भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की घर में हत्या, नया नौकर फरार
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल के सूरज नगर इलाके में 30 सितंबर 2026 को एक सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी राकेश अग्रवाल की उनके आवास में गला रेतकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में एक घरेलू सहायक मुख्य संदिग्ध है, जिसे हत्या से मात्र दो दिन पूर्व काम पर रखा गया था और जो घटना के बाद से फरार है।
मुख्य घटनाक्रम
रातीबड़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सूरज नगर में अग्रवाल का शव उनके घर के भीतर मिला। शव पर धारदार हथियार से किए गए कई वार के निशान थे। अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ उस आवास में रहते थे। शव की खोज के तुरंत बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। परिसर को सुरक्षित कर लिया गया और साक्ष्य संग्रह के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाया गया।
संदिग्ध घरेलू सहायक की भूमिका
जाँचकर्ताओं के अनुसार, अग्रवाल ने उस घरेलू सहायक को हत्या से लगभग दो दिन पहले ही नियुक्त किया था। घटना के बाद से वह व्यक्ति गायब है, जिसे पुलिस ने संदेह का प्रमुख आधार माना है। रातीबड़ पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "जाँच अभी शुरुआती दौर में है। घरेलू नौकर मुख्य संदिग्ध है क्योंकि घटना के बाद से वह गायब है। पुलिस टीमें उसकी तलाश कर रही हैं और सीसीटीवी फुटेज व अन्य सबूतों की जाँच की जा रही है।"
पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि संदिग्ध ने अकेले वारदात को अंजाम दिया या उसे किसी बाहरी व्यक्ति की मदद मिली। हत्या का मकसद भी अभी जाँच के दायरे में है।
फॉरेंसिक और तकनीकी जाँच
कई पुलिस टीमें फरार संदिग्ध की तलाश में जुटी हैं। जाँचकर्ता आवास और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि संदिग्ध की गतिविधियों और घटनाओं के क्रम को समझा जा सके। FSL टीमें घटनास्थल से एकत्र किए गए भौतिक साक्ष्यों का परीक्षण कर रही हैं।
पड़ोसियों और अन्य परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि हत्या के समय घर पर कोई अन्य व्यक्ति आया था या नहीं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
आगे की जाँच
पुलिस ने पुष्टि की है कि आगे की जाँच जारी है। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि पीड़ित एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी थे। गौरतलब है कि इस प्रकार की घटनाएँ — जहाँ नए नियुक्त घरेलू सहायक पर हत्या का संदेह हो — सुरक्षा एजेंसियों के लिए घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाती हैं। संदिग्ध की गिरफ्तारी और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद जाँच की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।