पाकिस्तान से 525 अफगान परिवार तोरखम बॉर्डर के रास्ते वापस, बन्नू के तीन शिविर खाली
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले से 525 अफगान परिवारों को तोरखम सीमा के रास्ते 14 जुलाई 2026 तक अफगानिस्तान वापस भेज दिया गया है। जिले में संचालित तीन शरणार्थी शिविर — बिजान खेल, घोरीवाला और मामंद खेल — अब पूरी तरह खाली हो चुके हैं। यह कार्रवाई खैबर पख्तूनख्वा सरकार के चरणबद्ध निर्देशों के तहत की जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बन्नू के अतिरिक्त उपायुक्त उमर खिताब खान ने पुष्टि की कि वापसी प्रक्रिया खैबर पख्तूनख्वा सरकार के आदेशों के अनुरूप चरण-दर-चरण चलाई जा रही है। बिजान खेल, घोरीवाला और मामंद खेल के शिविरों में रह रहे सभी परिवारों को तोरखम चेकपोस्ट के ज़रिए अफगानिस्तान रवाना किया जा चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि जो अफगान परिवार स्वेच्छा से वापस जाना चाहते हैं, वे जिला प्रशासन द्वारा स्थापित अस्थायी ट्रांजिट केंद्रों में ठहर सकते हैं। वहाँ से उनके लिए तोरखम सीमा तक परिवहन की व्यवस्था की जाएगी।
अब किराएदार अफगानों पर नज़र
एडीसी उमर खिताब खान के अनुसार, शिविर खाली होने के बाद अब प्रशासन का ध्यान उन अफगान नागरिकों पर केंद्रित है जो बन्नू और आसपास के क्षेत्रों में किराए के मकानों या निजी आवासों में रह रहे हैं। उनका रिकॉर्ड संबंधित पुलिस थानों को भेजा जा रहा है और शीघ्र वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकारी आदेश और कानूनी ढाँचा
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने 28 जून को एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत 10 जुलाई से बिना वैध वीज़ा के पाकिस्तान में पाए जाने वाले किसी भी अफगान नागरिक को तत्काल गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया था। यह आदेश सभी प्रांतों के मुख्य सचिवों और इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र (ICT) प्रशासन को जारी किया गया था।
मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय 1 जून को आयोजित अवैध विदेशियों की वापसी योजना (IFRP) की समीक्षा बैठक में लिए गए फैसलों के आधार पर किया गया। सभी डिप्टी कमिश्नरों, जिला प्रशासन, पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इन आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पृष्ठभूमि: 2023 से चला आ रहा अभियान
पाकिस्तान ने अफगान नागरिकों की वापसी के लिए यह अभियान 2023 में शुरू किया था। गौरतलब है कि पिछले वर्ष अप्रैल में इसे फिर से तेज़ किया गया, जब सरकार ने बड़ी संख्या में अफगान नागरिकों के रहने के परमिट रद्द कर दिए और चेतावनी दी कि देश न छोड़ने पर गिरफ्तारी हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव और सुरक्षा चिंताएँ लगातार बनी हुई हैं।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार, बन्नू के बाद अन्य जिलों में भी इसी तर्ज़ पर अभियान चलाया जाएगा। किराएदार अफगान नागरिकों का रिकॉर्ड थानों को सौंपे जाने के बाद उनकी पहचान और वापसी की प्रक्रिया और तेज़ होने की संभावना है। पाकिस्तान की यह कार्रवाई दोनों देशों के बीच मानवीय और राजनयिक संबंधों पर दीर्घकालिक असर डाल सकती है।