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सेवानिवृत्त IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: CM मोहन यादव ने SIT गठन का दिया निर्देश

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सेवानिवृत्त IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: CM मोहन यादव ने SIT गठन का दिया निर्देश

सारांश

भोपाल में सेवानिवृत्त IAS राकेश अग्रवाल की हत्या के तीन सप्ताह बाद CM मोहन यादव ने SIT गठन का आदेश दिया। IAS संघ के ज्ञापन के बाद आया यह कदम उस मामले में जवाबदेही की मांग को रेखांकित करता है जिसमें मुख्य संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार अभी भी फरार है।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच के लिए SIT गठित करने का निर्देश दिया।
राकेश अग्रवाल ( 1982 बैच , मध्य प्रदेश कैडर) 30 सितंबर को भोपाल के सूरज नगर स्थित आवास 'सिद्धशिला' में गला कटा हुआ मृत पाए गए थे।
मुख्य संदिग्ध वरुण कुमार (27) , पटियाला के नाभा निवासी, घटना के बाद से फरार है; कई राज्यों में तलाशी जारी।
घर में LPG सिलेंडर के पाइप कटे मिले — आग लगाने का प्रयास होने के संकेत।
MP IAS अधिकारी संघ के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव सहित पदाधिकारियों ने CM को ज्ञापन सौंपकर स्वतंत्र जांच की मांग की।
SIT की संरचना और कार्यक्षेत्र की जानकारी शीघ्र जारी होने की उम्मीद।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया। 30 सितंबर को भोपाल के सूरज नगर स्थित उनके आवास में हुई इस हत्या के तीन सप्ताह से अधिक समय बाद यह निर्देश आया है। मामले की जांच अभी तक भोपाल पुलिस कर रही थी।

मुख्यमंत्री से मुलाकात और ज्ञापन

बुधवार शाम मध्य प्रदेश IAS अधिकारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री यादव से उनके आवास समत्व भवन में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में संघ के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव और वरिष्ठ IAS अधिकारी वी.एस. चौधरी कोलसानी सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

संघ ने एक ज्ञापन सौंपकर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की और इस घटना पर प्रशासनिक तंत्र तथा समाज के बीच व्याप्त गहरी चिंता को रेखांकित किया। अधिकारियों ने बताया कि SIT गठन का उद्देश्य भोपाल पुलिस की चल रही जांच को और मजबूत करना तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या

मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के अधिकारी राकेश अग्रवाल 30 सितंबर की सुबह रतिबाद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत सूरज नगर स्थित अपने आवास 'सिद्धशिला' में गला कटा हुआ मृत पाए गए थे। उनकी पत्नी ने अपने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद पाकर शव की खोज की।

अग्रवाल जिला कलेक्टर, सचिव और प्रतिष्ठित आरसीवीपी नोरोन्हा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ पदों पर सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। जांचकर्ताओं को घर में आग लगाने के प्रयास के संकेत भी मिले — घर में LPG सिलेंडर के पाइप कटे हुए पाए गए।

मुख्य संदिग्ध अभी भी फरार

पुलिस के अनुसार, पंजाब के पटियाला जिले के नाभा निवासी वरुण कुमार (27) — जो कि एक होम हेल्थकेयर एजेंसी के माध्यम से कुछ ही दिन पहले केयरटेकर-सह-पुरुष नर्स के रूप में नियुक्त हुआ था — घटना के बाद से लापता है और मुख्य संदिग्ध बना हुआ है।

कई राज्यों में तलाशी अभियान चलाए जाने और उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने पर इनाम की घोषणा के बावजूद वरुण कुमार अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। यह ऐसे समय में आया है जब IAS समुदाय में सेवानिवृत्त अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

SIT की संरचना और आगे का रास्ता

SIT की संरचना और उसके कार्यक्षेत्र की विस्तृत जानकारी शीघ्र ही जारी होने की संभावना है। गौरतलब है कि यह निर्देश IAS संघ के हस्तक्षेप के बाद आया — जो अपने आप में असाधारण है, क्योंकि नौकरशाहों का अपने ही समुदाय के किसी सदस्य से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री से औपचारिक जांच की मांग करना बेहद कम देखा जाता है।

आने वाले दिनों में SIT के गठन की आधिकारिक अधिसूचना और उसकी जांच की दिशा तय होने के साथ यह मामला और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि स्वत: स्फूर्त रूप से। यह सवाल उठाता है कि क्या एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या जांच के लिए संस्थागत दबाव की ज़रूरत पड़नी चाहिए थी। मुख्य संदिग्ध का तीन सप्ताह से अधिक समय तक फरार रहना — बहु-राज्यीय तलाशी और इनाम की घोषणा के बावजूद — समन्वित कानून प्रवर्तन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। SIT का असली मूल्य इसकी संरचना में नहीं, बल्कि इसकी स्वायत्तता और समयसीमा में होगा — जिसकी घोषणा अभी बाकी है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेवानिवृत्त IAS राकेश अग्रवाल की हत्या कब और कहाँ हुई?
राकेश अग्रवाल 30 सितंबर 2026 की सुबह भोपाल के सूरज नगर स्थित अपने आवास 'सिद्धशिला' में गला कटा हुआ मृत पाए गए। वे मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के IAS अधिकारी थे और जिला कलेक्टर, सचिव तथा RCVP नोरोन्हा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक जैसे वरिष्ठ पदों पर रह चुके थे।
इस मामले में SIT क्यों बनाई जा रही है?
CM मोहन यादव ने SIT गठन का निर्देश MP IAS अधिकारी संघ के ज्ञापन के बाद दिया, जिसमें निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की माँग की गई थी। मामले में मुख्य संदिग्ध तीन सप्ताह से अधिक समय से फरार है, जिससे जांच की गति और दिशा पर सवाल उठे। SIT का उद्देश्य भोपाल पुलिस की मौजूदा जांच को मजबूत करना और जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया गया है।
मुख्य संदिग्ध वरुण कुमार कौन है?
वरुण कुमार (27) पंजाब के पटियाला जिले के नाभा का निवासी है, जिसे एक होम हेल्थकेयर एजेंसी के माध्यम से राकेश अग्रवाल के यहाँ केयरटेकर-सह-पुरुष नर्स के रूप में हत्या से कुछ ही दिन पहले नियुक्त किया गया था। वह घटना के बाद से लापता है और पुलिस ने उसे मुख्य संदिग्ध घोषित करते हुए उसकी गिरफ्तारी पर इनाम की घोषणा की है।
IAS अधिकारी संघ ने CM से क्या मांग की?
MP IAS अधिकारी संघ के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव और आईएएस अधिकारी वी.एस. चौधरी कोलसानी सहित पदाधिकारियों ने CM यादव को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की माँग की। संघ ने इस घटना पर प्रशासन और समाज में व्याप्त गहरी चिंता का भी उल्लेख किया।
SIT की संरचना और जांच का दायरा क्या होगा?
SIT की संरचना और कार्यक्षेत्र की विस्तृत जानकारी अभी जारी नहीं हुई है और शीघ्र ही घोषित होने की उम्मीद है। फिलहाल मामले की जांच भोपाल पुलिस कर रही है और SIT के गठन से उस जांच को और मजबूती मिलने की बात कही जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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