मुद्दे हैं जिन पर संसद में ठोस सवाल उठाए जा सकते हैं — लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इसे अक्सर राजनीतिक प्रतीकवाद तक सीमित रखती है। मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजाति की आबादी राज्य की लगभग 21% है, जो किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है — इसलिए यह दौरा सहानुभूति और चुनावी गणित दोनों का मिश्रण है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी बालाघाट क्यों गए?
राहुल गांधी 1 अक्टूबर 2026 को बालाघाट इसलिए गए क्योंकि वहाँ के आदिवासी इलाकों में मलेरिया समेत अन्य बीमारियों से कई बच्चों की मौत हुई है। वे इन परिवारों से मिलकर उन्हें संवेदना देने और उनकी तकलीफ को राष्ट्रीय मंच पर उठाने के लिए पहुँचे।
केन-बेतवा परियोजना और आदिवासियों का क्या संबंध है?
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के कारण मध्य प्रदेश के कुछ आदिवासी गाँव डूब क्षेत्र में आ गए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि प्रभावित आदिवासियों को न पर्याप्त पुनर्वास मिला है, न मुआवजा, और उन्हें कथित तौर पर सरकारी दमन का सामना करना पड़ा है।
15 दिनों में यह राहुल गांधी का मध्य प्रदेश में कौन-सा दौरा है?
यह 15 दिनों के भीतर मध्य प्रदेश में उनका दूसरा दौरा है। इससे पहले वे 19 सितंबर को इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहाँ आदिवासी छात्रों ने शिक्षा व आरक्षण से जुड़ी शिकायतें साझा की थीं।
मध्य प्रदेश में आदिवासी छात्रों ने कौन-सी समस्याएँ उठाई हैं?
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में आदिवासी छात्रों ने कथित तौर पर बताया कि राज्य में स्कूल नदारद हैं, कॉलेज बदहाल हैं, हॉस्टल और खाने की सुविधाएँ बेहद खराब हैं, और परीक्षाओं में धाँधली के साथ आरक्षण अधिकारों से खिलवाड़ हो रहा है।
BJP ने राहुल गांधी के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
रिपोर्टों के अनुसार, राहुल गांधी के इन ताज़ा आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 घंटे पहले
  2. 14 घंटे पहले
  3. कल
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले