31 अगस्त 2026
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भवानी मंडी चुनाव: BJP के वरिष्ठ नेता रामलाल गुर्जर ने 40 साल बाद छोड़ी पार्टी, बहू संग थामा कांग्रेस का हाथ

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भवानी मंडी चुनाव: BJP के वरिष्ठ नेता रामलाल गुर्जर ने 40 साल बाद छोड़ी पार्टी, बहू संग थामा कांग्रेस का हाथ

सारांश

भवानी मंडी नगर परिषद चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन BJP के वरिष्ठ नेता रामलाल गुर्जर ने 40 साल की सदस्यता छोड़ बहू पिंकी व सुगना गुर्जर संग कांग्रेस का दामन थामा। 45 वार्डों वाले इस चुनाव में अब समीकरण बदलने की पूरी संभावना है।

मुख्य बातें

BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने 40 वर्षों बाद पार्टी छोड़ कांग्रेस की सदस्यता ली।
उनकी बहू पिंकी गुर्जर (पूर्व अध्यक्ष) और सुगना गुर्जर (पूर्व सांसद) भी कांग्रेस में शामिल हुईं।
भवानी मंडी नगर परिषद में 45 वार्ड हैं और 250 से अधिक उम्मीदवार चुनाव लड़ने की उम्मीद है।
वार्ड संख्या 4, 12, 14, 17, 26 और 33 बोर्ड गठन की दृष्टि से निर्णायक माने जा रहे हैं।
BJP और कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी नहीं की; AAP और निर्दलीय 'किंगमेकर' बन सकते हैं।

राजस्थान के भवानी मंडी नगर परिषद चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन 31 अगस्त को पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने लगभग 40 वर्षों की सदस्यता के बाद BJP छोड़ दी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) में शामिल हो गए। उनके साथ उनकी बहू और पूर्व अध्यक्ष पिंकी गुर्जर तथा पूर्व सांसद सुगना गुर्जर ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।

कांग्रेस में शामिल होने की वजह

रामलाल गुर्जर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि कांग्रेस ने उन्हें सम्मान और स्नेह दिया। उनके अनुसार, लगभग 40 वर्षों तक BJP से जुड़े रहने के बावजूद उन्होंने अंततः दल बदलने का फैसला किया। डग्ग विधानसभा क्षेत्र के उपाध्यक्ष चेतन गहलोत, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रॉड सिंह परमार और नगर निगम कांग्रेस अध्यक्ष विनय अस्तोलिया ने तीनों नेताओं को कांग्रेस का स्कार्फ भेंट कर औपचारिक रूप से पार्टी में स्वागत किया।

भवानी मंडी के राजनीतिक समीकरण पर असर

तीन प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के एक साथ कांग्रेस में शामिल होने से भवानी मंडी के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में उल्लेखनीय बदलाव आने की आशंका जताई जा रही है। भवानी मंडी नगर परिषद में कुल 45 वार्ड हैं और इस बार 250 से अधिक उम्मीदवारों के मैदान में उतरने की उम्मीद है। BJP और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी (AAP) और निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव में भाग लेने की तैयारी में हैं।

नौ वार्ड बनेंगे निर्णायक

चुनावी विश्लेषकों के अनुसार, नगर परिषद बोर्ड के गठन की दृष्टि से नौ वार्ड विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। इनमें वार्ड संख्या 4, 12, 14, 17, 26 और 33 प्रमुख माने जा रहे हैं। दोनों प्रमुख दल इन वार्डों में मज़बूत उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब BJP और कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी नहीं की है — रिपोर्टों के अनुसार, पार्टियाँ आंतरिक विद्रोह की संभावना को कम करने के लिए सूचियाँ देर से जारी करने की रणनीति अपना रही हैं।

बहुकोणीय मुकाबले की संभावना

कई वार्डों में त्रिकोणीय या चौतरफा मुकाबले की स्थिति बन सकती है, जिससे किसी भी एक दल के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल करना कठिन हो सकता है। ऐसे परिदृश्य में AAP और निर्दलीय पार्षद 'किंगमेकर' की भूमिका में आ सकते हैं। गौरतलब है कि जिन उम्मीदवारों को पसंदीदा पार्टी से टिकट नहीं मिलता, वे निर्दलीय के रूप में मैदान में उतर सकते हैं, जिससे मुकाबला और अधिक अप्रत्याशित हो जाएगा। नामांकन के बाद पार्टी चिन्हों के वितरण से चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थानीय BJP नेतृत्व में असंतोष का संकेत है — जो राजस्थान में भजनलाल सरकार के पहले वर्ष के दौरान पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव को उजागर करता है। तीन प्रमुख नामों का एक साथ जाना कांग्रेस के लिए प्रतीकात्मक लाभ से अधिक है; यह गुर्जर समुदाय में पैठ का सवाल है जो भवानी मंडी के कई वार्डों में निर्णायक भूमिका निभाता है। हालाँकि, दल-बदल के बाद जीत की गारंटी नहीं होती — असली परीक्षा मतदान के दिन होगी।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामलाल गुर्जर ने BJP क्यों छोड़ी?
रामलाल गुर्जर ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला इसलिए किया क्योंकि कांग्रेस ने उन्हें सम्मान और स्नेह दिया। वे लगभग 40 वर्षों से BJP से जुड़े थे।
भवानी मंडी नगर परिषद चुनाव में कितने वार्ड हैं?
भवानी मंडी नगर परिषद में कुल 45 वार्ड हैं। इस बार 250 से अधिक उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में उतरने की उम्मीद है।
पिंकी गुर्जर और सुगना गुर्जर कौन हैं?
पिंकी गुर्जर रामलाल गुर्जर की बहू और पूर्व अध्यक्ष हैं, जबकि सुगना गुर्जर पूर्व सांसद हैं। दोनों ने 31 अगस्त को रामलाल गुर्जर के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
भवानी मंडी में कौन-से वार्ड सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं?
वार्ड संख्या 4, 12, 14, 17, 26 और 33 को नगर परिषद बोर्ड गठन की दृष्टि से सबसे निर्णायक माना जा रहा है। इन वार्डों के परिणाम बहुमत के समीकरण तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
क्या भवानी मंडी में AAP भी चुनाव लड़ेगी?
रिपोर्टों के अनुसार, BJP और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी (AAP) और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। यदि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, तो AAP और निर्दलीय पार्षद 'किंगमेकर' बन सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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