क्या राहुल गांधी के चीन वाले बयान पर भाजपा नेताओं ने तंज कसा?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी के बयान ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया है।
- भाजपा ने इसे तंज के रूप में लिया है।
- विपक्षी दलों ने राहुल का समर्थन किया है।
- चीन और भारत के बीच तुलना की जा रही है।
- बिहार में विकास की योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है।
पटना, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चीन की मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित दिए गए बयान पर राजनीति के गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा के नेताओं ने इसे राहुल का चीन के प्रति प्रेम बताया है, जबकि विपक्षी दलों के नेता राहुल के समर्थन में आए हैं।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें चीन बहुत पसंद है। जब भी वे विदेश यात्रा पर जाते हैं, तब वे केवल चीन की बात करते हैं। मैं कहना चाहूंगा कि उन्हें भारत के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए, लेकिन वे फिर भी उसी देश की तारीफ करते हैं।
बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी ने इतने वर्षों तक देश पर शासन किया, तो फिर हम चीन से आगे क्यों नहीं बढ़ पाए? उन्होंने घोटालों और भ्रष्टाचार के माध्यम से देश को बर्बाद कर दिया। वहीं, हमारी एनडीए सरकार हर क्षेत्र में विकास कर रही है। नए उद्योग स्थापित कर रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। देश के साथ ही बिहार को भी आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। हमारी सरकार किसानों की चिंता करती है और उनके लिए कई योजनाएँ चला रही है। राहुल गांधी इसी कारण चीन का गुणगान कर रहे हैं क्योंकि उन्हें देश से प्रेम नहीं है।
सीपीआई(एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि सच को न तो कम किया जा सकता है और न ही इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा सकता है। सच जनता के सामने है। यदि कोई इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताएगा, तो लोग ध्यान देंगे। यदि कोई इसे कम करके बताएगा, तो वह भी नोटिस किया जाएगा। आज चीन हर मुद्दे पर अमेरिका से मुकाबला कर रहा है, जबकि भारत की स्थिति अमेरिका के सामने कुछ और है। दोनों के व्यवहार से ही पता चलता है कि चीन और भारत में कितना अंतर है। राहुल गांधी अपनी बात कह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में यदि सामान खरीदेंगे तो 80 फीसदी सामान मेड इन चाइना ही होता है। वहीं, अमेरिका में कोई सामान खरीदेंगे तो वहां मेड इन अमेरिका होता है।