क्या भाजपा राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से चिंतित है?: सुरेंद्र राजपूत

सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी की यात्रा ने भाजपा को चिंतित किया है।
- भाजपा पर संविधान को कमजोर करने का आरोप।
- कांग्रेस नेता ने किसानों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की बात की।
- विपक्ष ने पीएम-सीएम बिल के खिलाफ एकजुटता दिखाई।
- भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर सवाल उठाए गए।
लखनऊ, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने यह दावा किया कि विपक्ष राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से चिंतित है, इसलिए इसे पार्टी की पराजय से संबंधित किया जा रहा है। राजपूत ने केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू के उस बयान का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब राहुल हारते हैं, तो वे संवैधानिक संस्थाओं को दोष देते हैं।
यह यात्रा सासाराम से आरंभ हुई है, जिसमें राहुल गांधी ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर तीखे प्रश्न उठाए हैं, जिनका उत्तर रिजिजू और भाजपा नहीं दे पाए हैं।
उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया।
राजपूत ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि रिजिजू और भाजपा इस मुद्दे से घबराए हुए हैं और उनके पास राहुल गांधी के प्रश्नों का उत्तर नहीं है। उन्होंने रिजिजू से लोकतंत्र का सम्मान करने और संविधान में आस्था दिखाने की अपील की, साथ ही भाजपा पर संविधान में परिवर्तन, आरक्षण विरोधी होने और वोट चोरी कर सत्ता हासिल करने के प्रयास का आरोप लगाया।
राजपूत ने कहा कि राहुल गांधी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों, महिलाओं, युवाओं और पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग के मतों को कथित तौर पर 'काटकर' और 'वोट चोरी' के माध्यम से 'मैनेजमेंट की सरकार' बनाने की कोशिश कर रही है।
पीएम-सीएम बिल पर विपक्ष के विरोध पर उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सरकार को एक जोरदार झटका दिया है। इस बिल पर विपक्ष चर्चा भी नहीं करना चाहती है। इससे स्पष्ट होता है कि यह बिल कानून और संविधान के खिलाफ लाया जा रहा है। विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया है कि क्या पीएम स्वयं इस बिल के जरिए अपनी गिरफ्तारी के लिए अनुमोदन देंगे? जिन लोगों को बिल की जानकारी नहीं है, उनसे चर्चा करना बेमानी है; यह बात टीएमसी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी कह रहे हैं।
अमेरिका-पाकिस्तान के संबंधों पर विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर उन्होंने कहा, "उन्होंने हमारी विदेश नीति का मजाक बना दिया।"
विदेश मंत्री के तेल खरीदने वाले बयान पर उन्होंने कहा कि लोग जानना चाहते हैं कि जब आप दूसरे देशों से सस्ता तेल खरीदते हैं तो लोगों को सस्ते दामों पर तेल क्यों नहीं दिया जाता है।
भारत-पाकिस्तान मैच पर विपक्ष की आपत्ति पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार के बयान पर उन्होंने कहा कि वे अच्छी बात कर रहे हैं, लेकिन किसानों के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। इस पर चर्चा कौन करेगा? किसानों के मुद्दों पर जनता को कौन बताएगा? यह स्पष्ट है कि यह कार्य प्रदेश सरकार का है। जहां तक बात भारत-पाकिस्तान के मुद्दे की है, तो पूरा विपक्ष चर्चा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कहा था कि पानी और खून साथ नहीं बह सकते हैं, तो पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने की आवश्यकता क्या है?