राजनाथ सिंह बोले — 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की वैचारिक नींव भैरों सिंह शेखावत ने रखी थी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 मई 2026 को जोधपुर में पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत की प्रतिमा के अनावरण समारोह में कहा कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की अवधारणा की वैचारिक जड़ें शेखावत की सोच में ही थीं। उनके अनुसार, शेखावत का मानना था कि एक साथ चुनाव कराने से समय और संसाधनों की बचत होगी तथा विकास कार्यों में निरंतरता सुनिश्चित होगी। रक्षा मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में यह विचार अब राष्ट्रीय बहस का केंद्रीय मुद्दा बन चुका है।
शेखावत का लोकतांत्रिक योगदान
राजनाथ सिंह ने भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे में शेखावत के अवदान को विस्तार से याद किया। उन्होंने बताया कि आपातकाल के कठिन दौर में शेखावत ने लोकतंत्र के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दिखाई और राज्यसभा के सभापति के रूप में नई संसदीय परंपराएँ स्थापित कीं। उनके अनुसार, शेखावत ने राजनीति में सदैव ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिकता को प्राथमिकता दी।
किसान परिवार से उपराष्ट्रपति तक का सफर
रक्षा मंत्री ने कहा कि एक साधारण किसान परिवार से उठकर भारत के उपराष्ट्रपति के पद तक पहुँचने का शेखावत का जीवन-सफर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने शेखावत के 'अंत्योदय' दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति का उत्थान करना था, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली। सिंह ने यह भी कहा कि शेखावत और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मिलकर लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद-आधारित राजनीति और शासन की नैतिकता को सुदृढ़ किया।
राजस्थान का विकास और वर्तमान सरकार
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत और राजस्थान दोनों तेज़ गति से विकास कर रहे हैं और पूरी दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के बढ़ते वैश्विक कद को स्वीकार कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि वे गाँवों तक पहुँचकर और जमीनी स्तर पर विकास को मज़बूत करके शेखावत की उसी भावना को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री को एक सफल और प्रभावशाली नेता के रूप में याद किया जाएगा।
ग्रामीण जल आपूर्ति के आँकड़ों का उल्लेख करते हुए सिंह ने बताया कि 2019 में जहाँ राजस्थान में लगभग 11.68 लाख घरों तक पेयजल पहुँचता था, वहीं मार्च 2025 तक यह संख्या बढ़कर 60 लाख से अधिक घरों तक पहुँच गई। 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान ने भारत की रणनीतिक शक्ति को विश्व के सामने रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संबोधन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समारोह में कहा कि शेखावत लोकतांत्रिक मर्यादाओं के रक्षक, गरीबों की आवाज़ और नैतिक राजनीति के प्रतीक थे। उन्होंने बताया कि शेखावत ने किसानों, मज़दूरों और समाज के सबसे वंचित तबकों के लिए निरंतर काम किया और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' दर्शन को ज़मीनी हकीकत में बदला।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शेखावत ने प्रशासनिक सुधारों, वित्तीय अनुशासन, जल संरक्षण, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। प्यार से 'धरती पुत्र' कहे जाने वाले शेखावत ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़े रहे और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जनसेवा की भावना से निरंतर प्रेरित करते रहे।
आगे क्या
'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का विधेयक संसद में विचाराधीन है और इस समारोह में राजनाथ सिंह द्वारा उसे शेखावत की विरासत से जोड़ना इस प्रस्ताव को ऐतिहासिक और वैचारिक वैधता देने का प्रयास माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जोड़ राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए शेखावत की विरासत को और मज़बूती से अपने आख्यान में समाहित करने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।