राजीव राय का दावा: ममता बनर्जी नहीं चलने देंगी भाजपा की नफरत की दुकान बंगाल में
सारांश
Key Takeaways
- राजीव राय का भाजपा पर हमला
- ममता बनर्जी की राजनीति की रणनीति
- पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजे
नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता और सांसद राजीव राय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संबंध में भाजपा पर तीखा हमला किया। उनका कहना है कि बंगाल की जनता की समझदारी इसे नफरत की दुकान खोलने की अनुमति नहीं देगी।
राजीव राय ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में स्पष्ट किया कि भाजपा के सदस्य चुनाव के दौरान लोगों को उकसाने, भड़काने और भावनात्मक नाटक करने का प्रयास करेंगे। वे टिकट वितरण के जरिए लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। ऐसा पहले भी हो चुका है, लेकिन बंगाल के लोग समझदार हैं और उनकी चालों को हर बार नाकाम कर देते हैं। इस बार भी ममता बनर्जी उनकी नफरत की दुकान को चलने नहीं देंगी।
सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव राय ने कहा कि जब देश की गरिमा का सवाल हो, तब वे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात नहीं करेंगे। लेकिन उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब रूस से सस्ता तेल आ रहा था, तो उसका फायदा किसे मिला? क्या गरीब और आम लोगों को इससे कोई लाभ हुआ या किसी और ने मुनाफा कमाया? महंगा तेल जो अब खरीदा जा रहा है, उसकी कीमत आम जनता पर पड़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि देश की ग्लोबल राजनीति में हम अलग-थलग हो गए हैं। पड़ोसियों के साथ रिश्ते भी अच्छे नहीं हैं, इसके लिए जिम्मेदार कौन है? भाजपा की सरकार पिछले 11 सालों से है।
घुसपैठ के संदर्भ में राजीव राय ने कहा कि वे ताकतें जो नफरत फैलाती हैं और खुद को 'स्वघोषित रक्षक' बताती हैं, वे विभाजन की राजनीति पर निर्भर रहती हैं। जब तक नफरत फैलती रहेगी और समाज बंटा रहेगा, तब तक उन्हें वोट मिलते रहेंगे। अगर उत्तर प्रदेश में कोई पकड़ा जाता है, तो उसे बंगाल भेज दिया जाता है और उस पर बांग्लादेशी होने का ठप्पा लगा दिया जाता है। फिर उन्हें बांग्लादेश क्यों नहीं भेजा जाता? बिहार चुनाव के दौरान कितने घुसपैठिए पकड़े गए?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। मतदान के बाद 4 मई को परिणाम घोषित किया जाएगा।