भोपाल में रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या: CM मोहन यादव ने DGP को सौंपी निगरानी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 1982 बैच के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी राकेश अग्रवाल की उनके घर में सोते समय गला रेतकर हत्या कर दी गई। 30 सितंबर को सामने आई इस घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) को मामले की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह हत्या लूट के इरादे से की गई और मुख्य संदिग्ध हाल ही में नियुक्त केयरटेकर है, जो मौके से फरार है।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ सूरज नगर, भोपाल में रहते थे। बुधवार की सुबह लगभग साढ़े पाँच बजे उनकी पत्नी मॉर्निंग वॉक पर निकलने से पहले उनके कमरे में गईं, तो उन्हें अग्रवाल खून से लथपथ अवस्था में मिले। गले पर चोट के गहरे निशान थे। पत्नी ने केयरटेकर को खोजा, परंतु वह कहीं नजर नहीं आया। इसके बाद उन्होंने दूसरे नौकर को फोन किया और दोनों ने मिलकर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर देखा कि हाथ और गले के जेवरात गायब थे। इसके अलावा, गैस सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला और पूरे घर में गैस भरी हुई थी — जिससे पुलिस को आशंका है कि हत्यारे ने हत्या के बाद घर में आग लगाने की भी कोशिश की।
केयरटेकर पर संदेह, जाँच जारी
एसीपी अंकिता ने बताया कि अग्रवाल ने एक एजेंसी के माध्यम से दो-तीन दिन पहले ही केयरटेकर को नियुक्त किया था। चूँकि वह केयरटेकर घटना के बाद से फरार है, इसलिए पुलिस की प्राथमिक आशंका उसी पर केंद्रित है। पुलिस के अनुसार, लूट के इरादे से यह हत्या किए जाने की संभावना प्रबल है। जाँच टीमें संदिग्ध की तलाश में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को 'अत्यंत दुखद' बताते हुए कहा कि 'राकेश अग्रवाल विनम्र एवं कर्मठ अधिकारी रहे, उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि।' उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों को चिन्हित कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राकेश अग्रवाल: एक परिचय
राकेश अग्रवाल 1982 बैच के IAS अधिकारी थे और 2016 में सेवानिवृत्त हुए थे। उनका एक बेटा है, जो अमेरिका में रहता है। सेवानिवृत्ति के बाद वे भोपाल में ही रह रहे थे।
आगे क्या होगा
पुलिस फरार केयरटेकर की सघन तलाश कर रही है। DGP स्तर पर निगरानी से स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस मामले को उच्च प्राथमिकता दे रही है। आने वाले दिनों में गिरफ्तारी और जेवरात की बरामदगी की दिशा में जाँच आगे बढ़ने की उम्मीद है।