5 अक्टूबर 2026
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राजस्थान: ड्रोन तस्करी में पाकिस्तान की संलिप्तता उजागर, डीजीपी राजीव शर्मा बोले — नेटवर्क ट्रेस, अकाउंट्स जब्त

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राजस्थान: ड्रोन तस्करी में पाकिस्तान की संलिप्तता उजागर, डीजीपी राजीव शर्मा बोले — नेटवर्क ट्रेस, अकाउंट्स जब्त

सारांश

राजस्थान पुलिस ने ड्रोन आधारित नशा तस्करी में पाकिस्तान की संलिप्तता का ठोस खुलासा किया है — नेटवर्क ट्रेस हुआ, संदिग्ध चिन्हित हुए और अवैध फंडिंग खाते जब्त। डीजीपी राजीव शर्मा का साफ संदेश: राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं।

मुख्य बातें

राजस्थान डीजीपी राजीव शर्मा ने 5 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि ड्रोन आधारित तस्करी में पाकिस्तान की सीधी संलिप्तता सामने आई है।
इस नेटवर्क से जुड़े कई लिंक ट्रेस किए गए, संदिग्धों की पहचान की गई और अवैध फंडिंग से जुड़े बैंक खाते जब्त किए गए।
जाँच में विदेशी सीमा से आने वाले ड्रोन की उड़ान पथ, ड्रॉपिंग स्थलों और स्थानीय सहयोगियों की भी पहचान की गई।
केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिक्रमण चिन्हित कर कार्रवाई जारी है।
आने वाले दिनों में नेटवर्क से जुड़े और संदिग्धों को नामजद कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को भारत पाकिस्तान सीमा से संचालित ड्रोन आधारित नशा तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव शर्मा ने पुष्टि की कि इस तस्करी में पाकिस्तान की सीधी संलिप्तता सामने आई है, कई संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है और अवैध फंडिंग से जुड़े बैंक खातों को जब्त कर लिया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में एजेंसियाँ लगातार सक्रिय अभियान चला रही हैं।

मुख्य खुलासा: पाकिस्तान का सीधा हाथ

डीजीपी राजीव शर्मा ने कहा, "जो सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से तस्करी हो रही है, उसमें पाकिस्तान की संलिप्तता सामने आई है। जिन जिन केस में इस तरह की गतिविधि सामने आ रही है, उनमें शामिल लोगों को नामजद किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" यह बयान उन्होंने जयपुर में दिया, जो राज्य पुलिस की ओर से इस विषय पर अब तक का सबसे स्पष्ट और सार्वजनिक स्वीकृति है।

कैसे हुई जाँच और क्या मिला

डीजीपी के अनुसार, यह एक दीर्घकालिक अनुसंधान था जो कई दिनों से चल रहा था। विदेशी सीमा से आने वाले ड्रोन की उड़ान पथ और उनके द्वारा की गई ड्रॉपिंग के स्थलों की पूरी जानकारी जुटाई गई। साथ ही, स्थानीय स्तर पर इस नेटवर्क को सहयोग देने वाले व्यक्तियों की भी पहचान की गई है।

गौरतलब है कि ड्रोन आधारित तस्करी पंजाब के बाद अब राजस्थान में भी तेज़ी से उभरती चुनौती बन रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान से लगती राजस्थान की लगभग 1,070 किलोमीटर लंबी सीमा, कम घनत्व वाले इलाकों के कारण तस्करों के लिए आसान मार्ग बन सकती है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर कड़ा रुख

डीजीपी शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें कोई समझौता नहीं हो सकता।" उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहे अतिक्रमण को चिन्हित किया जा रहा है और नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है — कुछ स्थानों पर कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है, जबकि शेष पर अभी भी अभियान जारी है।

सीमा पर एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई

यह ऐसे समय में आया है जब भारत पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन रोधी प्रयासों को लेकर केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ रहा है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और राजस्थान पुलिस मिलकर निगरानी बढ़ा रहे हैं। अवैध फंडिंग से जुड़े खातों की जब्ती यह संकेत देती है कि जाँच केवल ड्रग्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके वित्तीय नेटवर्क तक भी पहुँच गई है।

आगे क्या होगा

डीजीपी राजीव शर्मा ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और संदिग्धों को नामजद किया जाएगा तथा उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएंगे। सीमावर्ती ज़िलों में अतिक्रमण विरोधी अभियान भी जारी रहेगा। यह मामला राजस्थान में ड्रोन तस्करी के विरुद्ध अब तक की सबसे व्यापक और समन्वित कार्रवाई के रूप में उभर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नशे का प्रवाह नहीं रुका। राजस्थान की 1,070 किलोमीटर लंबी सीमा पर ड्रोन रोधी तकनीक की तैनाती और स्थानीय नेटवर्क को तोड़ने की क्षमता — यही इस खुलासे की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में ड्रोन से ड्रग तस्करी में पाकिस्तान का क्या रोल सामने आया है?
राजस्थान पुलिस के डीजीपी राजीव शर्मा ने 5 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि भारत पाकिस्तान सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए हो रही नशा तस्करी में पाकिस्तान की सीधी संलिप्तता उजागर हुई है। जाँच में कई लिंक ट्रेस किए गए हैं और अवैध फंडिंग से जुड़े बैंक खाते जब्त किए गए हैं।
राजस्थान पुलिस ने इस नेटवर्क को कैसे ट्रेस किया?
डीजीपी के अनुसार, कई दिनों की गहन जाँच में विदेशी सीमा से आने वाले ड्रोन के उड़ान पथ और ड्रॉपिंग स्थलों की पूरी जानकारी जुटाई गई। स्थानीय स्तर पर इस नेटवर्क को सहयोग देने वाले व्यक्तियों की भी पहचान कर ली गई है।
क्या इस मामले में गिरफ्तारियाँ हुई हैं?
डीजीपी राजीव शर्मा ने कहा कि संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उन्हें नामजद किया जाएगा। अभी तक की जानकारी के अनुसार गिरफ्तारियों का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देश का इस मामले से क्या संबंध है?
डीजीपी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिक्रमण चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गई है। कुछ स्थानों पर कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है और बाकी जगहों पर अभियान जारी है।
राजस्थान में ड्रोन तस्करी की समस्या कितनी गंभीर है?
राजस्थान की भारत पाकिस्तान सीमा लगभग 1,070 किलोमीटर लंबी है, जो कम आबादी वाले इलाकों से गुज़रती है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह क्षेत्र ड्रोन तस्करी के लिए उभरता हुआ रूट बन रहा है और BSF व राजस्थान पुलिस मिलकर निगरानी बढ़ा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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