रांची में पीएलएफआई की ₹50 लाख लेवी वसूली की कोशिश नाकाम, दो युवक गिरफ्तार; पर्चे और बाइक बरामद
सारांश
मुख्य बातें
रांची पुलिस ने 5 जून 2026 को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के लिए ₹50 लाख की रंगदारी वसूलने आए दो युवकों को नगड़ी थाना क्षेत्र, रांची में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान खूंटी जिले के बेलवादाग निवासी अरुण लोहरा (उम्र 19) और सूरज लोहरा (उम्र 18) के रूप में हुई है। उनके पास से संगठन के दो पर्चे, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक लाल रंग की अपाची मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, 22 मई को नगड़ी थाना क्षेत्र के साहेर गांव निवासी बजरंग महतो को व्हाट्सएप के ज़रिए ₹50 लाख की लेवी देने का संदेश भेजा गया था। संदेश में रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। इस शिकायत के आधार पर नगड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में उग्रवादी संगठनों द्वारा व्यापारियों और ग्रामीणों से डिजिटल माध्यमों से रंगदारी मांगने के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
एसआईटी का गठन और घेराबंदी
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) की निगरानी में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) द्वितीय अजय आर्यन के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया। तकनीकी शाखा और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि लेवी की रकम लेने के लिए संदिग्ध तुपुदाना स्थित सफायर स्कूल, बारहमाइल चौक के पास आने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर ली।
गिरफ्तारी और बरामदगी
घेराबंदी के दौरान लाल रंग की अपाची मोटरसाइकिल (JH01CX-4239) से पहुंचे दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर लेवी की राशि लेने आने की बात स्वीकार की। तलाशी में अरुण लोहरा के पास से पीएलएफआई के नाम पर जारी दो पर्चे मिले, जिन पर संगठन के शीर्ष उग्रवादी राजेश यादव का नाम दर्ज था।
आगे की जांच
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस लेवी वसूली की साजिश में शामिल अन्य आरोपियों और पीएलएफआई नेटवर्क की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस षड्यंत्र में और कौन-कौन से लोग शामिल थे।