राम गोविंद चौधरी के निधन पर अखिलेश यादव का श्रद्धांजलि संदेश, बताया समाजवाद का 'प्रकाश-स्तंभ'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी के निधन पर 26 सितंबर 2026 को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें समाजवादी विचारधारा का 'प्रकाश-स्तंभ' निरूपित किया। लखनऊ से जारी अपने विस्तृत शोक संदेश में अखिलेश ने चौधरी के जीवन संघर्ष और वैचारिक योगदान को याद किया।
समाजवादी मशाल के वाहक
अखिलेश यादव ने कहा कि राम गोविंद चौधरी ने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजवादी मार्गदर्शक जय प्रकाश नारायण तथा पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की अगुवाई में समाजवादी मूल्यों, सिद्धांतों और लक्ष्यों की मशाल सदैव प्रज्ज्वलित रखी। उन्होंने बलिया की क्रांतिकारी धरती से छात्र राजनीति के कठिन मार्ग से होते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद प्राप्त किया।
सदन में अद्वितीय प्रभाव
सपा प्रमुख ने बताया कि जब राम गोविंद चौधरी सदन में बोलते थे, तो पूरा सदन शांति और गंभीरता से उन्हें सुनता था। उनके प्रखर वाचन और सत्यनिष्ठा से सदन सीख भी लेता था। अखिलेश ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में चौधरी ने उस कठिन दौर में भी अपनी आवाज बुलंद रखी, जब सपा के 50 विधायक भी नहीं थे।
सामाजिक न्याय के पुरोधा
सपा अध्यक्ष ने कहा कि राम गोविंद चौधरी की जमीनी पकड़ और जनता से गहरे जुड़ाव ने उन्हें सौहार्दपूर्ण व सकारात्मक सामाजिक राजनीति की एक सक्रिय पाठशाला बना दिया था। सामाजिक न्याय के पुरोधा के रूप में वह जीवनभर संघर्षरत रहे और जनपक्ष को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने संवैधानिक, लोकतांत्रिक, समाजवादी और पंथनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए निर्भय होकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी।
मुलायम सिंह यादव के साथ अटूट साथ
अखिलेश यादव ने कहा कि 'नेताजी' मुलायम सिंह यादव और राम गोविंद चौधरी का साथ समाजवादी संकल्पों की पूर्ति के संघर्ष में सदैव एकजुट रहा। सपा के लिए वे एक सशक्त समाजवादी नेतृत्व के रूप में दिग्दर्शक की भूमिका में रहे। उनका निधन समाजवादी आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
कार्यकर्ताओं से आह्वान
अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं और समाजवादियों से आह्वान किया कि वे अपने 'बड़ों के लक्ष्यों' की पूर्ति के लिए पूरे समर्पण और संकल्प के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि राम गोविंद चौधरी के विचार और संघर्ष समाजवादी कार्यकर्ताओं के लिए सदा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।