महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: राहुल गांधी ने फडणवीस सरकार पर साधा निशाना, सीएम और शिंदे ने किया पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 14 जुलाई को महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले को लेकर महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कड़ा जवाब दिया। इस विवाद के केंद्र में वे 6 लाख उम्मीदवार हैं जो परीक्षा रद्द होने के बाद से अनिश्चितता में हैं और जिन्हें अब तक नई परीक्षा तिथि नहीं मिली है।
राहुल गांधी की तीन मांगें
राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'महाराष्ट्र टीईटी का पेपर लीक हो गया, परीक्षा रद्द कर दी गई। 6 लाख उम्मीदवार अनिश्चितता में हैं। दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन नई परीक्षा तिथि का कोई पता नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक करने वाले खुले घूम रहे हैं जबकि सजा उन ईमानदार अभ्यर्थियों को मिल रही है जिन्होंने सालों मेहनत की।
गांधी ने मुख्यमंत्री फडणवीस को संबोधित करते हुए तीन ठोस मांगें रखीं: पहली, नई टीईटी परीक्षा की तिथि तत्काल घोषित की जाए; दूसरी, कार्रवाई दोषियों पर हो, न कि उम्मीदवारों पर; और तीसरी, पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट दी जाए ताकि उनका एक साल बर्बाद न हो। उन्होंने कहा, 'गलती संस्था की है और सजा उम्मीदवारों को मिल रही है। यह न्याय नहीं है।'
गांधी ने यह भी बताया कि वे 17 जुलाई को देहरादून में पेपर लीक के बढ़ते संकट पर एक व्यापक चर्चा करेंगे, जो इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की उनकी रणनीति का हिस्सा है।
फडणवीस का पलटवार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से कहा, 'मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि इस मामले की जांच की गई है और कार्रवाई भी की गई है। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।' हालांकि उन्होंने इन 'ठोस कदमों' का विस्तार से ब्यौरा नहीं दिया।
फडणवीस ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि वे 'देश में रहकर जानकारी मांग रहे हैं या विदेश में बैठकर सोशल मीडिया के जरिए जवाब तलाश रहे हैं' — यह टिप्पणी विपक्ष की विश्वसनीयता पर व्यक्तिगत हमले के रूप में देखी जा रही है।
शिंदे का दावा: लीक से पहले ही हुई गिरफ्तारी
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि पुलिस ने टीईटी पेपर लीक होने से पहले ही इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने कहा, 'पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पता लगाकर उसे ध्वस्त कर दिया और सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।' शिंदे ने बताया कि सरकार ने आरोपियों पर मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) लगाने की सिफारिश भी की है।
शिंदे ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि महाविकास आघाड़ी (MVA) सरकार के कार्यकाल में सीईटी, टीईटी और स्वास्थ्य विभाग की परीक्षाओं में तीन बार पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा, 'जो कोई भी देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।'
6 लाख अभ्यर्थियों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में परीक्षा पेपर लीक की घटनाएं एक गंभीर राष्ट्रीय संकट बन चुकी हैं। गौरतलब है कि NEET और UGC-NET जैसी केंद्रीय परीक्षाओं में भी लीक के आरोप लग चुके हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर है। महाराष्ट्र टीईटी से प्रभावित 6 लाख उम्मीदवारों को अब तक न नई परीक्षा तिथि मिली है और न ही आयु सीमा में राहत का कोई आधिकारिक आश्वासन।
आगे क्या होगा
राहुल गांधी के 17 जुलाई के देहरादून कार्यक्रम से यह मुद्दा और व्यापक राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है। सरकार पर दबाव है कि वह जल्द से जल्द नई परीक्षा तिथि घोषित करे और आयु सीमा में छूट पर स्पष्ट नीति बनाए, अन्यथा 6 लाख अभ्यर्थियों का आक्रोश राजनीतिक रूप से महंगा पड़ सकता है।