30 जुलाई 2026
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राष्ट्रपति मुर्मु ने बस्तर पांडुम 2026 के विजेताओं से की मुलाकात, जनजातीय संस्कृति और विकास को सराहा

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राष्ट्रपति मुर्मु ने बस्तर पांडुम 2026 के विजेताओं से की मुलाकात, जनजातीय संस्कृति और विकास को सराहा

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पांडुम 2026 के विजेताओं और पद्म पुरस्कारियों से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। उन्होंने बस्तर की जनजातीय विरासत की सराहना करते हुए कहा कि यह बदलाव पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 31 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में बस्तर मंडल के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में बस्तर पांडुम 2026 के विजेता, परगना मांझी-चलाकी और पद्म पुरस्कार विजेता शामिल थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति ने कहा कि 'बस्तर पांडुम' जैसे आयोजन युवाओं को परंपराओं से जोड़ते हैं और पर्यटन व स्थानीय रोज़गार को बढ़ावा देते हैं।
केंद्र सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और स्वरोज़गार को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 31 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र, नई दिल्ली में बस्तर मंडल के एक विशेष प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल में बस्तर पांडुम 2026 के विजेता, बस्तर के परगना मांझी और चलाकी, तथा पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियाँ शामिल थीं। राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का सम्मान किया और उनसे विस्तृत संवाद किया।

मुलाकात में कौन-कौन रहे मौजूद

इस महत्त्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। राष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा गया कि राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का सम्मान किया और उनसे बातचीत की।

बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को मिली सराहना

राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में बस्तर की समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि 'बस्तर पांडुम' जैसे सांस्कृतिक आयोजनों ने युवा पीढ़ी को उनकी परंपराओं, रीति-रिवाजों और पुरखों की थाती से पुनः जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाई है।

राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि ऐसे उत्सव केवल सांस्कृतिक संरक्षण तक सीमित नहीं हैं — ये पर्यटन को गति देते हैं और स्थानीय समुदायों के लिए रोज़गार के नए द्वार खोलते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर के कलाकारों, शिल्पकारों और जनजातीय समुदाय की प्रतिभा जब देश-दुनिया के सामने आती है, तो क्षेत्र की पहचान और अधिक सुदृढ़ होती है।

बस्तर में बदलाव पर राष्ट्रपति का संदेश

राष्ट्रपति मुर्मु ने बस्तर में आए सकारात्मक परिवर्तनों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा, "बस्तर में आया बदलाव पूरे देश के लिए खुशी और गर्व की बात है।" उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के लोग अपनी सामूहिक शक्ति और दृढ़ संकल्प के बल पर विकास, शांति और समृद्धि की नई ऊँचाइयाँ अर्जित करेंगे।

केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता

राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हर परिस्थिति में बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास के साथ दृढ़ता से खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और स्वरोज़गार को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बस्तर क्षेत्र में नक्सल-विरोधी अभियानों के बाद शांति और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेज़ हुई है, और जनजातीय संस्कृति को मुख्यधारा में लाने के प्रयास बढ़े हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि जब तक आदिवासी समुदायों की ज़मीनी आजीविका, विस्थापन और वनाधिकार के मुद्दों का ठोस समाधान नहीं होता, सांस्कृतिक उत्सव और सरकारी सम्मान समावेशी विकास की पूरी तस्वीर नहीं बनाते।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बस्तर पांडुम 2026 क्या है?
बस्तर पांडुम छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का एक प्रमुख जनजातीय सांस्कृतिक उत्सव है, जो स्थानीय परंपराओं, लोककला और रीति-रिवाजों को संरक्षित करने और युवाओं को उनकी विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। 2026 संस्करण के विजेताओं को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने बस्तर प्रतिनिधिमंडल से कब और कहाँ मुलाकात की?
यह मुलाकात 31 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में हुई। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति ने बस्तर के विकास पर क्या कहा?
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि 'बस्तर में आया बदलाव पूरे देश के लिए खुशी और गर्व की बात है।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और स्वरोज़गार को प्राथमिकता देकर समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बस्तर की सांस्कृतिक विरासत का आर्थिक महत्त्व क्या है?
राष्ट्रपति मुर्मु के अनुसार, 'बस्तर पांडुम' जैसे आयोजन न केवल संस्कृति को जीवित रखते हैं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देते हैं और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर पैदा करते हैं। बस्तर के कलाकारों और शिल्पकारों की प्रतिभा को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलने से क्षेत्र की पहचान और मज़बूत होती है।
इस प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे?
प्रतिनिधिमंडल में बस्तर पांडुम 2026 के विजेता, बस्तर के परगना मांझी और चलाकी (पारंपरिक जनजातीय प्रतिनिधि), तथा पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियाँ शामिल थीं।
राष्ट्र प्रेस
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