15 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हरमनप्रीत सिंह का वर्ल्ड कप मंत्र: पाकिस्तान समेत हर विरोधी का सम्मान, भावनाओं पर काबू ज़रूरी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हरमनप्रीत सिंह का वर्ल्ड कप मंत्र: पाकिस्तान समेत हर विरोधी का सम्मान, भावनाओं पर काबू ज़रूरी

सारांश

वर्ल्ड कप से पहले कप्तान हरमनप्रीत सिंह का संदेश साफ है — पूल डी में वेल्स, पाकिस्तान और इंग्लैंड में से कोई भी 'आसान' नहीं है। भावनाओं पर काबू और रणनीतिक अनुशासन ही भारत की असली ताकत होगी, खासकर पाकिस्तान जैसे भावनात्मक रूप से भारी मुकाबले में।

मुख्य बातें

हरमनप्रीत सिंह ने एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप से पहले पूल डी के हर मैच को समान महत्व देने की अपील की।
भारत के पूल में वेल्स , पाकिस्तान और इंग्लैंड शामिल हैं।
कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ी सभी प्रतिद्वंद्वियों के वीडियो फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं।
कप्तान ने पाकिस्तान मैच में भावनाओं पर काबू रखने को सबसे बड़ी चुनौती बताया।
टीम की रणनीति: 60 मिनट में लय बनाए रखना और योजनाओं से न भटकना।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप से पहले स्पष्ट संदेश दिया है — पूल डी में वेल्स, पाकिस्तान और इंग्लैंड में से किसी को भी हल्के में नहीं लिया जाएगा। कप्तान ने ज़ोर देकर कहा कि वर्ल्ड कप के मंच पर हर मैच का दबाव अलग होता है और टीम को भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए अपनी रणनीतिक योजनाओं पर अडिग रहना होगा।

पूल डी की चुनौती और तैयारी

भारत को पूल डी में वेल्स, पाकिस्तान और इंग्लैंड के साथ रखा गया है। हरमनप्रीत ने बताया कि कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ी सभी प्रतिद्वंद्वियों के वीडियो फुटेज का गहन विश्लेषण कर रहे हैं और उन पहलुओं की पहचान कर रहे हैं जो टूर्नामेंट में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

कप्तान ने कहा, 'ज़्यादातर टीमें पर्सन-टू-पर्सन स्टाइल में खेलती हैं। पाकिस्तान अक्सर जोन और पर्सन-टू-पर्सन दोनों का मिलाजुला तरीका अपनाता है। हमने प्रो लीग में उनके खिलाफ खेला था और उन पहलुओं की पहचान की थी जिनमें हम सुधार कर सकते हैं। हमने कॉमनवेल्थ गेम्स में वेल्स के खिलाफ खेला था। हम वीडियो फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं और सभी के साथ अहम बातों पर चर्चा कर रहे हैं।'

कोई विरोधी आसान नहीं

हरमनप्रीत ने साफ किया कि पिछले मुकाबलों का अनुभव होने से वर्ल्ड कप के मैच आसान नहीं हो जाते। उन्होंने कहा, 'वर्ल्ड कप में कोई भी विरोधी आसान नहीं होता, इसलिए हम किसी को भी हल्के में नहीं ले सकते। हम एक-एक कदम आगे बढ़ रहे हैं और बहुत ज़्यादा नहीं सोच रहे हैं। वेल्स, इंग्लैंड, पाकिस्तान — लक्ष्य हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना और अपनी रणनीतियों को सही ढंग से लागू करना है।'

गौरतलब है कि वर्ल्ड कप में हर नतीजे का सीधा असर आगे की राह पर पड़ता है, इसलिए टीम प्रबंधन 'एक मैच एक समय' के सिद्धांत पर चल रहा है।

पाकिस्तान मैच: भावनाओं पर काबू सबसे बड़ी चुनौती

भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा से मैदान से परे भी रोमांच और तनाव से भरा रहता है। हरमनप्रीत का मानना है कि इस मैच में खिलाड़ियों के लिए सबसे अहम काम भावनाओं पर काबू पाना होगा, ताकि रणनीतिक योजनाएँ प्रभावित न हों।

उन्होंने कहा, 'योजना सरल है: मन को शांत रखें। बहुत ज़्यादा न सोचें और न ही बहुत ज़्यादा उत्साहित हों। दर्शक भी आपके साथ खेलते हैं, इसलिए इसे सहजता से लें और सकारात्मक रूप से इस्तेमाल करें।'

अनुशासन और लय बनाए रखना प्राथमिकता

हरमनप्रीत ने ज़ोर दिया कि मैच के माहौल या दबाव के कारण ट्रेनिंग के दौरान बनाई गई तैयारियों में कोई बदलाव नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुख्य प्राथमिकता सरल है — खेल पर ध्यान केंद्रित करना और दूसरी चीजों से ध्यान न भटकने देना। लय नहीं टूटनी चाहिए और योजनाओं में बदलाव नहीं होना चाहिए। उन 60 मिनटों के लिए हम सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए भावनाओं को काबू में रखना और साफ-सुथरा खेल खेलना ज़रूरी होगा।'

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी टीम हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मज़बूत प्रदर्शन के साथ वर्ल्ड कप में उतर रही है। कप्तान हरमनप्रीत की यह रणनीतिक स्पष्टता बताती है कि टीम ट्रॉफी के लिए पूरी तरह केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत-पाकिस्तान हॉकी मुकाबले का इतिहास बताता है कि मैदान पर यह अनुशासन बनाए रखना कितना कठिन होता है। असली सवाल यह है कि क्या टीम उस रणनीतिक शांति को बरकरार रख पाएगी जब स्टेडियम का माहौल चरम पर होगा। पिछले वर्ल्ड कपों में भारत अक्सर शुरुआती दबाव में अपनी संरचना खोता रहा है — कप्तान की यह सार्वजनिक प्रतिबद्धता उस पुराने पैटर्न को तोड़ने की कोशिश है, जिसकी परीक्षा असली मैच में होगी।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप में भारत के पूल डी में कौन-सी टीमें हैं?
भारत को पूल डी में वेल्स, पाकिस्तान और इंग्लैंड के साथ रखा गया है। यह एक चुनौतीपूर्ण ग्रुप है जिसमें भारत-पाकिस्तान जैसा भावनात्मक रूप से भारी मुकाबला भी शामिल है।
हरमनप्रीत सिंह ने पाकिस्तान मैच के बारे में क्या कहा?
हरमनप्रीत ने कहा कि पाकिस्तान मैच में भावनाओं पर काबू रखना सबसे ज़रूरी होगा। उन्होंने टीम से कहा कि दर्शकों के माहौल को सकारात्मक रूप से इस्तेमाल करें और रणनीतिक योजनाओं से न भटकें।
भारतीय हॉकी टीम वर्ल्ड कप की तैयारी कैसे कर रही है?
कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ी पूल डी की सभी टीमों के वीडियो फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं। हरमनप्रीत के अनुसार, टीम ने प्रो लीग और कॉमनवेल्थ गेम्स के अनुभव से विरोधियों की कमज़ोरियाँ पहचानी हैं।
हरमनप्रीत सिंह की वर्ल्ड कप रणनीति क्या है?
कप्तान की रणनीति 'एक मैच एक समय' पर आधारित है — मन शांत रखना, लय बनाए रखना और 60 मिनट तक तय योजनाओं पर अमल करना। उन्होंने किसी भी विरोधी को हल्के में न लेने पर ज़ोर दिया।
पाकिस्तान की हॉकी शैली कैसी है जिसका भारत सामना करेगा?
हरमनप्रीत के अनुसार, पाकिस्तान जोन और पर्सन-टू-पर्सन दोनों का मिलाजुला तरीका अपनाता है। भारत ने प्रो लीग में पाकिस्तान के खिलाफ खेला है और उन पहलुओं की पहचान की है जिनमें सुधार की गुंजाइश है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 4 घंटे पहले
  3. 5 घंटे पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले