27 अगस्त 2026
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रांची: डॉ. दुर्गा चरण सिन्हा से ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला मुख्य आरोपी दीपू लोहरदगा से गिरफ्तार

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रांची: डॉ. दुर्गा चरण सिन्हा से ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला मुख्य आरोपी दीपू लोहरदगा से गिरफ्तार

सारांश

रांची में डॉ. दुर्गा चरण सिन्हा से ₹5 करोड़ की रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने वाले मुख्य आरोपी दीपू को पुलिस ने लोहरदगा से दबोचा। 29 जुलाई की रात 42 बार फोन कर डराने की इस घटना के पीछे संगठित गिरोह की आशंका, पूछताछ जारी।

मुख्य बातें

रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में डॉ.
दुर्गा चरण सिन्हा से ₹5 करोड़ की रंगदारी माँगी गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
मुख्य आरोपी दीपू को रांची पुलिस ने लोहरदगा से मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के ज़रिए गिरफ्तार किया।
29 जुलाई की रात आरोपियों ने डॉक्टर के मोबाइल पर 42 बार कॉल और मिस्ड कॉल किए।
आरोपियों ने पहले पैतृक ज़मीन खरीदने का बहाना बनाकर डॉक्टर से संपर्क किया था।
पुलिस को संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका; अन्य सदस्यों की तलाश जारी।

झारखंड की राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में चिकित्सक डॉ. दुर्गा चरण सिन्हा से ₹5 करोड़ की रंगदारी माँगने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपू को लोहरदगा से गिरफ्तार कर लिया है। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर की गई यह कार्रवाई 27 अगस्त को सामने आई।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, अशोक नगर निवासी डॉ. सिन्हा से आरोपियों ने उनकी पैतृक ज़मीन खरीदने का बहाना बनाकर संपर्क किया था। बातचीत के दौरान ही आरोपियों ने ₹5 करोड़ की रंगदारी की माँग कर दी। रकम न देने पर डॉक्टर को लोहरदगा में गोली मारकर हत्या करने की धमकी भी दी गई।

धमकी मिलने के बाद डॉ. सिन्हा ने तत्काल पुलिस को सूचित किया और उनकी लिखित शिकायत के आधार पर अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

रात में 42 बार आई कॉल

डॉ. सिन्हा ने पुलिस को बताया कि 29 जुलाई की रात उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से लगातार 42 बार कॉल और मिस्ड कॉल आए। इस लगातार दबाव और जान से मारने की धमकी के चलते डॉक्टर और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया था।

तकनीकी साक्ष्यों से हुई गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जाँच शुरू की और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) तथा मोबाइल लोकेशन डेटा खंगाला। तकनीकी विश्लेषण से आरोपी की मौजूदगी लोहरदगा में होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद रांची पुलिस की एक विशेष टीम ने वहाँ छापेमारी कर दीपू को हिरासत में ले लिया।

संगठित गिरोह की आशंका

पुलिस के अनुसार, आरोपी दीपू से पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि डॉक्टर को निशाना बनाने की योजना किसने बनाई थी। अधिकारियों को आशंका है कि इस रंगदारी के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और पूछताछ जारी है।

आगे क्या होगा

पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाँच आगे बढ़ाई जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार करने की कोशिश की जाएगी। यह मामला झारखंड में डॉक्टरों और व्यवसायियों को निशाना बनाकर की जा रही संगठित रंगदारी की बढ़ती घटनाओं की पृष्ठभूमि में और भी गंभीर हो जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या पूरे गिरोह तक पहुँचा जा सकेगा — क्योंकि अतीत में ऐसे मामलों में केवल निचले स्तर के आरोपी पकड़े जाते रहे हैं और सरगना बचते रहे हैं। रांची जैसे शहरों में पेशेवर वर्ग के खिलाफ बढ़ती रंगदारी की घटनाएँ कानून-व्यवस्था की उस खामी को उजागर करती हैं जिसे केवल एक गिरफ्तारी से नहीं भरा जा सकता।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची डॉक्टर रंगदारी मामले में क्या हुआ?
रांची के अशोक नगर निवासी डॉ. दुर्गा चरण सिन्हा से आरोपियों ने पैतृक ज़मीन खरीदने का बहाना बनाकर संपर्क किया और फिर ₹5 करोड़ की रंगदारी माँगी। रकम न देने पर लोहरदगा में गोली मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी दीपू को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन डेटा के विश्लेषण से आरोपी दीपू की मौजूदगी लोहरदगा में पाई। इसके बाद रांची पुलिस की टीम ने लोहरदगा में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने डॉक्टर को कितनी बार फोन किया था?
29 जुलाई की रात आरोपियों ने डॉ. सिन्हा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से लगातार 42 बार कॉल और मिस्ड कॉल किए और धमकी दी।
क्या इस मामले में कोई संगठित गिरोह शामिल है?
पुलिस को आशंका है कि रंगदारी माँगने के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है। आरोपी दीपू से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और योजनाकारों की पहचान की जा रही है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
आरोपी दीपू फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार करने की कोशिश की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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