सवाई माधोपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय स्मैक गिरोह का भंडाफोड़ किया, ₹3 करोड़ की 153 ग्राम स्मैक सहित दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान की सवाई माधोपुर पुलिस ने 26 अगस्त 2026 को एक कथित अंतरराज्यीय स्मैक तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 153.34 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत पुलिस के अनुसार करीब ₹3 करोड़ आँकी गई है। यह कार्रवाई दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कुस्तला टोल प्लाजा के समीप की गई।
ऑपरेशन की पृष्ठभूमि
यह अभियान जयपुर रेंज साइबर सेल से प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर शुरू हुआ। सूचना मिली थी कि कोटा से एक पिकअप वाहन नशीला पदार्थ लेकर कुस्तला टोल प्लाजा की ओर आ रहा है, और लालसोट से एक स्विफ्ट डिज़ायर कार उससे खेप लेने पहुँचेगी। एक्सप्रेसवे पर ही सौदा होना तय था।
पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन और थाना प्रभारी श्यामसुंदर के नेतृत्व में रणवाजना डूंगर थाना पुलिस ने मौके पर दबिश दी। पहुँचने पर दोनों वाहन आमने-सामने खड़े मिले।
गिरफ्तारी और बरामदगी
स्विफ्ट डिज़ायर में करौली जिले के खोयली थाना क्षेत्र के मूल निवासी और वर्तमान में दौसा में रह रहे सुभाष गुर्जर सवार थे। पिकअप वाहन में बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र के खेड़ी थाना निवासी रामनिवास मीणा मिले।
कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों वाहनों की तलाशी ली गई। सुभाष गुर्जर की कार से खाकी रंग की टेप में लिपटी 153.34 ग्राम स्मैक बरामद हुई। प्रारंभिक पूछताछ में सुभाष गुर्जर ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह स्मैक रामनिवास मीणा से प्राप्त की थी।
गिरोह का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पूछताछ में यह भी कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे लंबे समय से स्मैक तस्करी में संलिप्त थे। उनका नेटवर्क सवाई माधोपुर, करौली, दौसा, जयपुर और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैला हुआ था। आरोपियों से खरीदे गए नशीले पदार्थ को छोटी-छोटी मात्रा में बेचकर भारी मुनाफा कमाया जाता था।
गौरतलब है कि यह अंतरराज्यीय नेटवर्क राजस्थान के कई जिलों को जोड़ता है, जो इस गिरोह की व्यापक पहुँच को दर्शाता है।
जाँच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, सप्लायरों तथा खरीदारों की पहचान की जा रही है। इस पूरे अभियान में रणवाजना डूंगर थाना पुलिस, डीएसटी सवाई माधोपुर और जयपुर रेंज साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान में एएसआई रतनदीप तथा हेड कांस्टेबल राकेश, रोशन और जितेंद्र कुमार भी शामिल थे।
यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसके तहत अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। जाँच के दायरे में और नाम आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।