जहानाबाद मुठभेड़: दीपक कुमार हत्याकांड का आरोपी रावण पैर में गोली लगने से घायल, पुलिस टीम पर की थी फायरिंग
सारांश
मुख्य बातें
जहानाबाद के धुरियारी गांव के समीप 21-22 मई की देर रात दीपक कुमार हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस और आरोपी रावण के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। हथियार बरामदगी अभियान के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद एसआईटी ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की।
मामले की पृष्ठभूमि
19 मई 2026 को भेलावर पुलिस स्टेशन में दीपक कुमार की हत्या का मामला दर्ज किया गया था। जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अपराजित लोहान के अनुसार, इस हत्याकांड के सिलसिले में आरोपी रावण को 21 मई को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि अपराध में इस्तेमाल हथियार उसने घोसी पुलिस स्टेशन क्षेत्र की एक नहर के पास छिपा रखा है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
एसपी लोहान ने बताया कि पुलिस टीम आरोपी को हथियार बरामद करने के लिए उस इलाके में ले गई। आरोपी ने पुलिस को कई स्थानों पर घुमाया। जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने झाड़ियों में छिपा हथियार निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गोली से पुलिस की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हुई।
आरोपी की स्थिति और उपचार
एसआईटी की जवाबी कार्रवाई में आरोपी रावण के पैर में गोली लगी। प्राथमिक उपचार के लिए उसे घोसी ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस के किसी जवान के घायल होने की सूचना नहीं है।
पोस्टमार्टम में देरी का विवाद
गौरतलब है कि एसपी लोहान ने 19 मई को पत्रकारों को बताया था कि भेलावर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचना मिली थी। परिजनों के आग्रह पर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन लगभग 7-8 घंटे बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों ने अलग-अलग कारण बताकर पोस्टमार्टम नहीं किया। इस देरी के कारण शव की स्थिति भी काफी खराब हो गई थी — यह पहलू जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
आगे की जांच
एसआईटी मामले की आगे की जांच जारी रखे हुए है। आरोपी रावण के उपचार के बाद उससे पुनः पूछताछ की जाएगी और हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।