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सीकर में बेसहारा सांड़ों का कहर: एएनएम मधु जांगिड़ और मजदूर मुकेश की मौत, दो अलग घटनाएँ

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सीकर में बेसहारा सांड़ों का कहर: एएनएम मधु जांगिड़ और मजदूर मुकेश की मौत, दो अलग घटनाएँ

सारांश

राजस्थान के सीकर में एक ही रात दो बेसहारा सांड़ों के हमलों ने एक सरकारी एएनएम और एक मजदूर की जान ले ली। गौशालाएँ होने के बावजूद लावारिस पशुओं की समस्या बेकाबू बनी हुई है — और यह दोहरी त्रासदी प्रशासनिक विफलता का आईना है।

मुख्य बातें

31 मई 2025 की रात सीकर जिले में बेसहारा सांड़ों के हमले में दो लोगों की मौत हुई।
एएनएम मधु जांगिड़ ( गुमानपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र ) की मौत झाझड़ गाँव (नेछवा थाना) में बस से उतरते समय सांड़ की टक्कर से हुई।
मजदूर मुकेश कुमार बलाई ( बाणियों की ढाणी, रानोली ) की मौत हनुमान कॉलोनी के पास सांड़ के सींग मारने से हुई।
दोनों को सीकर के एसके अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ा।
मुकेश परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लावारिस पशुओं का स्थायी समाधान करने की माँग की।

राजस्थान के सीकर जिले में 31 मई 2025 की रात बेसहारा सांड़ों के हमले में दो लोगों की जान चली गई — एक सरकारी एएनएम और एक मजदूर। दोनों घटनाएँ जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में शनिवार रात हुईं और दोनों पीड़ितों को सीकर के एसके अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इन हादसों के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

पहली घटना: रानोली में मजदूर मुकेश कुमार की मौत

पहली घटना रानोली गाँव के स्टेशन रोड स्थित हनुमान कॉलोनी के पास हुई। शनिवार रात करीब 9 बजे दो सांड़ आपस में लड़ रहे थे, तभी बाइक से घर लौट रहे मुकेश कुमार उनकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक सांड़ ने मुकेश की छाती में सींग मार दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

मौजूद लोगों ने सांड़ों को भगाकर मुकेश को रानोली अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सीकर के एसके अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मुकेश कुमार बलाई, रानोली क्षेत्र की बाणियों की ढाणी के निवासी थे और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार वे परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।

दूसरी घटना: झाझड़ में एएनएम मधु जांगिड़ की मौत

दूसरी घटना नेछवा थाना क्षेत्र के झाझड़ गाँव में हुई। सरकारी स्वास्थ्यकर्मी एवं एएनएम मधु जांगिड़, जो दीपपुरा चारणान की निवासी थीं और गुमानपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत थीं, किसी कार्य से नेछवा गई थीं। परिजनों के अनुसार लौटते समय झाझड़ में बस से उतरने के दौरान पीछे से आए एक सांड़ ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

गंभीर रूप से घायल मधु को पहले नेछवा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उन्हें सीकर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। रविवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।

ग्रामीणों का आक्रोश और प्रशासन पर सवाल

दोनों हादसों के बाद सीकर के गाँवों और अस्पताल परिसर में शोक का माहौल रहा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में गौशालाएँ होने के बावजूद बेसहारा पशु खुलेआम सड़कों और बाज़ारों में घूम रहे हैं, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से लावारिस पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने की माँग की है।

गौरतलब है कि राजस्थान में बेसहारा पशुओं के हमले की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन एक ही रात दो अलग-अलग स्थानों पर हुई मौतों ने इस मुद्दे को एक बार फिर गंभीर बना दिया है।

आगे क्या होगा

फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोग माँग कर रहे हैं कि बेसहारा पशुओं को तत्काल गौशालाओं में भेजा जाए और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी आवाजाही पर रोक लगाई जाए। दोनों परिवारों को मुआवज़े और सरकारी सहायता की भी उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नीतिगत विफलता का नतीजा है। राजस्थान में गौशाला नेटवर्क के विस्तार पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद बेसहारा पशु सड़कों पर बने हुए हैं — यह सवाल उठाता है कि धन का वास्तविक उपयोग कहाँ हो रहा है। एक सरकारी स्वास्थ्यकर्मी की ड्यूटी के दौरान हुई मौत राज्य की जवाबदेही को और गहरा करती है। जब तक लावारिस पशुओं की गणना, टैगिंग और गौशाला में प्रवेश की प्रक्रिया पारदर्शी और बाध्यकारी नहीं होती, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीकर में सांड़ के हमले में किनकी मौत हुई?
31 मई 2025 की रात सीकर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में एएनएम मधु जांगिड़ और मजदूर मुकेश कुमार बलाई की बेसहारा सांड़ों के हमले में मौत हो गई। दोनों को एसके अस्पताल सीकर रेफर किया गया था, जहाँ उन्होंने दम तोड़ा।
एएनएम मधु जांगिड़ के साथ क्या हुआ?
मधु जांगिड़ गुमानपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत थीं। नेछवा थाना क्षेत्र के झाझड़ गाँव में बस से उतरते समय पीछे से आए सांड़ ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
मुकेश कुमार की मौत कैसे हुई?
रानोली के हनुमान कॉलोनी के पास शनिवार रात दो सांड़ों की लड़ाई के बीच बाइक से घर लौट रहे मुकेश कुमार बलाई सांड़ की चपेट में आ गए। सांड़ ने उनकी छाती में सींग मारा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हुए और एसके अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
सीकर में बेसहारा पशुओं की समस्या क्यों बनी हुई है?
ग्रामीणों के अनुसार जिले में बड़ी संख्या में गौशालाएँ होने के बावजूद बेसहारा पशु खुलेआम सड़कों और बाज़ारों में घूम रहे हैं। स्थानीय लोग प्रशासन पर इस समस्या के स्थायी समाधान में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं।
इन हादसों के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
रविवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। हालाँकि अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या तत्काल राहत की घोषणा सामने नहीं आई है। ग्रामीण लावारिस पशुओं पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवज़े की माँग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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