डीग के 137 साल पुराने रामलीला महोत्सव में निकली भव्य राम बारात, जयकारों से गूंजा शहर
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के डीग शहर में 12 अक्टूबर 2026 को 137वें ऐतिहासिक श्रीरामलीला महोत्सव-2026 के अंतर्गत भव्य राम बारात शोभायात्रा निकाली गई। सात सुसज्जित बग्गियों और दो डीजे की धुनों के साथ आगे बढ़ी इस शोभायात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे नगर में 'जय श्रीराम' के उद्घोष गूंजते रहे। यह आयोजन आचार्य पंडित नारायण लाल अखाड़ा रामलीला समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है।
शोभायात्रा का मार्ग और स्वागत
राम बारात रामलीला मैदान से प्रस्थान कर लोहा मंडी, गोवर्धन दरवाजा, गणेश जी मंदिर और लक्ष्मण जी की परिक्रमा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़री। अंततः यह जुलूस मुख्य पंडाल, नीलकंठ महादेव मंदिर चौक पर पहुँचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग पर शहरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर बारात का भव्य स्वागत किया और श्रद्धालुओं में उत्साह का संचार देखने को मिला।
बारात में शामिल आकर्षक बग्गियाँ और धार्मिक झाँकियाँ दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के भी विशेष प्रबंध किए गए थे ताकि शोभायात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
महोत्सव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
आयोजकों के अनुसार, श्रीरामलीला महोत्सव डीग की ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा का अभिन्न अंग है। 137 वर्षों की निरंतर परंपरा के साथ यह महोत्सव इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन चुका है। इस वर्ष का आयोजन 8 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक नीलकंठ महादेव मंदिर चौक पर चलेगा, जिसमें विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की जा रही है।
गौरतलब है कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि डीग की सामूहिक स्मृति और सामाजिक एकता का उत्सव भी है — जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही परंपरा को जीवित रखता है।
डीग महोत्सव-2026 का शुभारंभ
इससे पूर्व शनिवार को राजस्थान की ऐतिहासिक जल महलों की नगरी डीग में राजस्थान पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में डीग महोत्सव-2026 का भव्य उद्घाटन हुआ। जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने ऐतिहासिक जल महलों से शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस शोभायात्रा में राजस्थानी लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ, पारंपरिक वेशभूषा और महिलाओं की कलश यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। यात्रा जल महलों से आरंभ होकर शहर के प्रमुख बाज़ारों से गुज़री और पुनः जल महलों पर लौटकर संपन्न हुई।
सांस्कृतिक विरासत का संदेश
डीग महोत्सव के माध्यम से राजस्थानी लोक संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की गई। लोक कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियों के ज़रिये प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाया। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में सहभागिता निभाई, जिससे आयोजन की आध्यात्मिक आभा और गहरी हुई।
आने वाले दिनों में महोत्सव के शेष कार्यक्रमों में और अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है, तथा रामलीला की विभिन्न लीलाओं का मंचन 21 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।