बालाघाट दौरे पर BJP का राहुल गांधी को जवाब: 'कांग्रेस के शासनकाल की नाकामियों का हिसाब दें'
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 1 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। खंडेलवाल ने कहा कि आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपने लंबे शासनकाल में आदिवासी क्षेत्रों के लिए किए गए कार्यों का ब्योरा भी देना चाहिए।
राहुल गांधी का बालाघाट दौरा और आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी कुपोषण और अन्य बीमारियों के कारण आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर बालाघाट पहुँचे थे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और मौजूदा राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। यह दौरा मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की पलटवार
हेमंत खंडेलवाल ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कांग्रेस आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर सवाल उठा रही है, लेकिन उसे यह भी बताना चाहिए कि लंबे समय तक देश और प्रदेश की सत्ता में रहने के बावजूद उसने आदिवासी अंचलों के विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और बुनियादी सुविधाओं के लिए क्या ठोस प्रयास किए।
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस वर्षों तक सत्ता में रही, फिर भी आदिवासी अंचलों की अनेक मूलभूत समस्याएं क्यों बनी रहीं — राहुल गांधी को इसका जवाब देना चाहिए।'
नक्सलवाद और लिखीराम कांवरे की हत्या का संदर्भ
खंडेलवाल ने यह भी कहा कि बालाघाट की जनता कांग्रेस के उस दौर को नहीं भूली है जब यह क्षेत्र नक्सलवाद की गंभीर चुनौती से जूझ रहा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता लिखीराम कांवरे की नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी।
खंडेलवाल ने सवाल उठाया, 'क्या राहुल गांधी कभी लिखीराम कांवरे के परिवार के साथ बैठे? क्या उन्होंने उनके परिवार की पीड़ा को समझने का प्रयास किया?' उन्होंने कहा कि जनता यह भी पूछ रही है कि कांग्रेस के शासनकाल में नक्सलवाद की चुनौती क्यों बनी रही और आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का अपेक्षित विस्तार क्यों नहीं हुआ।
सरकार का दावा: सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर प्रगति
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रयासों से बालाघाट सहित प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है और विकास कार्यों को भी गति दी गई है।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढाँचे के विस्तार पर सरकार लगातार काम कर रही है। उनके अनुसार, नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता देने वाले इस दोहरे दृष्टिकोण से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव का वातावरण तैयार हुआ है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में आदिवासी आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा है और यह वर्ग हमेशा से चुनावी दृष्टि से संवेदनशील रहा है। राहुल गांधी का बालाघाट दौरा ऐसे समय में आया है जब आदिवासी बच्चों की मौत के मामले ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर राष्ट्रीय ध्यान खींचा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है।