भोपाल: सेवानिवृत्त IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड का आरोपी वरुण कुमार आगरा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल पुलिस ने सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मुख्य आरोपी वरुण कुमार को 3 नवंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया — और गिरफ्तारी से पहले एक संक्षिप्त मुठभेड़ भी हुई। आरोपी अग्रवाल के घर में केयरटेकर के रूप में कार्यरत था और हत्या के बाद से फरार था।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
मंगलवार की सुबह पुलिस टीम आरोपी वरुण कुमार को आगरा से भोपाल ला रही थी। इसी दौरान मुगालिया छाप के निकट आरोपी ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई कर भागने की कोशिश की। पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के पैर में लगी। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की औपचारिक पुष्टि कर दी है।
हत्याकांड की पृष्ठभूमि
1982 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल 1 अक्टूबर की सुबह रतीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित अपने आवास में मृत पाए गए थे। पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर की रात किसी धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया गया था। घटना के समय उनकी पत्नी निशी अग्रवाल घर में ही दूसरे कमरे में थीं।
पुलिस का कहना है कि घर का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारियाँ खँगाली गई थीं। अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से गैस सिलेंडर का पाइप निकालकर आग लगाने का प्रयास भी किया था।
आरोपी की पृष्ठभूमि और फरारी
वरुण कुमार को हत्या से कुछ दिन पहले ही एक स्थानीय एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किया गया था। उसकी जिम्मेदारी पीठ दर्द से पीड़ित सेवानिवृत्त अधिकारी की 24 घंटे देखभाल करना था। अपराध के तुरंत बाद वह फरार हो गया। पुलिस टीमों ने उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन, मध्य प्रदेश के ग्वालियर और पंजाब समेत कई राज्यों में तलाशी अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सुरागों के आधार पर उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया गया।
एसआईटी गठन और इनाम की घोषणा
एआईजी उमेश तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया था। गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले के लिए ₹50,000 के इनाम की घोषणा की गई थी। गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर IAS एसोसिएशन ने गहरी चिंता जताई थी और प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव तथा मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर त्वरित कार्रवाई की माँग की थी।
आगे की जांच
पुलिस अब वरुण कुमार से हत्या के मकसद, अपराध की योजना, लूट की संभावना और फरारी के दौरान की गतिविधियों के बारे में विस्तृत पूछताछ करेगी। यह मामला सरकारी सेवकों की सुरक्षा और घरेलू सहायकों की पृष्ठभूमि जाँच पर भी सवाल खड़े करता है। जाँच के निष्कर्ष मामले की पूरी तस्वीर सामने लाने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।