बालाघाट दौरे पर BJP का पलटवार: विश्वास सारंग बोले, 'लाशों पर राजनीति करना उचित नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार, 2 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का दौरा करने वाले हैं, जहाँ गंभीर बीमारी के कारण आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। इस दौरे से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए इसे 'राजनीतिक स्टंट' करार दिया है।
मुख्य आरोप: सारंग का राहुल गांधी पर हमला
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे दौरों का उद्देश्य सार्थक होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी आएं, परंतु सार्थक बात करें। अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए दौरे करना उचित नहीं है। हमें उनके आने से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वे विघटन की बात न करें।'
सारंग ने राहुल गांधी के इंदौर दौरे का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने संवेदनशील शब्दों का अपमान किया था। उन्होंने यह भी कहा, 'वो विश्व में कहीं भी जाते हैं तो देश के मान-सम्मान को गिराते हैं। हिंदुस्तान में भी जब वह कहीं दौरा करते हैं तो संवैधानिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाते हैं।'
परिपक्वता की माँग: सारंग का सीधा संदेश
मंत्री सारंग ने राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने और 'स्क्रिप्टेड' भाषण देने का आरोप लगाया। उनका कहना था, 'बचपने और स्क्रिप्टेड भाषण देने से राजनीति नहीं चलती। लाशों पर राजनीति करना उचित नहीं है।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता प्रतिपक्ष में आवश्यक परिपक्वता होनी चाहिए।
BJP प्रदेश सह-प्रभारी का पक्ष
BJP की प्रदेश सह-प्रभारी रेखा वर्मा ने भी राहुल गांधी के दौरे पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आज बालाघाट के नक्सल-प्रभावित क्षेत्र तक पहुँच पा रहे हैं क्योंकि BJP सरकार ने वहाँ से नक्सलवाद को समाप्त करने का काम किया है।
वर्मा ने कांग्रेस के शासनकाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'जब कांग्रेस की सरकार थी, तब ऐसी कई घटनाएं हुईं जहाँ कांग्रेस का एक भी नेता पीड़ितों तक नहीं पहुंचा। हमारी सरकार ने उस क्षेत्र को सुरक्षित बनाया है, तब जाकर आज विपक्ष के नेता वहाँ जा रहे हैं।'
पृष्ठभूमि: बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत
यह पूरा विवाद बालाघाट जिले में गंभीर बीमारी के कारण आदिवासी बच्चों की दुखद मौत के बाद उपजा है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में आदिवासी स्वास्थ्य और कल्याण के मुद्दे पहले से ही चर्चा में हैं। गौरतलब है कि विपक्षी नेताओं का आदिवासी-बहुल इलाकों का दौरा अक्सर सत्तारूढ़ दल की तीखी प्रतिक्रिया का कारण बनता है।
क्या होगा आगे
राहुल गांधी के दौरे के बाद मध्य प्रदेश सरकार पर आदिवासी बच्चों की मौत के कारणों और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर जवाब देने का दबाव बढ़ सकता है। इस राजनीतिक टकराव के बीच असली सवाल यह है कि बालाघाट के पीड़ित परिवारों को न्याय और पर्याप्त सहायता कब और कैसे मिलेगी।