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भगोरिया उत्सव: आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का अनूठा उत्सव - सीएम मोहन यादव

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भगोरिया उत्सव: आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का अनूठा उत्सव - सीएम मोहन यादव

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भगोरिया त्योहार को आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों का प्रतीक बताया, जिसमें सामाजिक स्नेह और प्रकृति के प्रति गहरी भावना समाहित है।

मुख्य बातें

भगोरिया उत्सव आदिवासी संस्कृति का प्रतीक है।
यह त्योहार सामाजिक स्नेह को बढ़ावा देता है।
राज्य सरकार आदिवासी परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह उत्सव रंग-बिरंगे डांस और खरीदारी का अवसर प्रदान करता है।
नशा मुक्ति अभियान इस उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अलीराजपुर, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि भगोरिया त्योहार आदिवासी संस्कृति, सामाजिक स्नेह और पारंपरिक मूल्यों के साथ-साथ प्रकृति के प्रति उनकी गहरी भावना का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने यह बयान अलीराजपुर जिले के उदयगढ़ शहर में भगोरिया उत्सव में हिस्सा लेने के बाद दिया। उदयगढ़ मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाकों में से एक है।

उन्होंने आगे कहा कि इस पारंपरिक उत्सव की गहराई का अनुभव इसमें हिस्सा लेकर ही किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यह इवेंट आदिवासी संस्कृति की मजबूत पहचान और राज्य सरकार के संवेदनशील नजरिए को दिखाता है।

मुख्यमंत्री रोड शो के जरिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां आदिवासी कलाकारों और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़े पहने, कलाकारों, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल थे, ने मुख्य अतिथि के स्वागत में पारंपरिक डांस किया।

बाद में, लोगों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आदिवासी परंपराओं को बचाने और बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से तैयार है और ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दे रही है।

भगोरिया उत्सव पश्चिमी मध्य प्रदेश (झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी और धार) में होली से ठीक पहले होने वाला एक सप्ताह तक चलने वाला आदिवासी उत्सव है, जो बसंत और फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है।

इस दौरान, जहां लोग होली के लिए सामान खरीदते हैं, यह भील और भिलाला ट्राइब्स के लिए एक पारंपरिक बाजार और प्यार, संस्कृति और संगीत का उत्सव है।

इस त्योहार में कुछ इलाकों में 'नशा मुक्ति अभियान' भी शामिल है, जिसमें हिस्सा लेने वालों को सेलिब्रेशन के दौरान नशे की लत से बचने के लिए बढ़ावा दिया जाता है।

भगोरिया त्योहार में शामिल होने से पहले, मुख्यमंत्री यादव ने महान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद के 95वें शहीदी दिवस पर उनके जन्मस्थान भाबरा गांव का दौरा किया और उन्हें फूल चढ़ाए।

अलीराजपुर में एक और इवेंट में, मुख्यमंत्री यादव ने चंद्रशेखर आजाद नगर में 180 करोड़ रुपए से ज्यादा के अलग-अलग विकास परियोजनाओं का 'भूमि-पूजन' भी किया और उद्घाटन किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सामुदायिक स्नेह का भी प्रतीक है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगोरिया त्योहार कब मनाया जाता है?
भगोरिया त्योहार होली से ठीक पहले एक सप्ताह तक मनाया जाता है।
भगोरिया त्योहार का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह त्योहार आदिवासी संस्कृति, प्यार, और संगीत का उत्सव है।
भगोरिया उत्सव में कौन-कौन सी गतिविधियाँ होती हैं?
इसमें पारंपरिक डांस, खरीदारी और नशा मुक्ति अभियान शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने इस उत्सव के दौरान क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने आदिवासी परंपराओं के संरक्षण का आश्वासन दिया।
भगोरिया उत्सव में किस तरह के कलाकार भाग लेते हैं?
इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल होते हैं, जो पारंपरिक कपड़े पहनते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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