दिल्ली रामलीला 2026: मालवीय नगर में भूमि पूजन, बांसुरी स्वराज और सतीश उपाध्याय हुए शामिल
सारांश
मुख्य बातें
श्रीराम धार्मिक रामलीला कमेटी ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ग्रीन पार्क वार्ड में भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित कर आगामी रामलीला की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सतीश उपाध्याय भी मौजूद रहे।
मुख्य घटनाक्रम
मालवीय नगर के साथ-साथ दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भी रविवार को भूमि पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो यह संकेत देते हैं कि इस वर्ष रामलीला उत्सव व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। यह आयोजन हर साल नवरात्रि और दशहरे से पहले परंपरागत रूप से किया जाता है, जिससे सांस्कृतिक तैयारियों का विधिवत आगाज होता है।
बांसुरी स्वराज की प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत में सांसद बांसुरी स्वराज ने श्रीराम धार्मिक रामलीला कमेटी को बधाई देते हुए कहा कि 'समिति वर्षों से सनातन संस्कृति के मूल्यों और परंपराओं को बच्चों तक पहुँचाने का कार्य कर रही है।' उन्होंने इसे 'सनातन संस्कृति और धर्म की सच्ची सेवा' बताया। स्वराज ने यह भी कहा कि इस बार रामलीला के साथ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे और उन्हें उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग इसमें भाग लेंगे। उन्होंने कहा, 'राम भारत की आत्मा हैं और राम नाम की महिमा से पूरा देश जुड़ा हुआ है।'
सतीश उपाध्याय का संदेश
BJP विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि 'राम भारत के कण-कण में बसे हैं।' उनके अनुसार रामलीला के माध्यम से समाज को मर्यादा, सदाचार और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया जाता है। उन्होंने शबरी और केवट जैसे प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रसंग सामाजिक समरसता और समानता की सीख देते हैं।
उपाध्याय ने यह भी कहा कि 'सभी के मन में राम हैं और हमें अपने भीतर मौजूद बुराइयों रूपी रावण का दहन करना है।' उनके अनुसार, राम केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि भारत की जीवन-पद्धति के प्रमुख आधारों में से एक हैं।
आम जनता पर असर
दिल्ली में रामलीला उत्सव हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और दर्शकों को एक साझा मंच पर लाता है। ग्रीन पार्क वार्ड सहित दिल्ली के अन्य इलाकों में भूमि पूजन का आयोजन यह दर्शाता है कि इस बार का आयोजन पहले से अधिक व्यापक और भव्य होगा।
क्या होगा आगे
भूमि पूजन के साथ ही रामलीला स्थलों पर मंच-निर्माण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रूपरेखा तैयार होनी शुरू हो जाती है। आने वाले सप्ताहों में नवरात्रि और दशहरे के अवसर पर पूरी दिल्ली में रामलीला के विभिन्न प्रसंग मंचित किए जाएंगे।