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राहुल गांधी अराजकता और पाखंड के प्रतीक: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का हमला

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राहुल गांधी अराजकता और पाखंड के प्रतीक: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का हमला

सारांश

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने राहुल गांधी को अराजकता, झूठ और पाखंड का प्रतीक बताते हुए संसद में चर्चा की खुली चुनौती दी। झारखंड में कांग्रेस समर्थित सरकार द्वारा छात्रों के कथित दमन को उन्होंने राहुल गांधी के दोहरे चरित्र का सबूत बताया।

मुख्य बातें

हर्ष मल्होत्रा ने 11 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी को अराजकता, झूठ और पाखंड का 'पोस्टर बॉय' करार दिया।
मल्होत्रा ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे संसद में आएं और हर मुद्दे पर चर्चा करें।
झारखंड में कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार द्वारा सोमवार को छात्रों के कथित दमन को राहुल गांधी के पाखंड का प्रमाण बताया गया।
PM मोदी ने दो वरिष्ठ मंत्रियों को छात्र नेताओं से बातचीत के लिए नियुक्त किया और उनकी सभी मांगें स्वीकार कीं।
संसद में नीट पेपर लीक के विरुद्ध सख्त कानून पारित हुआ, जिसे भाजपा ने सरकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया बताया।

केंद्रीय राज्यमंत्री एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने मंगलवार, 11 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और उन्हें अराजकता, झूठ तथा पाखंड का 'पोस्टर बॉय' करार दिया। मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में चर्चाओं से बचते हैं और संसदीय कार्यवाही को बाधित करते हैं।

मुख्य आरोप और चुनौती

मल्होत्रा ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राहुल गांधी और पूरे विपक्ष को चुनौती देता हूं। संसद में आइए और देश से जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा कीजिए, चाहे वह छात्र आंदोलन हो या कोई अन्य मामला। चर्चा से भागिए मत और संसद को बाधित मत कीजिए।' उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी जेब में संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं, वे संसद में चर्चाओं से भागकर संविधान की अवहेलना कर रहे हैं।

झारखंड का संदर्भ और पाखंड का आरोप

मल्होत्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान युवाओं को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर बैठकर पैलेट फायरिंग सहित झूठे दावे और गलत सूचनाएं फैलाईं। इसके कुछ ही दिनों बाद सोमवार को कांग्रेस समर्थित झारखंड सरकार द्वारा छात्र आंदोलन के कथित दमन ने, मल्होत्रा के अनुसार, राहुल गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के दोहरे चरित्र को उजागर कर दिया।

हेमंत सोरेन सरकार पर सवाल

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने राहुल गांधी से सीधा सवाल किया कि वे देश को बताएं कि कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार को कब गिराएंगे, अन्यथा देश यह निष्कर्ष निकालेगा कि झारखंड में छात्रों का दमन कांग्रेस की सहमति से हुआ। उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्रों के साथ हुआ व्यवहार ऐसा है जिसे देश कभी माफ नहीं करेगा।

सरकार की प्रतिक्रिया और संसदीय रुख

मल्होत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्ण संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों को छात्र नेताओं से बातचीत के लिए नियुक्त किया और उनकी सभी मांगें स्वीकार कीं। इसके परिणामस्वरूप न केवल छात्र आंदोलन समाप्त हुआ, बल्कि संसद में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का प्रावधान करने वाला कानून भी पारित हुआ। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को खुले तौर पर कहा कि सरकार हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी चर्चा में भाग लेने को तैयार हैं।

सीजेपी और नीट विवाद का उल्लेख

मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में कुछ दलों ने 'सीजेपी' नामक एक मंच बनाया और नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक की आड़ में युवाओं को भड़काने तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए हिंसा भड़काने का प्रयास किया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने गौरव खारी और युवा मोर्चा अध्यक्ष रजत चौधरी की उपस्थिति में संचालित की। प्रवक्ता यासिर जिलानी और मीडिया रिलेशन प्रमुख सुभेंदु शेखर अवस्थी भी मौजूद रहे। यह देखना होगा कि कांग्रेस और राहुल गांधी इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और संसद में आगे की कार्यवाही किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका उद्देश्य छात्र आंदोलन की सहानुभूति को कांग्रेस से दूर करना है। झारखंड की घटना को ढाल बनाकर राहुल गांधी की 'छात्र-हितैषी' छवि को चुनौती देना रणनीतिक है, लेकिन इसमें झारखंड की घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि का अभाव है। यह भी गौरतलब है कि नीट पेपर लीक का मूल मुद्दा — जिसने छात्र आंदोलन को जन्म दिया — इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाशिये पर रहा। संसदीय गतिरोध में दोनों पक्षों की भूमिका पर निष्पक्ष विश्लेषण के बिना, यह बयान एकपक्षीय राजनीतिक आख्यान बना रहता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हर्ष मल्होत्रा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय राज्यमंत्री एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने राहुल गांधी को अराजकता, झूठ और पाखंड का 'पोस्टर बॉय' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में चर्चाओं से बचते हैं और छात्र आंदोलन को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
झारखंड छात्र आंदोलन का इस विवाद से क्या संबंध है?
मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि जहाँ राहुल गांधी दिल्ली में छात्र आंदोलन का समर्थन कर रहे थे, वहीं कांग्रेस समर्थित झारखंड सरकार ने सोमवार को छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार किया। उन्होंने इसे राहुल गांधी और कांग्रेस के दोहरे चरित्र का प्रमाण बताया।
भाजपा ने संसद में विपक्ष को क्या चुनौती दी?
मल्होत्रा ने विपक्ष को चुनौती दी कि वे संसद में आएं और छात्र आंदोलन सहित हर मुद्दे पर खुलकर बहस करें। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और गृह मंत्री अमित शाह हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
नीट पेपर लीक पर केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए?
मल्होत्रा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो वरिष्ठ मंत्रियों को छात्र नेताओं से बातचीत के लिए नियुक्त किया और उनकी सभी मांगें स्वीकार कीं। इसके बाद संसद में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का प्रावधान करने वाला कानून भी पारित हुआ।
क्या राहुल गांधी या कांग्रेस ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के संदर्भ में राहुल गांधी या कांग्रेस की तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना होगा कि कांग्रेस झारखंड की घटनाओं और संसदीय गतिरोध पर अपना पक्ष कैसे रखती है।
राष्ट्र प्रेस
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