14 अगस्त 2026
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मनप्रीत सिंह का संकल्प: चौथा विश्व कप होगा आखिरी, 51 साल के पदक सूखे को खत्म करने की कसम

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मनप्रीत सिंह का संकल्प: चौथा विश्व कप होगा आखिरी, 51 साल के पदक सूखे को खत्म करने की कसम

सारांश

मनप्रीत सिंह का यह चौथा और संभवतः आखिरी विश्व कप है — और वह इसे खाली हाथ नहीं छोड़ना चाहते। 1975 के बाद से टूटे सपने को जोड़ने की कोशिश में, लगातार दो ओलंपिक पदक विजेता टीम अब विश्व कप के मंच पर इतिहास रचने को तैयार है।

मुख्य बातें

मनप्रीत सिंह ने कहा कि एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 उनके करियर का अंतिम विश्व कप हो सकता है।
यह मनप्रीत का चौथा हॉकी विश्व कप है; उनका लक्ष्य पहली बार विश्व कप पदक जीतना है।
भारत ने 1975 के बाद से हॉकी विश्व कप में कोई पदक नहीं जीता — 51 साल का सूखा।
टीम ने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में लगातार दो ओलंपिक पदक जीते हैं।
मनप्रीत ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह को दुनिया के बेहतरीन ड्रैग-फ्लिकर्स में से एक बताया।

भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 उनके करियर का अंतिम विश्व कप हो सकता है, और वह इसे खाली हाथ नहीं लौटना चाहते। जियोस्टार पर दिए एक इंटरव्यू में मनप्रीत ने कहा कि 51 साल से चले आ रहे विश्व कप पदक के सूखे को समाप्त करना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।

मनप्रीत का दृढ़ संकल्प

मनप्रीत ने कहा, "यह विश्व कप मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यह मेरा चौथा विश्व कप है। हमने लगातार दो ओलंपिक पदक जीते हैं, लेकिन विश्व कप पदक अभी भी बाकी है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि दोनों हों। मेरे लिए, यह मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है, इसलिए मैं इसी सोच के साथ इसे खेल रहा हूं।" उन्होंने जोड़ा, "मैंने वह हासिल करने का पक्का इरादा कर लिया है जो हमने अभी तक नहीं किया है।"

गौरतलब है कि भारत ने 1975 में आखिरी बार हॉकी विश्व कप पदक जीता था। तब से टीम इस खिताब के करीब तो आई, लेकिन पोडियम से दूर रही। इसके विपरीत, टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में लगातार दो ओलंपिक कांस्य पदक जीतकर टीम ने साबित किया है कि वह विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी है।

टीम की तैयारी और रणनीति

मनप्रीत ने टीम की तैयारियों को लेकर आत्मविश्वास जताया। उन्होंने कहा, "टीम के पास आगे बढ़ने के लिए अनुभव और प्रतिभा है। हमने अच्छी तैयारी की है, और भरोसा बहुत है। हमारी टीम में युवा और अनुभव का अच्छा बैलेंस है।" उन्होंने बताया कि कप्तान हरमनप्रीत सिंह, मंदीप सिंह और उन्होंने मिलकर युवा खिलाड़ियों के साथ अपने अनुभव साझा किए हैं — क्या काम किया, क्या नहीं, और हर मैच को पूरे फोकस के साथ कैसे खेलना है।

फिटनेस और डिफेंस पर विशेष जोर देते हुए मनप्रीत ने कहा, "हमारे कोच ने फिटनेस पर जोर दिया है क्योंकि हम जानते हैं कि फिट रहने से हमें श्रेष्ठ के खिलाफ मुकाबला करने में मदद मिलती है। हमने अपने डिफेंस पर भी कड़ी मेहनत की है। एक मजबूत डिफेंस हमें अटैक करने और गेम पर नियंत्रण रखने का आत्मविश्वास देता है।"

कप्तान हरमनप्रीत की तारीफ

मनप्रीत ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करते हैं, मुश्किल समय में खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं और दबाव में टीम को शांत रखते हैं। मनप्रीत के अनुसार, "वह दुनिया के बेस्ट ड्रैग-फ्लिकर्स में से एक हैं। उनके हिट्स में जबरदस्त ताकत और विविधता है, और जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तो वह हमेशा आगे आते हैं। उनके जैसा कप्तान होने से पूरी टीम को आत्मविश्वास मिलता है।"

ऐतिहासिक मौके पर भारत की उम्मीद

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी का ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ रहा है। टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में लगातार ओलंपिक पदक जीतने के बाद टीम इंडिया के पास यह साबित करने का सुनहरा मौका है कि वह विश्व कप के मंच पर भी अपनी छाप छोड़ सकती है। मनप्रीत को पूरा भरोसा है कि भारत फाइनल तक पहुँचेगा और 51 साल का पदक सूखा समाप्त करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विश्व कप में खाली हाथ लौटी। लगातार दो ओलंपिक पदक जीतने के बावजूद विश्व कप का 51 साल का सूखा यह सवाल उठाता है कि क्या टीम इंडिया की तैयारी और मानसिकता लंबे टूर्नामेंट प्रारूप के अनुकूल है। हरमनप्रीत और मनप्रीत जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों की उपस्थिति एक आखिरी सुनहरा मौका है — लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब नॉकआउट राउंड में दबाव चरम पर होगा।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनप्रीत सिंह ने हॉकी विश्व कप 2026 को आखिरी क्यों कहा?
मनप्रीत सिंह ने कहा कि यह उनका चौथा विश्व कप है और उम्र व करियर के इस पड़ाव को देखते हुए यह उनका आखिरी विश्व कप हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस टूर्नामेंट को पदक जीतकर यादगार बनाना चाहते हैं।
भारत ने आखिरी बार हॉकी विश्व कप पदक कब जीता था?
भारत ने आखिरी बार 1975 में हॉकी विश्व कप पदक जीता था, जो अब तक 51 साल पहले की बात है। इसके बाद से टीम विश्व कप के पोडियम से दूर रही है।
भारतीय हॉकी टीम के कप्तान कौन हैं और मनप्रीत ने उनके बारे में क्या कहा?
हरमनप्रीत सिंह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हैं। मनप्रीत ने उन्हें दुनिया के बेहतरीन ड्रैग-फ्लिकर्स में से एक बताया और कहा कि वह दबाव में टीम को शांत रखते हैं तथा मुश्किल समय में खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं।
भारत ने हाल के ओलंपिक में हॉकी में कौन-कौन से पदक जीते हैं?
भारत ने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में लगातार दो ओलंपिक पदक जीते हैं। इन सफलताओं के बाद टीम का आत्मविश्वास ऊँचा है और वह अब विश्व कप में भी पदक की दावेदार मानी जा रही है।
FIH हॉकी विश्व कप 2026 में भारत की तैयारी कैसी है?
मनप्रीत के अनुसार, टीम ने फिटनेस और डिफेंस पर विशेष ध्यान दिया है। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच अनुभव साझा किया गया है, और टीम हर मैच को पूरे फोकस के साथ खेलने की मानसिकता के साथ उतरेगी।
राष्ट्र प्रेस
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