डीग महोत्सव 2026: जल महलों से निकली भव्य शोभायात्रा, जिला कलक्टर मयंक मनीष ने किया शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के ऐतिहासिक जल महलों की नगरी डीग में 10 अक्टूबर 2026 को राजस्थान पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त आयोजन में डीग महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने ऐतिहासिक जल महलों से रंगारंग शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके साथ पूरे शहर में उत्सव का माहौल छा गया।
शोभायात्रा का मार्ग और स्वरूप
शोभायात्रा ऐतिहासिक जल महलों से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख बाज़ारों से गुज़री और पुनः जल महलों पर समाप्त हुई। इस दौरान राजस्थानी लोक कलाकारों की पारंपरिक प्रस्तुतियों और महिलाओं की कलश यात्रा ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
जिला कलक्टर का संदेश
जिला कलक्टर मयंक मनीष ने शुभारंभ अवसर पर कहा कि डीग अपनी ऐतिहासिक धरोहर, आकर्षक जल महलों, विशिष्ट स्थापत्य कला और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के कारण एक विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि डीग महोत्सव जैसे आयोजन इस विरासत को व्यापक पहचान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार ऐसे आयोजनों से स्थानीय लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं को भी प्रोत्साहन मिलता है।
महोत्सव की प्रमुख गतिविधियाँ
महोत्सव के अंतर्गत शहर के मेला मैदान में दमखम-कबड्डी, मूंछ प्रतियोगिता, रस्साकशी और राधा-कृष्ण पोशाक प्रतियोगिता सहित विविध स्पर्धाएँ आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के ज़रिए स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला और कौशल दिखाने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन डीग की लोक-परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
विशेष आकर्षण: 'डीग के रंग' और 'जगमग डीग'
ऐतिहासिक डीग महल में आयोजित होने वाला 'डीग के रंग' कार्यक्रम इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा, जिसमें रंगीन फव्वारों के ज़रिए महल की स्थापत्य सुंदरता को अनूठे अंदाज़ में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा 'जगमग डीग' कार्यक्रम के तहत दीपदान आयोजित होगा, जिससे यह ऐतिहासिक नगरी रोशनी की चादर में नहाई नज़र आएगी।
सांस्कृतिक संध्या और पर्यटन संभावनाएँ
महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान के लोक कलाकार संगीत, पारंपरिक नृत्य और रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। गौरतलब है कि डीग के जल महल 18वीं सदी के भरतपुर के जाट शासकों की स्थापत्य कला का अनुपम उदाहरण हैं और इन्हें यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में भी स्थान मिला है। यह महोत्सव डीग को राजस्थान के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक ठोस पहल है।