14 जुलाई 2026
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राजनाथ सिंह ने 'शौर्य विजय यात्रा' को रवाना किया, बोले — अस्मिता पर उठी हर नजर का पूरी शक्ति से देंगे जवाब

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राजनाथ सिंह ने 'शौर्य विजय यात्रा' को रवाना किया, बोले — अस्मिता पर उठी हर नजर का पूरी शक्ति से देंगे जवाब

सारांश

कारगिल की 27वीं वर्षगाँठ से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'शौर्य विजय यात्रा' को रवाना किया — 1,900 किमी, 13 दिन, और एक संदेश: भारत की अस्मिता पर उठी हर नजर का जवाब पूरी शक्ति से दिया जाएगा।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली से शौर्य विजय यात्रा मोटरसाइकिल अभियान को रवाना किया।
अभियान 13 दिनों में 1,900 किलोमीटर की दूरी तय करेगा — दिल्ली से पंजाब, हिमाचल और लद्दाख होते हुए कारगिल तक।
बाइक सवार 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर कारगिल वॉर मेमोरियल पहुँचेंगे।
राजनाथ सिंह ने 1999 के ऑपरेशन विजय को साहस और राष्ट्रभक्ति का ऐसा अध्याय बताया जिसे विश्व की सेनाएँ आज भी सम्मान से देखती हैं।
अभियान का मोटो 'वन राइड, वन नेशन, वन सेल्यूट' है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शौर्य विजय यात्रा नामक विशेष मोटरसाइकिल अभियान को हरी झंडी दिखाई। यह अभियान कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती की पूर्व संध्या पर शुरू किया गया, जो कारगिल के अमर शहीदों की स्मृति और उनके अदम्य बलिदान को देशभर तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित है।

अभियान का मार्ग और लक्ष्य

यह मोटरसाइकिल अभियान राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली से प्रारंभ होकर सेना के चंडीमंदिर बेस से पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के दुर्गम पहाड़ी मार्गों से गुजरेगा। बाइक सवार 13 दिनों में लगभग 1,900 किलोमीटर की यात्रा तय करेंगे और 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल वॉर मेमोरियल पर पहुँचेंगे। अभियान का मोटो 'वन राइड, वन नेशन, वन सेल्यूट' है।

राजनाथ सिंह के उद्गार

रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कहा, 'कारगिल की विजय एक तिथि भर नहीं है — यह भारत का स्थायी संकल्प है कि हमारी भूमि, हमारी अस्मिता और हमारे सम्मान पर उठने वाली हर नजर का उत्तर भारत पूरी शक्ति से देगा।' उन्होंने 1999 के ऑपरेशन विजय को न केवल एक सैन्य विजय, बल्कि साहस, धैर्य, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का ऐसा अध्याय बताया जिसे विश्व की सेनाएँ आज भी अध्ययन और सम्मान की दृष्टि से देखती हैं।

राजनाथ सिंह ने कारगिल की भौगोलिक विषमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 20,000 फीट की ऊँचाई पर जहाँ ऑक्सीजन की कमी हो और तापमान माइनस 40 डिग्री तक गिर जाए, वहाँ भारतीय सैनिकों ने असंभव को संभव कर दिखाया। उनके शब्दों में, 'जहाँ प्रकृति ने रास्ते बंद कर दिए थे, वहाँ हमारे सैनिकों ने अपने साहस से इतिहास का नया रास्ता बना दिया।'

अभियान का राष्ट्रीय संदेश

रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि शौर्य विजय यात्रा केवल एक भौगोलिक यात्रा नहीं, बल्कि इतिहास, त्याग और राष्ट्रभक्ति से संवाद की यात्रा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान देशवासियों — विशेषकर युवाओं — में राष्ट्रभक्ति की नई चेतना जगाएगा और आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता की रक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि हमारी स्मृतियों और संस्कारों में भी होती है।

कारगिल विजय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत कारगिल की चोटियों पर पुनः तिरंगा फहराया था। इस संघर्ष में सैकड़ों भारतीय जवानों ने अपने प्राण न्यौछावर किए थे। 2026 में यह 27वीं वर्षगाँठ है, और शौर्य विजय यात्रा इसी स्मृति को जीवंत रखने का प्रयास है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत की सीमाओं पर सामरिक सतर्कता और राष्ट्रीय सुरक्षा की चर्चा नीतिगत विमर्श के केंद्र में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका असली मूल्य प्रतीकवाद से परे जाकर युवाओं में सेवा-भाव की ठोस प्रेरणा पैदा करने में होगा। राजनाथ सिंह का यह वक्तव्य — कि अस्मिता पर उठी हर नजर का जवाब दिया जाएगा — ऑपरेशन सिंदूर के बाद के राष्ट्रीय मिजाज को प्रतिबिंबित करता है, जहाँ रक्षा-विमर्श में आक्रामक आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से उभरा है। 1999 की विजय की स्मृति को जीवंत रखना ज़रूरी है, पर यह भी उतना ही ज़रूरी है कि नीतिगत स्तर पर सैनिकों के कल्याण और सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे में निरंतर निवेश हो — ताकि श्रद्धांजलि केवल अनुष्ठान न बने, बल्कि एक जीवंत प्रतिबद्धता बने।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शौर्य विजय यात्रा क्या है?
शौर्य विजय यात्रा एक विशेष मोटरसाइकिल अभियान है जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली से रवाना किया। यह अभियान कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि देने और उनके बलिदान की गाथा को देशभर में फैलाने के उद्देश्य से आयोजित है।
शौर्य विजय यात्रा का मार्ग और अवधि क्या है?
यह अभियान 13 दिनों में लगभग 1,900 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। नई दिल्ली से शुरू होकर यह चंडीमंदिर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के दुर्गम मार्गों से होते हुए 26 जुलाई को कारगिल वॉर मेमोरियल पर समाप्त होगा।
कारगिल विजय दिवस 2026 कब मनाया जाएगा?
कारगिल विजय दिवस प्रतिवर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। 2026 में यह 1999 के ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगाँठ है, जब भारतीय सेना ने कारगिल की चोटियों पर पुनः तिरंगा फहराया था।
राजनाथ सिंह ने कारगिल की परिस्थितियों के बारे में क्या कहा?
रक्षा मंत्री ने बताया कि कारगिल में लगभग 20,000 फीट की ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी और माइनस 40 डिग्री तापमान जैसी विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने असंभव को संभव कर दिखाया। उन्होंने ऑपरेशन विजय को विश्व की सेनाओं के लिए अध्ययन और सम्मान का विषय बताया।
इस अभियान का युवाओं के लिए क्या संदेश है?
राजनाथ सिंह ने कहा कि शौर्य विजय यात्रा देशवासियों — विशेषकर युवाओं — में राष्ट्रभक्ति की नई चेतना जगाएगी। उनके अनुसार, राष्ट्र की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि हमारी स्मृतियों और संस्कारों में भी होती है।
राष्ट्र प्रेस
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