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मनप्रीत सिंह बोले — हॉकी विश्व कप में पदक जीते बहुत समय हुआ, अब हासिल करना ज़रूरी

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मनप्रीत सिंह बोले — हॉकी विश्व कप में पदक जीते बहुत समय हुआ, अब हासिल करना ज़रूरी

सारांश

मनप्रीत सिंह का संदेश साफ है — विश्व कप में पदक का इंतजार अब और नहीं। जर्मनी पर 3-1 की जीत के बाद टीम का हौसला बुलंद है, और इंग्लैंड-पाकिस्तान के खिलाफ प्रो लीग मुकाबले असली परीक्षा से पहले की तैयारी बन गए हैं।

मुख्य बातें

पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा कि विश्व कप में पदक जीते काफी समय हो गया है और अब इसे हासिल करना ज़रूरी है।
भारत ने एफआईएच प्रो लीग 2025-26 के रॉटरडैम लेग में विश्व चैंपियन जर्मनी को 3-1 से हराया।
गोल करने वाले खिलाड़ी: मनदीप सिंह (7'), शिलानंद लाकड़ा (13'), नीलकांत शर्मा (35')।
इंग्लैंड और पाकिस्तान के खिलाफ प्रो लीग मैच विश्व कप तैयारी के लिहाज़ से अहम, क्योंकि दोनों भारत के विश्व कप ग्रुप में भी हैं।
मनप्रीत ने एशियन गेम्स को भी प्राथमिकता बताया, जहाँ ओलंपिक क्वालिफिकेशन दांव पर है।
मनप्रीत 413 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर भारत के सर्वाधिक कैप्ड खिलाड़ी और विश्व में पाँचवें स्थान पर हैं।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और देश के लिए सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड रखने वाले अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने 18 जून 2026 को कहा कि भारतीय हॉकी टीम आगामी विश्व कप में पदक जीतने में सक्षम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शीर्ष अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ हालिया प्रदर्शन ने टीम का आत्मविश्वास उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है।

विश्व कप को लेकर उम्मीद और उत्साह

मनप्रीत ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हम वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स को लेकर बहुत उत्साहित हैं। टीम का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। मुझे निजी तौर पर बहुत उम्मीद है कि हम विश्व कप में बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्व कप में पदक जीते हुए काफी लंबा अरसा बीत चुका है और अब इसे हासिल करना बेहद ज़रूरी है।

जर्मनी पर जीत से बढ़ा हौसला

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2025-26 के रॉटरडैम लेग में विश्व चैंपियन जर्मनी को 3-1 से हराया। मनदीप सिंह (7वें मिनट), शिलानंद लाकड़ा (13वें मिनट) और नीलकांत शर्मा (35वें मिनट) के गोलों से यह जीत दर्ज की गई। मनप्रीत ने कहा, "जर्मनी के खिलाफ हमारा पिछला मैच बहुत अच्छा था। हम नीदरलैंड के खिलाफ पहला मैच हार गए थे, लेकिन कुल मिलाकर टीम का प्रदर्शन अच्छा था।"

प्रो लीग — विश्व कप तैयारी की कसौटी

मनप्रीत ने बताया कि आगामी प्रो लीग मुकाबले, खासकर इंग्लैंड और पाकिस्तान के खिलाफ, टीम के लिए विशेष महत्व रखते हैं क्योंकि ये दोनों टीमें विश्व कप ग्रुप में भी भारत के साथ हैं। उन्होंने कहा, "ये तीनों टूर्नामेंट हमारे लिए बहुत ज़रूरी हैं। प्रो लीग में इंग्लैंड और पाकिस्तान के खिलाफ खेलना खुद को तैयार करने का एक अच्छा मौका होगा।"

एशियन गेम्स — ओलंपिक क्वालिफिकेशन दांव पर

33 वर्षीय मनप्रीत ने एशियन गेम्स को भी उतनी ही अहमियत दी। उन्होंने कहा, "एशियन गेम्स बहुत ज़रूरी हैं क्योंकि वहाँ ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन दांव पर लगा है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी टीम एक साथ कई बड़े लक्ष्यों की तैयारी में जुटी है।

रिकॉर्ड और वैश्विक पहचान

मनप्रीत सिंह अब तक 413 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और भारत की ओर से सर्वाधिक मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी हैं। वैश्विक स्तर पर वे पाँचवें स्थान पर हैं — उनसे आगे बेल्जियम के जॉन-जॉन डोहमेन (481), नीदरलैंड के ट्यून डी नूइजर (453), ऑस्ट्रेलिया के एडी ओकेनडेन (451) और ग्रेट ब्रिटेन के बैरी मिडलटन (432) हैं। उनका यह अनुभव और नेतृत्व क्षमता टीम के लिए बड़ी संपत्ति है — और उनके शब्दों में, अब सिर्फ प्रदर्शन नहीं, पदक चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक ऐसे खिलाड़ी की पीड़ा है जिसने 413 मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया लेकिन विश्व कप पदक से महरूम रहा। भारत की हॉकी पिछले कुछ वर्षों में ओलंपिक कांस्य (टोक्यो 2020) जैसी उपलब्धियाँ हासिल कर चुकी है, फिर भी विश्व कप में 1975 के बाद कोई पदक नहीं आया — यह अंतर किसी भी रणनीतिकार को असहज करता है। जर्मनी पर जीत प्रेरक है, लेकिन प्रो लीग और विश्व कप के बीच की खाई को पाटना होगा, क्योंकि बड़े टूर्नामेंट में दबाव का स्तर बिल्कुल अलग होता है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनप्रीत सिंह ने हॉकी विश्व कप पदक के बारे में क्या कहा?
मनप्रीत सिंह ने कहा कि भारत को विश्व कप में पदक जीते काफी समय हो गया है और अब इसे हासिल करना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने टीम के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए उम्मीद जताई कि भारत इस बार अच्छा प्रदर्शन करेगा।
भारत ने एफआईएच प्रो लीग में जर्मनी को कैसे हराया?
भारत ने एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2025-26 के रॉटरडैम लेग में विश्व चैंपियन जर्मनी को 3-1 से हराया। मनदीप सिंह, शिलानंद लाकड़ा और नीलकांत शर्मा ने गोल किए।
मनप्रीत सिंह का अंतरराष्ट्रीय हॉकी में क्या रिकॉर्ड है?
मनप्रीत सिंह ने भारत के लिए 413 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जो किसी भी भारतीय हॉकी खिलाड़ी से सर्वाधिक है। वैश्विक स्तर पर वे सर्वाधिक कैप्ड खिलाड़ियों की सूची में पाँचवें स्थान पर हैं।
इंग्लैंड और पाकिस्तान के खिलाफ प्रो लीग मैच भारत के लिए क्यों अहम हैं?
इंग्लैंड और पाकिस्तान दोनों भारत के विश्व कप ग्रुप में भी शामिल हैं। इसलिए प्रो लीग में इनके खिलाफ मुकाबले भारत को विश्व कप से पहले इन टीमों की रणनीति समझने और खुद को तैयार करने का मौका देते हैं।
एशियन गेम्स भारतीय हॉकी टीम के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं?
मनप्रीत सिंह के अनुसार एशियन गेम्स में ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन दांव पर लगा है। यही कारण है कि टीम विश्व कप के साथ-साथ एशियन गेम्स की तैयारी को भी बराबर प्राथमिकता दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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