क्या है रजनीकांत की सफलता का राज? वैरामुथु ने किया खुलासा
सारांश
Key Takeaways
- रजनीकांत का समर्पण उनकी सफलता का मुख्य कारण है।
- विनम्रता उनके व्यक्तित्व को और भी बड़ा बनाती है।
- सही खानपान और व्यायाम उनके जीवन का हिस्सा हैं।
- सफलता के लिए अनुशासन और ईमानदारी जरूरी है।
- प्रशंसकों के साथ संतुलित दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
चेन्नई, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सिनेमा के दिग्गज रजनीकांत को करोड़ों लोग केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रेरणा के रूप में देखते हैं। हाल ही में जब उन्हें प्रतिष्ठित 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया, तो यह उनके अभिनय या लोकप्रियता का नहीं, बल्कि उनके लंबे संघर्ष का भी सम्मान था, जिसने उन्हें सिनेमा की दुनिया में विशेष स्थान दिलाया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध और सात बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गीतकार वैरामुथु ने सोशल मीडिया पर एक विशेष पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने रजनीकांत की सफलता के पीछे छिपे सच को सरल और स्पष्ट शब्दों में बताया।
वैरामुथु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तमिल में एक विस्तृत पोस्ट लिखते हुए रजनीकांत को इस सम्मान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, ''रजनीकांत को यह अवॉर्ड मिलना पूरी तरह सही है क्योंकि उन्होंने अपने जीवन और करियर को जिस समर्पण से जिया है, वह एक बड़ा उदाहरण है।''
उन्होंने आगे कहा, ''रजनीकांत आज जिस स्थान पर हैं, उसकी वजह केवल उनकी अभिनय प्रतिभा नहीं, बल्कि उनके काम के प्रति ईमानदारी और अनुशासन भी है।''
वैरामुथु ने रजनीकांत के साथ कई फिल्मों में काम किया है और लंबे समय से उन्हें नजदीक से जानने का मौका मिला है। इन अनुभवों के आधार पर उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, ''रजनीकांत को सफलता कभी अचानक नहीं मिली, बल्कि यह उनके जीवन की प्राथमिकताओं के सही संतुलन का परिणाम है। वह हमेशा अपने काम को पहले रखते हैं और बाकी चीजें उसके बाद आती हैं। वह अपनी लोकप्रियता और स्टारडम का उपयोग कभी किसी अन्य क्षेत्र में करने का प्रयास नहीं करते। यह विनम्रता उनके व्यक्तित्व को और भी बड़ा बनाती है।''
उन्होंने कहा, ''रजनीकांत अपने प्रशंसकों के साथ एक संतुलित दूरी बनाए रखते हैं। वह उनसे बहुत निकट नहीं होते कि व्यक्तिगत सीमाएं टूट जाएं, और न ही इतने दूर कि उनके बीच दूरी आ जाए। यही संतुलन उनके और उनके प्रशंसकों के बीच वर्षों से प्यार और सम्मान का रिश्ता बनाए हुए है।''
वैरामुथु ने पोस्ट में रजनीकांत की जीवनशैली पर भी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने लिखा, ''रजनीकांत अपनी सेहत को लेकर बेहद सजग रहते हैं। सही खानपान और नियमित व्यायाम उनके जीवन का हिस्सा हैं, इसी कारण वह आज भी उम्र के इस पड़ाव पर बेहद फिट और चुस्त दिखाई देते हैं। वह नई पीढ़ी के लोगों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, लेकिन फिर भी अपनी असली पहचान नहीं खोते। वह बदलती दुनिया के साथ खुद को ढालते हैं, पर अपने मूल स्वभाव में कोई परिवर्तन नहीं लाते।''
पोस्ट में आगे, वैरामुथु ने कहा, ''रजनीकांत हमेशा विवादों से दूर रहना चाहते हैं, लेकिन समाज उन्हें अक्सर किसी न किसी मुद्दे में खींच लेता है। इसके बावजूद वह खुद कभी विवाद उत्पन्न करने का प्रयास नहीं करते। उनका यह स्वभाव उन्हें बाकी कई सितारों से अलग बनाता है।''
गीतकार ने रजनीकांत की विनम्रता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, ''रजनीकांत आम जनता के सामने हमेशा बहुत सादगी और नम्रता से प्रस्तुत होते हैं। यदि उनमें कहीं थोड़ी घमंड की भावना होती भी है, तो वह केवल उनके निजी जीवन तक सीमित रहती है और सार्वजनिक रूप से कभी नहीं दिखाई देती।''
वैरामुथु ने पोस्ट के अंत में एक गीत की पंक्तियों का उल्लेख किया, जो उन्होंने रजनीकांत की एक फिल्म के लिए लिखी थीं। उन्होंने कहा कि रजनीकांत अपने जीवन से उन पंक्तियों को सच साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, ''मेरा शरीर तब तक नहीं जलेगा, जब तक मैं अपनी सीमा को छू नहीं लेता।''