भोपाल: रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड — केयरटेकर वरुण वाल्मीकि आगरा से गिरफ्तार, पकड़े जाने से पहले पुलिस पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल पुलिस ने सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड में 3 नवंबर 2026 को बड़ी सफलता हासिल की — आरोपी केयरटेकर वरुण वाल्मीकि को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया। करीब एक महीने की गहन तलाश, नौ राज्यों में 2,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की छानबीन और 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ के बाद यह कामयाबी मिली।
मुख्य घटनाक्रम
मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के IAS अधिकारी अग्रवाल की 30 सितंबर 2026 को भोपाल के सूरज नगर स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी निशी उसी समय पास के कमरे में सो रही थीं। घटना के बाद घर से नकदी, गहने और एक मोबाइल फोन गायब पाए गए थे।
वरुण को वर्मा होम हेल्थकेयर एंड हाउसकीपिंग सर्विसेज के ज़रिए हत्या से ठीक तीन दिन पहले रखा गया था — पीठ दर्द से पीड़ित अग्रवाल की देखभाल के लिए। पुलिस के अनुसार, यह उसकी पहले से सोची-समझी योजना थी या अचानक उठाया गया कदम, इसकी पड़ताल जारी है।
गुप्त अभियान और गिरफ्तारी
पुलिस आयुक्त संजय कुमार सिंह ने बताया कि अग्रवाल के आवास से चोरी हुए मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन आगरा में ट्रेस की गई, जिसके बाद जाँच का रुख बदला। इसके बाद ग्वालियर, आगरा, मथुरा, वृंदावन, दिल्ली समेत कई स्थानों पर टीमें तैनात की गईं।
आगरा में पुलिसकर्मियों ने चार दिनों तक गुप्त निगरानी की। सब्जी विक्रेताओं और रिक्शा चालकों से जुटाई गई जानकारी भी इस अभियान में सहायक रही। अंततः सोमवार शाम वरुण की पहचान की पुष्टि कर उसे हिरासत में ले लिया गया। उसकी गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम घोषित था।
भागने की कोशिश और मुठभेड़
मंगलवार सुबह जब वरुण को भोपाल लाया जा रहा था, तो मुगलिया छाप गाँव के पास उसने पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर साथ चल रहे अधिकारियों पर हमला किया और भागने की कोशिश की। झड़प के दौरान उसके पैर में गोली लगी और उसे हमीदिया अस्पताल, भोपाल में भर्ती कराया गया।
आरोपी का भागने का रूट
जाँच में सामने आया कि वारदात के बाद वरुण ने कोई सीधा रास्ता नहीं अपनाया। वह ग्वालियर, आगरा, मथुरा, वृंदावन, दिल्ली से होते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश, कुल्लू-मनाली और पठानकोट तक पहुँचा। बाद में दिल्ली लौटकर वह आगरा में छिपा था, जहाँ उसे पकड़ा गया।
आरोपी का बयान और आगे की जाँच
प्रारंभिक पूछताछ में वरुण ने बताया कि वह अग्रवाल के व्यवहार से नाराज था और बार-बार डाँटने से उसके मन में गुस्सा पैदा हुआ, जिसकी परिणति इस हमले में हुई। हालाँकि, पुलिस इस बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही है।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश IAS एसोसिएशन ने जाँच की धीमी गति पर चिंता जताई थी, जिसके बाद 21 अक्टूबर को एआईजी उमेश तिवारी की अध्यक्षता में एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस अब चोरी हुई नकदी, गहनों और अन्य सबूतों की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी रखे हुए है।
यह मामला सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा और हाउसकीपिंग एजेंसियों के ज़रिए भेजे जाने वाले कर्मचारियों के पर्याप्त सत्यापन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।