जनजातीय संस्कृति संरक्षण पर सीएम मोहन यादव का संकल्प, आदिरंग महोत्सव में बोले — शिल्प का डंका देश-विदेश में
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 जून 2025 को भोपाल के निकट ग्राम अचारपुरा में आयोजित पाँच दिवसीय आदिरंग शिल्पकार महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह महोत्सव नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) और जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
महोत्सव की मुख्य बातें
मुख्यमंत्री ने महोत्सव में जनजातीय कलाकारों द्वारा तैयार शिल्पकृतियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पारंपरिक शैली में आधुनिकता के साथ इन कलाकृतियों को प्रस्तुत करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कलाकारों से आत्मीयता के साथ चर्चा भी की।
डॉ. यादव ने कहा, 'जनजातीय शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक से अधिक प्रयास किए जा रहे हैं। जनजातीय शिल्प का डंका देश-विदेश में बज रहा है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विरासत से विकास' के अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे देश में लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए प्रगति के कदम उठाए जा रहे हैं।
सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण में प्रदेश अग्रणी
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय समाज को कई पीढ़ियों से प्रभावित करने वाली बीमारी सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग, नियंत्रण और उपचार की दिशा में राज्य सरकार वर्ष 2022 से कार्य कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में से एक है।
गौरतलब है कि सिकल सेल एनीमिया मध्य भारत के जनजातीय समुदायों में अनुपातहीन रूप से अधिक पाई जाती है, और इसका दीर्घकालिक समाधान पीढ़ियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
जनजातीय नायकों को सम्मान और रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस
डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में जनजातीय नायकों के सम्मान में तीन विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। सतपुड़ा क्षेत्र में राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और रानी दुर्गावती की स्मृति में विभिन्न आयोजन किए गए हैं।
उन्होंने स्मरण कराया कि 24 जून को वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस है। उनके अनुसार, रानी दुर्गावती ने गौंडवाना क्षेत्र के स्वाभिमान की रक्षा के लिए तत्कालीन मुगल सत्ता के विरुद्ध अनेक युद्धों में विजय प्राप्त की और राष्ट्र गौरव के लिए प्राणों की आहूति दी। मुख्यमंत्री ने कहा, 'आज हम रानी कमलापति के पराक्रम के क्षेत्र भोपाल में वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य को नमन कर रहे हैं।'
NID और जनजातीय विभाग की साझेदारी
जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि NID के समन्वय से मध्य प्रदेश की परंपरागत शिल्पकला को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है और जनजातीय कलाकारों को प्रोत्साहन भी मिल रहा है।
राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) की निदेशक डॉ. विद्या राकेश ने कहा कि आदिरंग महोत्सव केवल एक शिल्प प्रदर्शनी नहीं, बल्कि 'डिजाइन, संस्कृति, समुदाय और सशक्तिकरण' को जोड़ने का एक सुविचारित प्रयास है। उन्होंने बताया कि गत कुछ वर्षों में NID ने बैगा, गौंड, भील और अन्य जनजातीय समुदायों के बीच डिजाइन विकास कार्यशालाएँ आयोजित की हैं, जिनमें शिल्पकारों को डिजाइन जागरूकता, उत्पाद विकास, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन जैसे विषयों से परिचित कराया गया है।
डॉ. राकेश ने यह भी बताया कि NID ने जनजातीय समुदायों की संस्कृति का दस्तावेजीकरण किया है, जो उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। यह पहल रोज़गार के साथ-साथ सांस्कृतिक विकास के नए अवसर भी सृजित करती है।
आगे की राह
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाल के मध्य प्रदेश भ्रमण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने संकल्प लिया कि कला-संस्कृति के माध्यम से जनजातीय समाज में आर्थिक समृद्धि लाने के प्रयास जारी रहेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर जनजातीय कल्याण नीतियों को नई गति देने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं।